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साल भर से कर रहे माथापच्ची, नहीं घोषित कर सके नॉन वेंडिंग जोन
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मोतीलाल रोड पर ठेला खुमचा के चलते हर रोज लगता है जाम।
- फोटो : DEORIA
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साल भर से कर रहे माथापच्ची, नहीं घोषित कर सके नॉन वेंडिंग जोन
देवरिया। एक साल से अधिक गुजर गए शहर में पथ विक्रय समिति का गठन हुए, लेकिन असल मुद्दे पर समिति की सहमति नहीं बन पाई है। जितनी बार बैठक हुई उसमें शहर को वेंडिंग और नॉन वेंडिग जोन बनाने का प्रस्ताव लाया गया। हर बार की कार्रवाई कागजी बनकर रह गई। शासन की मंशा को धरातल पर नहीं उतारा जा सका। यही कारण है कि शहर के सभी मुख्य मार्गों पर रोजाना जाम लग रहा है। चंद कदम की दूरी तय करने में राहगीरों के पसीने छूट जाते हैं।
शहर के मोतीलाल रोड की बात करें तो यहां बार-बार रेलवे फाटक बंद होने से ट्रैफिक का दबाव रहता है। फिर भी रेलवे फाटक के समीप से मोतीलाल रोड, स्टेशन रोड तक तमाम ठेला-खोमचा सड़क पर लग रहे हैं। उस पार भीखमपुर रोड और रागिनी मोड़ की ओर जाने वाली सड़क का भी यही हाल है। जलकल रोड में फूल की दुकानें भले ही नालियों पर हैं, लेकिन खरीदारों की भीड़ और बीच सड़क पर गाड़ी सजावट होने से हमेशा जाम की स्थिति बनी रहती है। कोतवाली रोड पर दुकानें लगने से हमेशा पुलिस को भी जाम से जूझना पड़ता है।
इन मार्गों को होना है नॉन वेंडिंग जोन
सीसी रोड, कोऑपरेटिव चौराहा से हनुमान मंदिर, पुलिस लाइंस परिक्षेत्र, कसया बाईपास रोड, परशुराम चौक से भुजौली कॉलोनी चौराहा, स्टेशन रोड, गोरखपुर रोड, भीखमपुर रोड नॉन वेंडिंग जोन बनाने के लिए पथ विक्रय समिति के समक्ष प्रस्तावित है।
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इन मार्गों को होना है वेंडिंग जोन
चिरैया ढाला, दीनदयाल पार्क के चारों ओर की सड़क, छोटा पार्क दक्षिण पटरी, रागिनी मोड़ ओवर ब्रिज के नीचे वेंडिंग जोन के लिए प्रस्तावित है। इसके अलावा जब तक पटरी व्यवसायियों के लिए कोई दूसरी जगह नहीं मिलती तब तक जलकल व मोतीलाल रोड को भी वेंडिंग जोन में रखने का प्रस्ताव है।
इसलिए नहीं बन पा रही सहमति
प्रस्तावित नॉन वेंडिंग जोन में जितनी दुकानें लग रही हैं उन्हें व्यवसाय के अनुकूल जगह देखकर शिफ्ट किया जाना है। जिला प्रशासन की ओर से पथ विक्रेताओं को जो जगह दी जा रही है उससे वह संतुष्ट नहीं हैं। वहां जहां दुकान लगाने की मांग कर रहे वहां प्रशासनिक अधिकारी सहमत नहीं हैं। यही कारण है कि साल भर से चल रही माथापच्ची के बाद भी नॉन वेंडिंग जोन बनाकर शहर को जाम से निजात दिलाने का फार्मूला कामयाब नहीं हो पा रहा है।
शहर के कुछ मार्गों को नॉन वेंडिंग जोन घोषित किया जाना है। पथ विक्रय समिति की बैठक में इस पर चर्चा की गई थी। जल्द ही पथ विक्रेताओं से सामंजस्य बनाकर उन्हें वेंडिंग जोन में शिफ्ट किया जाएगा।
