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आरोपी सिपाही को गिरफ्तार कर पुलिस ने भेजा जेल
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सिपाही वीरेंद्र कनौजिया
- फोटो : DEORIA
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आरोपी सिपाही निलंबित, गिरफ्तार कर भेजा जेल
महिला सिपाही के मोबाइल पर अंतिम कॉल सिपाही का ही था
परशुरामपुर थानाक्षेत्र के पकड़ी बाबू गांव का रहने वाला है सिपाही
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। महिला सिपाही को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में आरोपी सिपाही को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया गया। आवश्यक कार्रवाई पूर्ण कर उसे जेल भेज दिया गया। महिला सिपाही के नंबर पर अंतिम कॉल इसी सिपाही की थी, जिससे लंबी बातचीत भी हुई थी। एसपी ने आरोपी सिपाही को निलंबित करते हुए उसके खिलाफ प्रारंभिक जांच के निर्देश दिए हैं। वहीं, इस मामले में आरोपी बनाई गई महिला सिपाही की कोई भूमिका सामने नहीं आई है।
बुधवार की देर शाम बनकटा थाने में तैनात महिला सिपाही ने सदर कोतवाली स्थित सरकारी आवास में फांसी लगाकर जान दे दी थी। गाजीपुर के कासिमाबाद के सोनबरसा गांव के रहने वाले पिता मुमताज की तहरीर के आधार पर सदर कोतवाली पुलिस ने गुरुवार की रात सिपाही वीरेंद्र कन्नौजिया और महिला सिपाही प्रीति यादव के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया। महिला सिपाही के मोबाइल की जांच में पता चला कि सिपाही वीरेंद्र कन्नौजिया से उसकी लंबी बातचीत होती थी। आत्महत्या से पहले भी उसने वीरेंद्र से ही बात की थी। इसके आधार पर कोतवाली पुलिस ने शुक्रवार को सिपाही वीरेंद्र को गिरफ्तार कर लिया। उसने महिला सिपाही से संबंधों की बात कबूल की है। एसपी डॉ. श्रीपति मिश्र ने बताया कि सिपाही वीरेंद्र कन्नौजिया को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। महिला सिपाही प्रीति की इस आत्महत्या के मामले में कोई भूमिका नहीं रही है। इसलिए उस पर कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।
एसपी ने सिपाही को किया निलंबित
सदर कोतवाली में तैनात सिपाही वीरेंद्र कन्नौजिया को एसपी डॉ. श्रीपति मिश्र ने निलंबित कर दिया है। उसके खिलाफ प्रारंभिक जांच शुरू हो गई है। इसके बाद उस पर आगे की कार्रवाई तय होगी। वीरेंद्र बस्ती के परशुरामपुर थानाक्षेत्र के पकड़ी बाबू गांव का रहने वाला है। वहीं, इस मामले में आरोपी बनाई गई पुलिस लाइंस में महिला सिपाही प्रीति का नाम विवेचना के दौरान बाहर हो जाएगा। महिला सिपाही और प्रीति के बीच काफी दिनों से फोन पर बात नहीं हुई है।
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फरवरी में हुई है आरोपी सिपाही की शादी
सदर कोतवाली में तैनाती के दौरान वीरेंद्र और महिला सिपाही के बीच नजदीकियां बढ़ीं। पुलिस के मुताबिक दोनों के बीच काफी बातचीत होती थी। सिपाही वीरेंद्र पर शादी के लिए परिवारवालों का दबाव बढ़ा तो उसने महिला सिपाही से बताया। बुधवार की दोपहर में महिला सिपाही के कमरे में वीरेंद्र गया था। उसी के सामने महिला सिपाही ने आत्महत्या की कोशिश की। किसी तरह अनुनय-विनय कर उसे बचाया। सिपाही को लगा कि वह यहां से हट जाएगा तो हो सकता है कि मामला शांत हो जाए। इसके बाद वह गांव चला गया। गांव पहुंचने पर उसे महिला सिपाही के आत्महत्या करने की सूचना मिली। इससे वह सकते में आ गया। अंतत: उसे जेल जाना पड़ा।
