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Deoria News: डॉयल 112 में तैनात सिपाही के परिजन मिले एसपी से
Sun, 07 Apr 2024 12:22 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Sun, 07 Apr 2024 12:22 AM IST
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फोटो समाचार......
एसपी ने घटना पर जताया दुख, आश्रित को नौकरी या फिर पेंशन मुहैया कराने की कही बात
एसपी ने हर संभव मदद का दिया भरोसा
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। गोरखपुर के झंगहा थाने के अमडीहा के टोला मोहिया निवासी दुर्गेश पासवान जिले के खामपार थाने में डॉयल 112 में सिपाही के पद पर तैनात थे। खामपार से दो दिन की छुट्टी लेकर वह अपने गांव गए थे। बृहस्पतिवार की शाम चाचा के घर आयोजित जन्मदिन पार्टी में से चुपके से घर आए। परिवार के सभी सदस्य चाचा के घर पर ही मौजूद थे। इधर, जब परिजन घर आए तो देखे कि दुर्गेश साड़ी के फंदे से लटके थे। इसके बाद परिजनों में चीख-पुकार मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया। शुक्रवार को परिजनों ने शव का दाह संस्कार कर दिया। शनिवार को मृत सिपाही की मां शुभावती देवी, उसका बड़ा भाई पन्नेलाल देवरिया एसपी संकल्प शर्मा के पास पहुंचे। एसपी ने इस घटना पर दुख जताया और परिजनों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। मृत सिपाही के भाई पन्नेलाल ने बताया कि एसपी ने भाई की मौत के बाद आश्रितों को नौकरी देने या फिर पेंशन योजना का लाभ देने की बात कही है। पन्नेलाल की मानें तो गौरीबाजार में तैनाती के दौरान दुर्गेश की डॉयल 112 के प्रभारी से कहासुनी हो गई थी। इस मामले में वरीय पदाधिकारियों से शिकायत भी की गई थी। शिकायत दुर्गेश ने की थी कि प्रभारी ने, इसकी जानकारी नहीं है। उस घटना के बाद से दुर्गेश तनाव में थे। इसी बीच उन्हें गौरीबाजार से खामपार थाने भेज दिया गया। इसके बाद वह डिप्रेसन में चले गए और इतना बड़ा कदम उठा लिए।
उन्होंने एसपी से जांच करने की गुहार लगाई है। पन्नेलाल व उनकी मां के साथ चाचा अक्षयलाल, चचेरा भाई चंद्रशेखर, पूर्व प्रधान जगदीश पासवान, राजेंद्र प्रसाद आदि मौजूद रहे।
विवाद के बाद तनाव में थे दुर्गेश
श्राद्धक्रम के बाद एसपी को दी जाएगी तहरीर, एसपी ने न्याय दिलाने की कही है बात
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। खामपार थाने में तैनात सिपाही दुर्गेश पासवान महज तीन दिन ड्यूटी करने के बाद दो दिन के अवकाश पर चले गए। शुक्रवार को वह ड्यूटी पर आने वाले थे। इसी बीच खामपार थाने की पुलिस को उनकी मौत की सूचना मिली। मृत सिपाही के भाई पन्नेलाल की मानें तो इससे पहले वह गौरीबाजार थाने के डॉयल 112 में तैनात थे। बीते 24 मार्च को किसी बात को लेकर डॉयल 112 के प्रभारी से कहासुनी हो गई थी। शायद प्रभारी ने उनके खिलाफ विभागीय रपट भी लिखाई थी। इसके बाद दुर्गेश तनाव में चले गए। इस घटना के पांच दिन बाद 30 मार्च को वह खामपार थाने चले गए। इसके बाद वह डिप्रेशन में थे। खामपार थाने से जानकारी मिली कि तीन दिन ड्यूटी करने के बाद दुर्गेश ने दो दिन का अवकाश लिया था। घर आने के बाद से वह उदास चल रहे थे। इसी बीच दुर्गेश ने इतना बड़ा फैसला ले लिया। दुर्गेश परिवार के इकलौते कमाऊ सदस्य थे। उनकी मौत ने सबको झकझोर कर रख दिया है। भाई ने कहा कि एसपी ने न्याय दिलवाने का दिलासा दिया है। श्राद्धक्रम के बाद तहरीर दी जाएगी। भाई ने आत्महत्या नहीं की है बल्कि उन्हें मजबूर किया गया है। मजबूर करने वाले के विरुद्ध जब तक कोई कार्रवाई नहीं होगी, तब तक उनकी आत्मा को शांति नहीं मिलेगी।
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कोट
परिजन मिलने आए थे। उन्होंने अपनी आपबीती सुनाई। मेरी तरफ से जो सहयोग होगा, उनकी मदद की जाएगी। परिजनों ने अभी किसी प्रकार का कोई आरोप नहीं लगाया है। अगर तहरीर देते हैं तो जांच कराई जाएगी।
