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रूई-पट्टी की कमी से जूझ रहे सरकारी अस्पताल, मांग के बावजूद नहीं मिल रहीं दवाएं

Fri, 24 Jun 2022 12:12 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 24 Jun 2022 12:12 AM IST
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crisis of medicines in government hospitals
रूई-पट्टी की कमी से जूझ रहे सरकारी अस्पताल, मांग के बावजूद नहीं मिल रहीं दवाएं
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देवरिया। जिला अस्पताल से लेकर सीएचसी-पीएचसी तक दवाओं की किल्लत से मरीज परेशान हैं। कई केंद्रों पर महीनों से रूई और मरहम पट्टी तक नहीं है। मरीजों को बाहर से खरीदना पड़ रहा है। कई जगहों पर जरूरत की दवाएं स्टोर से गायब हैं। ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों के मरीजों को महंगी दवाएं खरीदनी पड़ रही है। ऐसे मरीज सरकारी अस्पताल के बजाय निजी चिकित्सकों का सहारा ले रहे हैं।
इन दिनों सीएचसी और पीएचसी पर रूई, पट्टी, सिरिंज और अन्य डिस्पोजल की आपूर्ति काफी कम हो रही है। इस समस्या से जिला अस्पताल भी जूझ रहा है। जनवरी से शासन के जरिए दवाओं की आपूर्ति के लिए ड्रग कारपोरेशन का चयन किया गया है। सीएचसी, पीएचसी, जिला अस्पताल सहित अन्य सरकारी अस्पताल आनलाइन डिमांड भेज रहे हैं। पर मांग के हिसाब से बहुत कम जगहों पर रूई, पट्टी की आपूर्ति हो पा रही है। सात जनवरी को स्वास्थ्य महानिदेशक ने ड्रग कारपोरेशन की प्रबंधक निदेशक कंचन वर्मा को पत्र भेजा था कि अस्पताल ऑनलाइन डिमांड भेजते हैं तो उनको रुई, पट्टी आदि समय से उपलब्ध करा दी जाए। सीएमओ ने अपने स्तर से भी मांग पत्र भेजा है, लेकिन करीब पांच माह बाद भी डिमांड के हिसाब से ड्रग कारपोरेशन जरूरी दवाएं उपलब्ध नहीं करा पा रहा है। इसकी आपूर्ति किस वजह से नहीं हो पा रही है, इसकी जानकारी खुद जिम्मेदार अफसरों को नहीं हो पा रही है। कारपोरेशन के जरिए दवा, रूई, पट्टी समेत अन्य डिस्पोजल की समय से आपूर्ति न होने से मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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दूसरी तरफ, विभाग के पास बजट न होने से मार्च से कई सरकारी अस्पतालों में संकट गंभीर हो गया है। वहीं सीएचसी, पीएचसी से लगातार मांग आ रही है। डिमांड भेजने के बाद भी जिला अस्पताल में हिमोक्सिल, एआईवी, मेट्रोजिल जैसी अति महत्वपूर्ण दवाओं की कमी है। यहां तक की 266 प्रकार की दवाओं में केवल 84 तरह की दवाएं ही स्टोर में उपलब्ध हैं। सामान्य बीमारी में दी जाने वाला ग्लूकोज भी नहीं है। मरीजों को बाहर से छह सौ रुपये में खरीदना पड़ रहा है। सर्वाधिक दिक्कत रात के समय हो रही है। पेट दर्द की दवाओं की कमी से मरीजों को बाहरी दुकानों का सहारा लेना पड़ रहा है। बरहज सीएचसी, महेन पीएचसी पर अधिकांश दवाएं उपलब्ध नहीं है। भागलपुर पीएचसी प्रभारी डॉ. रंजीत कुशवाहा ने बताया कि चार माह से रूई और पट्टी नहीं आ रही है। कई बार डिमांड भेजी गई है। खुखुंदू न्यू पीएचसी में भी रूई-पट्टी का अभाव है। किसी तरह काम चलाया जा रहा है। यही हाल जनपद के सोलह सीएचसी का भी है।
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ऑनलाइन डिमांड की जाती है। सीएचसी और पीएचसी का अपना-अपना पासवर्ड है। उसके जरिए मांग करते है। उनको आपूर्ति की जाती है। ड्रग कारपोरेशन को आपूर्ति के लिए शासन ने चयन किया है। दवाओं की कमी नहीं है। जो दवाएं नहीं हैं, उनके लिए मांग पत्र भेजा गया है। -डॉ. आलोक पांडेय, सीएमओ
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