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महिला सिपाही के मोबाइल पर अंतिम कॉल सिपाही का ही था
परशुरामपुर थानाक्षेत्र के पकड़ी बाबू गांव का रहने वाला है सिपाही
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। महिला सिपाही को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में आरोपी सिपाही को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया गया। आवश्यक कार्रवाई पूर्ण कर उसे जेल भेज दिया गया। महिला सिपाही के नंबर पर अंतिम कॉल इसी सिपाही की थी, जिससे लंबी बातचीत भी हुई थी। एसपी ने आरोपी सिपाही को निलंबित करते हुए उसके खिलाफ प्रारंभिक जांच के निर्देश दिए हैं। वहीं, इस मामले में आरोपी बनाई गई महिला सिपाही की कोई भूमिका सामने नहीं आई है।
बुधवार की देर शाम बनकटा थाने में तैनात महिला सिपाही ने सदर कोतवाली स्थित सरकारी आवास में फांसी लगाकर जान दे दी थी। गाजीपुर के कासिमाबाद के सोनबरसा गांव के रहने वाले पिता मुमताज की तहरीर के आधार पर सदर कोतवाली पुलिस ने गुरुवार की रात सिपाही वीरेंद्र कन्नौजिया और महिला सिपाही प्रीति यादव के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया। महिला सिपाही के मोबाइल की जांच में पता चला कि सिपाही वीरेंद्र कन्नौजिया से उसकी लंबी बातचीत होती थी। आत्महत्या से पहले भी उसने वीरेंद्र से ही बात की थी। इसके आधार पर कोतवाली पुलिस ने शुक्रवार को सिपाही वीरेंद्र को गिरफ्तार कर लिया। उसने महिला सिपाही से संबंधों की बात कबूल की है। एसपी डॉ. श्रीपति मिश्र ने बताया कि सिपाही वीरेंद्र कन्नौजिया को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। महिला सिपाही प्रीति की इस आत्महत्या के मामले में कोई भूमिका नहीं रही है। इसलिए उस पर कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।
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एसपी ने सिपाही को किया निलंबित
सदर कोतवाली में तैनात सिपाही वीरेंद्र कन्नौजिया को एसपी डॉ. श्रीपति मिश्र ने निलंबित कर दिया है। उसके खिलाफ प्रारंभिक जांच शुरू हो गई है। इसके बाद उस पर आगे की कार्रवाई तय होगी। वीरेंद्र बस्ती के परशुरामपुर थानाक्षेत्र के पकड़ी बाबू गांव का रहने वाला है। वहीं, इस मामले में आरोपी बनाई गई पुलिस लाइंस में महिला सिपाही प्रीति का नाम विवेचना के दौरान बाहर हो जाएगा। महिला सिपाही और प्रीति के बीच काफी दिनों से फोन पर बात नहीं हुई है।
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फरवरी में हुई है आरोपी सिपाही की शादी
सदर कोतवाली में तैनाती के दौरान वीरेंद्र और महिला सिपाही के बीच नजदीकियां बढ़ीं। पुलिस के मुताबिक दोनों के बीच काफी बातचीत होती थी। सिपाही वीरेंद्र पर शादी के लिए परिवारवालों का दबाव बढ़ा तो उसने महिला सिपाही से बताया। बुधवार की दोपहर में महिला सिपाही के कमरे में वीरेंद्र गया था। उसी के सामने महिला सिपाही ने आत्महत्या की कोशिश की। किसी तरह अनुनय-विनय कर उसे बचाया। सिपाही को लगा कि वह यहां से हट जाएगा तो हो सकता है कि मामला शांत हो जाए। इसके बाद वह गांव चला गया। गांव पहुंचने पर उसे महिला सिपाही के आत्महत्या करने की सूचना मिली। इससे वह सकते में आ गया। अंतत: उसे जेल जाना पड़ा।