- दीपक पति तिवारी, प्रभारी टीऐस, सचिव पथ विक्रय समिति
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देवरिया। एक साल से अधिक गुजर गए शहर में पथ विक्रय समिति का गठन हुए, लेकिन असल मुद्दे पर समिति की सहमति नहीं बन पाई है। जितनी बार बैठक हुई उसमें शहर को वेंडिंग और नॉन वेंडिग जोन बनाने का प्रस्ताव लाया गया। हर बार की कार्रवाई कागजी बनकर रह गई। शासन की मंशा को धरातल पर नहीं उतारा जा सका। यही कारण है कि शहर के सभी मुख्य मार्गों पर रोजाना जाम लग रहा है। चंद कदम की दूरी तय करने में राहगीरों के पसीने छूट जाते हैं।
शहर के मोतीलाल रोड की बात करें तो यहां बार-बार रेलवे फाटक बंद होने से ट्रैफिक का दबाव रहता है। फिर भी रेलवे फाटक के समीप से मोतीलाल रोड, स्टेशन रोड तक तमाम ठेला-खोमचा सड़क पर लग रहे हैं। उस पार भीखमपुर रोड और रागिनी मोड़ की ओर जाने वाली सड़क का भी यही हाल है। जलकल रोड में फूल की दुकानें भले ही नालियों पर हैं, लेकिन खरीदारों की भीड़ और बीच सड़क पर गाड़ी सजावट होने से हमेशा जाम की स्थिति बनी रहती है। कोतवाली रोड पर दुकानें लगने से हमेशा पुलिस को भी जाम से जूझना पड़ता है।
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इन मार्गों को होना है नॉन वेंडिंग जोन
सीसी रोड, कोऑपरेटिव चौराहा से हनुमान मंदिर, पुलिस लाइंस परिक्षेत्र, कसया बाईपास रोड, परशुराम चौक से भुजौली कॉलोनी चौराहा, स्टेशन रोड, गोरखपुर रोड, भीखमपुर रोड नॉन वेंडिंग जोन बनाने के लिए पथ विक्रय समिति के समक्ष प्रस्तावित है।
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इन मार्गों को होना है वेंडिंग जोन
चिरैया ढाला, दीनदयाल पार्क के चारों ओर की सड़क, छोटा पार्क दक्षिण पटरी, रागिनी मोड़ ओवर ब्रिज के नीचे वेंडिंग जोन के लिए प्रस्तावित है। इसके अलावा जब तक पटरी व्यवसायियों के लिए कोई दूसरी जगह नहीं मिलती तब तक जलकल व मोतीलाल रोड को भी वेंडिंग जोन में रखने का प्रस्ताव है।
इसलिए नहीं बन पा रही सहमति
प्रस्तावित नॉन वेंडिंग जोन में जितनी दुकानें लग रही हैं उन्हें व्यवसाय के अनुकूल जगह देखकर शिफ्ट किया जाना है। जिला प्रशासन की ओर से पथ विक्रेताओं को जो जगह दी जा रही है उससे वह संतुष्ट नहीं हैं। वहां जहां दुकान लगाने की मांग कर रहे वहां प्रशासनिक अधिकारी सहमत नहीं हैं। यही कारण है कि साल भर से चल रही माथापच्ची के बाद भी नॉन वेंडिंग जोन बनाकर शहर को जाम से निजात दिलाने का फार्मूला कामयाब नहीं हो पा रहा है।
शहर के कुछ मार्गों को नॉन वेंडिंग जोन घोषित किया जाना है। पथ विक्रय समिति की बैठक में इस पर चर्चा की गई थी। जल्द ही पथ विक्रेताओं से सामंजस्य बनाकर उन्हें वेंडिंग जोन में शिफ्ट किया जाएगा।
- दीपक पति तिवारी, प्रभारी टीऐस, सचिव पथ विक्रय समिति