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उधर ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी, इधर विरोध की बनती रही रणनीति
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सोलर पॉवर प्लांट को जमीन न देने की रणनीति बनाई
जंगल ठकुरही के किसानों ने बैठक कर लिया परियोजना के विरोध का निर्णय
कहा- उपजाऊ भूमि को ऊसर बताकर लेना चाह रहे अफसर
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। जिस सोलर पॉवर प्लांट परियोजना का रविवार को लखनऊ में भूमिपूजन हो रहा था, उसके विरोध में जंगल ठकुरही के ग्रामीण आंदोलन की रूपरेखा बनाने में जुटे रहे। गांव के प्राथमिक विद्यालय परिसर में आयोजित बैठक में किसानों ने अपनी उपजाऊ और कृषि योग्य भूमि को किसी भी हाल में सोलर पॉवर प्लांट के लिए न देने की हुंकार भरी। कहा कि अगर जोर जबरदस्ती हुई तो वे आंदोलन को मजबूर होंगे।
लखनऊ की एम प्लस पॉवर प्राइवेट लिमिटेड जिले में 100 मेगावाट के सोलर पावर प्लांट के जरिए पांच सौ करोड़ का निवेश करने जा रही है। इसके लिए कंपनी ने रुद्रपुर के जंगल ठकुरही गांव में भूमि का चयन किया है। कंपनी का दावा है कि पॉवर प्लांट के लिए साढ़े तीन सौ किसानों से साढ़े पांच सौ एकड़ जमीन 25 साल के लिए किराए पर ली जाएगी। इसके लिए अनुबंध भी हो चुका है। ज्यादातर भूमि ऊसर व परती है। रविवार को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में इसका भूमिपूजन किया गया। उधर, जंगल ठकुरही गांव में किसानों ने बैठक कर परियोजना का विरोध जताया। उन्होंने कहा कि भूमि अनुबंध पर लेने के लिए उनसे किसी ने संपर्क ही नहीं किया। उनकी भूमि उपजाऊ और कृषि योग्य है। इसे वह पॉवर प्लांट के लिए क्यों देंगे। वे किसान हैं और अपनी भूमि पर खेती कर आजीविका चलाते हैं। जमीन किराए पर देकर मजदूर नहीं बनेंगे। किसानों ने एक स्वर में कंपनी के अधिकारियों और प्रशासन पर गुमराह करने का आरोप लगाया। बैठक में धर्मदेव तिवारी, रवींद्र मिश्र, कैलाश मिश्र, विजयनाथ तिवारी, पवन सिंह, रामभगत चौरसिया आदि मौजूद रहे।
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सोलर पॉवर प्लांट को जमीन न देने की रणनीति बनाई
जंगल ठकुरही के किसानों ने बैठक कर लिया परियोजना के विरोध का निर्णय
कहा- उपजाऊ भूमि को ऊसर बताकर लेना चाह रहे अफसर
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। जिस सोलर पॉवर प्लांट परियोजना का रविवार को लखनऊ में भूमिपूजन हो रहा था, उसके विरोध में जंगल ठकुरही के ग्रामीण आंदोलन की रूपरेखा बनाने में जुटे रहे। गांव के प्राथमिक विद्यालय परिसर में आयोजित बैठक में किसानों ने अपनी उपजाऊ और कृषि योग्य भूमि को किसी भी हाल में सोलर पॉवर प्लांट के लिए न देने की हुंकार भरी। कहा कि अगर जोर जबरदस्ती हुई तो वे आंदोलन को मजबूर होंगे।
लखनऊ की एम प्लस पॉवर प्राइवेट लिमिटेड जिले में 100 मेगावाट के सोलर पावर प्लांट के जरिए पांच सौ करोड़ का निवेश करने जा रही है। इसके लिए कंपनी ने रुद्रपुर के जंगल ठकुरही गांव में भूमि का चयन किया है। कंपनी का दावा है कि पॉवर प्लांट के लिए साढ़े तीन सौ किसानों से साढ़े पांच सौ एकड़ जमीन 25 साल के लिए किराए पर ली जाएगी। इसके लिए अनुबंध भी हो चुका है। ज्यादातर भूमि ऊसर व परती है। रविवार को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में इसका भूमिपूजन किया गया। उधर, जंगल ठकुरही गांव में किसानों ने बैठक कर परियोजना का विरोध जताया। उन्होंने कहा कि भूमि अनुबंध पर लेने के लिए उनसे किसी ने संपर्क ही नहीं किया। उनकी भूमि उपजाऊ और कृषि योग्य है। इसे वह पॉवर प्लांट के लिए क्यों देंगे। वे किसान हैं और अपनी भूमि पर खेती कर आजीविका चलाते हैं। जमीन किराए पर देकर मजदूर नहीं बनेंगे। किसानों ने एक स्वर में कंपनी के अधिकारियों और प्रशासन पर गुमराह करने का आरोप लगाया। बैठक में धर्मदेव तिवारी, रवींद्र मिश्र, कैलाश मिश्र, विजयनाथ तिवारी, पवन सिंह, रामभगत चौरसिया आदि मौजूद रहे।
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