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Deoria News: अल्ट्रासाउंड कक्ष में लगी रहेगी पंजीकरण प्रमाण पत्र की प्रति

Fri, 06 Sep 2024 04:49 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया Updated Fri, 06 Sep 2024 04:49 AM IST
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Deoria News: Copy of registration certificate will be kept in the ultrasound room
देवरिया। जिले के सभी प्रबंधक, चिकित्सक, संचालक अल्ट्रा साउंड सेंटर, अनुवांशिकी परामर्श केंद्र, इमेजिंग सेंटरों के संचालन के शर्तों के बारे जानकारी दी गई। जिलाधिकारी दिव्या मित्तल के निर्देश पर सीएमओ डॉ. राजेश झा ने कहा कि अल्ट्रासाउंड कक्ष में पंजीकरण प्रमाण पत्र की प्रति लगी होनी चाहिए और कक्ष के अंदर व बाहर अल्ट्रासोनोलॉजिस्ट की फोटो नाम के साथ लगी होनी चाहिए।
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कहा कि अल्ट्रासाउंड का कार्य करते समय अल्ट्रासोनोलॉजिस्ट के पहनी गई ड्रेस पर नेमप्लेट लगा हो, उस नाम और पदनाम लिखा होना चाहिए। प्रदर्शित करेंगे एवं अल्ट्रासाउंड सेंटर में कार्यरत समस्त कर्मचारी निर्धारित ड्रेस में अपना नाम व पदनाम प्रदर्शित करेंगे। प्रत्येक अल्ट्रासाउंडर सेंटर की ओर से फार्म डीईएफ, जी, जो लागू हो नियमित रूप से भरा जाए। पोर्टल पर आनलाइन फार्म एफ चढ़ाया जाना जरूरी होगा। प्रत्येक अल्ट्रासाउंड सेंटर द्वारा की गई सभी गर्भधारण पूर्व व गर्भावस्था से संबंधित प्रक्रियाओं एवं तकनीक, परीक्षणों के बाबत एक पूर्ण रिपोर्ट हर माह के बाबत आने वाली माह की पांचवीं तारीख तक हार्ड कापी सीएमओ कार्यालय भेजेंगे। हर अल्ट्रासाउंड सेंटर पर जांच कराने वाले व्यक्तियों का एक रजिस्टर रखा जाए, जिसमें उनका पूरा विवरण दर्ज रहे।
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कहा कि अल्ट्रासाउंड से संबंधित सभी अभिलेख सहमति प्रारुपों, प्रयोगशाला परिणाम, सूक्ष्मदर्शी चित्र, सोनोग्राफी प्लेट व स्लाइड, सिफारिशों और पत्र परामर्श, प्रसव पूर्व प्रक्रिया व प्रसव पूर्व निदान परीक्षण के पूरा होने की तारीख से दो वर्ष की अवधि के लिए सुरक्षित रखे जाएंगे। किसी विधि कार्रवाई की दशा में अभिलेखों को विधि कार्रवाई के अंतिम निपटारे तक या दो वर्ष की उक्त अवधि के समाप्त होने तक सुरक्षित रखा जाए। अल्ट्रासाउंड सेंटर पर स्पष्ट रूप से सार्वजनिक रूप से यह सूचना कि भ्रूण का लिंग प्रकट करना विधि के अधीन निषिद्ध हैं अंग्रेजी और स्थानीय भाषा में अपने परिसरों में लिखा रहेगा। अल्ट्रासाउंड सेंटर में तैनात अल्ट्रासोनोलॉजिस्ट के परामर्श का समय अंकित किया जाए और इस संबंध में शपथ पत्र देना होगा। जिस दिन सेंटर पर अल्ट्रासोनोलॉजिस्ट अनुपस्थित रहेंगे, उस दिन नोटिस बोर्ड पर सूचना चस्पा की जाए। हर सेंटर को पीसीपीएनडीटी अधिनियम 1994 की एक प्रति रखना होगा।
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किसी भी सेंटर के अल्ट्रासोनोलॉजिस्ट व स्वामी, कर्मचारी, कोई अन्य व्यक्ति किसी तरीके से भ्रूण के लिंग का पता लगाने व उसे प्रकट करने का कार्य न करे। अल्ट्रासाउंड सेंटर पर रोगियों के पीने के लिए पानी, शौचालय की व्यवस्था की रहे। मरीजों के बैठने के लिए वेटिंग हॉल की व्यवस्था होनी चाहिए। दिव्यांग रोगियों के लिए व्हील चेयर, रैंप आदि की व्यवस्था की जाए। सीएमओ ने कहा कि अल्ट्रासाउंड सेंटरों के नियमों का अनुपालन नहीं करने पर संबंधित के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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