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Deoria Massacre News:2 घंटे तक न पता चला कौन हैं मारने वाले,परिवार के पांच लोगों के कत्ल के बाद कंधे देने वाले

Tue, 03 Oct 2023 02:13 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, देवरिया
अमर उजाला नेटवर्क, देवरिया Published by: शाहरुख खान Updated Tue, 03 Oct 2023 02:13 PM IST
सार

Deoria Murder Case Update: देवरिया के कोतवाली क्षेत्र के फतेहपुर गांव में सोमवार को सुबह छह बजे जमीन के विवाद में पूर्व जिला पंचायत सदस्य की धारदार हथियार से काटकर हत्या कर दी गई। हत्या से आक्रोशित पूर्व जिला पंचायत सदस्य पक्ष के लोगों ने दूसरे पक्ष के घर में घुसकर पति-पत्नी और उनके तीन बच्चों की गोली मारकर और धारदार से वार कर हत्या कर दी।

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Deoria Massacre: It Was Not Known For Two Hours Who Were The Killers in Deoria Murder Case
Deoria Murder News - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

Rudrapur Deoria News: देवरिया के फतेहपुर के लेड़हा टोले पर सोमवार को दिल दहला देने वाली घटना हुई। ऐसा नरसंहार हुआ कि एक परिवार के मृतकों के शव उठाने के लिए चार कंधे तक मिले नहीं रहे थे। एक व्यक्ति की हत्या के बाद उसके परिवार और टोले के लोगों के सिर पर ऐसा खून सवार हुआ कि प्रतिशोध में आरोपी के परिवार के पांच लोगों की लाशें बिछा दीं। 

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घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस को मृतकों के नाम पता करने में भी दो घंटे लग गए। सोमवार की सुबह ही दिनदहाड़े छह लोगों की हत्या से पूरे जनपद में सनसनी फैल गई। गांव के लोग कुछ भी बोलने को तैयार नहीं थे। हर आदमी खौफजदा था। पुलिस प्रशासन को मृतकों का नाम पता करने में दो घंटे का समय लग गया। 
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सुबह छह बजे प्रेमचंद यादव की हत्या की खबर जैसे ही उनके टोले पर पहुंची, वहां से असलहों से लैस होकर दर्जनों लोग लेहड़ा टोला की ओर दौड़ पड़े। उन्होंने सत्यप्रकाश दुबे सहित उनके परिवार के सदस्यों को लाठी-डंडे और ईंट से मारना शुरू कर दिया। 
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पिटाई के बाद जमीन पर गिरे लोगों पर गोलियां बरसने लगीं। देखते ही देखते दरवाजे से लेकर घर के अंदर तक पांच लाशें बिछ गईंं। उन लाशों को निकालने के लिए न तो परिवार का कोई सदस्य मौजूद था, न ही गांव के लोग मदद के लिए आगे आ रहे थे।

मौके पर पहुंची पुलिस घर के कोने-कोने से लाशों को निकाल कर एबुलेंस तक ले जा रही थी। डीएम और एसपी के पहुंचने के करीब दो घंटे बाद मृतकों की शिनाख्त हो सकी। वहां का मंजर देख घटना स्थल पर जाने वाले लोगों के अंदर सिहरन पैदा हो जा रही थी।

आपको बता दें कि देवरिया के कोतवाली क्षेत्र के फतेहपुर गांव में सोमवार को सुबह छह बजे जमीन के विवाद में पूर्व जिला पंचायत सदस्य की धारदार हथियार से काटकर हत्या कर दी गई। हत्या से आक्रोशित पूर्व जिला पंचायत सदस्य पक्ष के लोगों ने दूसरे पक्ष के घर में घुसकर पति-पत्नी और उनके तीन बच्चों की गोली मारकर और धारदार से वार कर हत्या कर दी। 

 

सबसे छोटा बेटा गंभीर रूप से घायल है। मामले में पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार कर लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने पुलिस प्रशासन के आला अधिकारियों त्वरित सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया है। इसके बाद दोपहर होते-होते प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद और स्पेशल डीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार हेलीकॉप्टर से देवरिया पुलिस लाइंस पहुंच गए। 

 

दल-बल के साथ दोनों उच्चाधिकारियों ने लेहड़ा टोला में घटनास्थल का निरीक्षण किया। यहां पीड़ित दोनों परिवारों से घटना की जानकारी लेने के साथ ही घटना में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया।

 

देवरिया के फतेहपुर के अभयपुर टोला निवासी पूर्व जिला पंचायत सदस्य प्रेमचंद यादव (45) का उसी गांव के लेड़हा टोला निवासी सत्यप्रकाश दुबे से लंबे समय से जमीन का विवाद चल रहा था। सत्यप्रकाश के भाई ज्ञानप्रकाश ने अपने हिस्से की दस बीघा जमीन प्रेमचंद यादव को बैनामा कर दी है। विवाद की जड़ यह जमीन ही है जिसपर एक मुकदमा दीवानी न्यायालय में चल रहा है।
 

सोमवार की सुबह प्रेमचंद यादव बाइक से अपने खेतों का मुआयना करने गए थे। इसके बाद वह लेड़हा टोले पर सत्यप्रकाश दुबे के घर मुकदमे में सुलह-समझौते की बात करने चले गए। बातचीत के दौरान विवाद हो गया। आरोप है कि सत्यप्रकाश और उनके घर के लोगों ने प्रेमचंद यादव पर धारदार हथियार से वार कर उनकी हत्या कर दी।

 

हत्या की सूचना मिलने पर प्रेमचंद के घर और टोले के लोगों ने लाठी-डंडे और असलहे लेकर सत्यप्रकाश के घर पर धावा बोल दिया। इस दौरान आक्रोशित लोगों ने सत्यप्रकाश (50), उनकी पत्नी किरन (48), बेटी सलोनी (18), नंदनी (8) और पुत्र गांधी (15) को लाठी-डंडे से पीटकर कर और गोली मारकर नृशंस हत्या कर दी। 


 

वहीं, दस साल का पुत्र अनमोल बुरी तरह घायल हो गया। उसे जिला अस्पताल से मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर कर दिया गया है। जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। जघन्य हत्याकांड के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल हो गया। पुलिस ने सत्यप्रकाश दुबे के घर में से एक-एक कर पांच शवों को बाहर निकाला और पूर्व जिला पंचायत सदस्य के शव को भी कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। 

 

गांव में तनाव को देखते हुए थानों की फोर्स और पीएसी तैनात कर दी गई है। मंडलायुक्त अनिल डिंगरा, आईजी गोरखपुर परिक्षेत्र जे रविंद्र गौड़, जिलाधिकारी अखंड प्रताप सिंह, एसपी संकल्प शर्मा सहित पुलिस और प्रशासन के आलाधिकारी घटनास्थल पर कैंप किए हुए हैं।

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