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स्वास्थ्य कर्मियों का मांगों को लेकर धरना
ब्यूरो अमर उजाला/ देवरिया
Updated Wed, 11 May 2016 10:49 PM IST
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यूपी मेडिकल एन्ड पब्लिक हेल्थ के कर्मचारियों ने सीएमओ कार्यालय पर धरना दिया।
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प्रदेेश नेतृत्व के आह्वान पर यूपी मेडिकल एंड पब्लिक हेल्थ मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन के सदस्यों ने सीएमओ कार्यालय पर धरना दिया। सीएम को संबोधित 11 सूत्रीय ज्ञापन जिलाधिकारी को दिया गया।
धरने में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज कुमार उपाध्याय ने कहा कि प्रदेेश नेतृत्व के आह्वान पर दो दिन काला फीता बांधकर विरोध किया गया। इसी क्रम में बुधवार को धरने का कार्यक्रम था। ऐसे में सीएमओ कार्यालय पर जुटकर स्वास्थ्य कर्मचारियों ने धरना दिया। संगठन के मंत्री राघव सिंह ने कहा कि यदि कर्मचारियों की मांगें नहीं मानी जाएंगी तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इसकी पूूरी जिम्मेदारी शासन की होगी।
इसके बाद मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को दिया गया। इसमें लिपिकों का समायोजन प्राथमिकता के आधार पर, लिपिकों के लंबित प्रोन्नति आदेश को शीघ्र निर्गत करने, नियुक्ति प्राधिकारी निदेशक प्रशासन अर्थात आईएएस अधिकारी के स्थान पर विभागीय निदेशक को बनाने, आशुलिपिक और स्टोर कीपर की अलग-अलग वरिष्ठता सूची बनाने, लिपिक संवर्ग में एसीपी स्वीकृत किए जाने, निलंबित कर्मचारियों की जांच पूरी होने पर निलंबन समाप्त करने आदि मांग की गई है। धरना और ज्ञापन देने वालों में बृजेश पांडेय, अमलेंदू भूषण सिंह, मारकंडेय पांडेय, अशोक शुक्ला, दीपक वर्मा, भोलाशंकर तिवारी, संतोष श्रीवास्तव, अजीत गुप्ता, मंजू सिंह, रेनू सिंह, गायत्री सिंह, अरूण प्रताप सिंह, सत्येंद्र सिंह, शिव प्रसाद पांडेय आदि प्रमुख रहे।
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धरने में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज कुमार उपाध्याय ने कहा कि प्रदेेश नेतृत्व के आह्वान पर दो दिन काला फीता बांधकर विरोध किया गया। इसी क्रम में बुधवार को धरने का कार्यक्रम था। ऐसे में सीएमओ कार्यालय पर जुटकर स्वास्थ्य कर्मचारियों ने धरना दिया। संगठन के मंत्री राघव सिंह ने कहा कि यदि कर्मचारियों की मांगें नहीं मानी जाएंगी तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इसकी पूूरी जिम्मेदारी शासन की होगी।
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इसके बाद मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को दिया गया। इसमें लिपिकों का समायोजन प्राथमिकता के आधार पर, लिपिकों के लंबित प्रोन्नति आदेश को शीघ्र निर्गत करने, नियुक्ति प्राधिकारी निदेशक प्रशासन अर्थात आईएएस अधिकारी के स्थान पर विभागीय निदेशक को बनाने, आशुलिपिक और स्टोर कीपर की अलग-अलग वरिष्ठता सूची बनाने, लिपिक संवर्ग में एसीपी स्वीकृत किए जाने, निलंबित कर्मचारियों की जांच पूरी होने पर निलंबन समाप्त करने आदि मांग की गई है। धरना और ज्ञापन देने वालों में बृजेश पांडेय, अमलेंदू भूषण सिंह, मारकंडेय पांडेय, अशोक शुक्ला, दीपक वर्मा, भोलाशंकर तिवारी, संतोष श्रीवास्तव, अजीत गुप्ता, मंजू सिंह, रेनू सिंह, गायत्री सिंह, अरूण प्रताप सिंह, सत्येंद्र सिंह, शिव प्रसाद पांडेय आदि प्रमुख रहे।
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