-संकल्प शर्मा, एसपी
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एसपी ने घटना पर जताया दुख, आश्रित को नौकरी या फिर पेंशन मुहैया कराने की कही बात
एसपी ने हर संभव मदद का दिया भरोसा
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। गोरखपुर के झंगहा थाने के अमडीहा के टोला मोहिया निवासी दुर्गेश पासवान जिले के खामपार थाने में डॉयल 112 में सिपाही के पद पर तैनात थे। खामपार से दो दिन की छुट्टी लेकर वह अपने गांव गए थे। बृहस्पतिवार की शाम चाचा के घर आयोजित जन्मदिन पार्टी में से चुपके से घर आए। परिवार के सभी सदस्य चाचा के घर पर ही मौजूद थे। इधर, जब परिजन घर आए तो देखे कि दुर्गेश साड़ी के फंदे से लटके थे। इसके बाद परिजनों में चीख-पुकार मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया। शुक्रवार को परिजनों ने शव का दाह संस्कार कर दिया। शनिवार को मृत सिपाही की मां शुभावती देवी, उसका बड़ा भाई पन्नेलाल देवरिया एसपी संकल्प शर्मा के पास पहुंचे। एसपी ने इस घटना पर दुख जताया और परिजनों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। मृत सिपाही के भाई पन्नेलाल ने बताया कि एसपी ने भाई की मौत के बाद आश्रितों को नौकरी देने या फिर पेंशन योजना का लाभ देने की बात कही है। पन्नेलाल की मानें तो गौरीबाजार में तैनाती के दौरान दुर्गेश की डॉयल 112 के प्रभारी से कहासुनी हो गई थी। इस मामले में वरीय पदाधिकारियों से शिकायत भी की गई थी। शिकायत दुर्गेश ने की थी कि प्रभारी ने, इसकी जानकारी नहीं है। उस घटना के बाद से दुर्गेश तनाव में थे। इसी बीच उन्हें गौरीबाजार से खामपार थाने भेज दिया गया। इसके बाद वह डिप्रेसन में चले गए और इतना बड़ा कदम उठा लिए।
उन्होंने एसपी से जांच करने की गुहार लगाई है। पन्नेलाल व उनकी मां के साथ चाचा अक्षयलाल, चचेरा भाई चंद्रशेखर, पूर्व प्रधान जगदीश पासवान, राजेंद्र प्रसाद आदि मौजूद रहे।
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विवाद के बाद तनाव में थे दुर्गेश
श्राद्धक्रम के बाद एसपी को दी जाएगी तहरीर, एसपी ने न्याय दिलाने की कही है बात
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देवरिया। खामपार थाने में तैनात सिपाही दुर्गेश पासवान महज तीन दिन ड्यूटी करने के बाद दो दिन के अवकाश पर चले गए। शुक्रवार को वह ड्यूटी पर आने वाले थे। इसी बीच खामपार थाने की पुलिस को उनकी मौत की सूचना मिली। मृत सिपाही के भाई पन्नेलाल की मानें तो इससे पहले वह गौरीबाजार थाने के डॉयल 112 में तैनात थे। बीते 24 मार्च को किसी बात को लेकर डॉयल 112 के प्रभारी से कहासुनी हो गई थी। शायद प्रभारी ने उनके खिलाफ विभागीय रपट भी लिखाई थी। इसके बाद दुर्गेश तनाव में चले गए। इस घटना के पांच दिन बाद 30 मार्च को वह खामपार थाने चले गए। इसके बाद वह डिप्रेशन में थे। खामपार थाने से जानकारी मिली कि तीन दिन ड्यूटी करने के बाद दुर्गेश ने दो दिन का अवकाश लिया था। घर आने के बाद से वह उदास चल रहे थे। इसी बीच दुर्गेश ने इतना बड़ा फैसला ले लिया। दुर्गेश परिवार के इकलौते कमाऊ सदस्य थे। उनकी मौत ने सबको झकझोर कर रख दिया है। भाई ने कहा कि एसपी ने न्याय दिलवाने का दिलासा दिया है। श्राद्धक्रम के बाद तहरीर दी जाएगी। भाई ने आत्महत्या नहीं की है बल्कि उन्हें मजबूर किया गया है। मजबूर करने वाले के विरुद्ध जब तक कोई कार्रवाई नहीं होगी, तब तक उनकी आत्मा को शांति नहीं मिलेगी।
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परिजन मिलने आए थे। उन्होंने अपनी आपबीती सुनाई। मेरी तरफ से जो सहयोग होगा, उनकी मदद की जाएगी। परिजनों ने अभी किसी प्रकार का कोई आरोप नहीं लगाया है। अगर तहरीर देते हैं तो जांच कराई जाएगी।
-संकल्प शर्मा, एसपी