{"_id":"5915faa74f1c1bf2078513bf","slug":"sanjay-kedia-breaks-down-using-third-degree","type":"story","status":"publish","title_hn":" ‘थर्ड डिग्री’ के इस्तेमाल से टूटा संजय केडिया","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
‘थर्ड डिग्री’ के इस्तेमाल से टूटा संजय केडिया
देवरिया
Updated Fri, 12 May 2017 11:40 PM IST
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देवरिया। लखनऊ में मोनिका सिंह पर हमले का आरोपी शराब कारोबारी संजय केडिया थर्ड डिग्री के इस्तेमाल करने पर पुलिस के आगे टूट गया। लखनऊ पुलिस उसकी गिरफ्तारी का दावा तो कर रही है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि अपनी बेगुनाही को साबित करने के लिए केडिया लखनऊ में तैनात इंस्पेक्टर के संपर्क में आने के बाद सरेंडर किया था। वारदात की रात उसने अपनी उपस्थिति देवरिया के भुजौली कॉलोनी में एक शादी में बताई, पार्टी में पुलिस के अफसर थे जो केडिया के काफी करीब थे।
उन्हें वह गवाह के रूप में प्रस्तुत कर रहा था, लेकिन मोनिका के बयान ने केडिया की पूरी प्लानिंग पर पानी फेर दिया। गुरुवार को लखनऊ पुलिस की गिरफ्त में आए शूटर विवेक पाल ने कई चौंकाने वाली जानकारियां साझा की हैं। सूत्रों ने बताया कि मोनिका सिंह की हत्या की प्लानिंग फिल्मी कहानी की तरह बनी थी। जैसे कि छह मई को संजय केडिया का देवरिया में एक कारोबारी के घर शादी में शामिल होना, पुलिस अफसर, नेता और वीआईपी की मौजूदगी थी। दूसरी ओर उसके शूटर लखनऊ के होटल स्काई हिल्टन के बाहर मोनिका पर फायरिंग कर रहे थे।
कोई शक न करे, इसके लिए केडिया ने करीबी की पार्टी चुनी, चहेते अफसर की मौजूदगी में फोटो खिंचवाई और पूरी रात शादी में मौजूद रहा। सूत्रों ने बताया कि संजय केडिया को लग रहा था कि हत्या के बाद पुलिस कॉल डिटेल के सहारे ही घटना का पर्दाफाश करेगी, क्योंकि मोनिका केडिया के अलावा कई अन्य लोगों से बातचीत करती थी।
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सीडीआर की जांच में कई लोग लपेटे में आ जाते, इधर शादी के फोटोग्राफ, अफसरों के बयान के आधार पर वह अपनी बेगुनाही का सबूत ले लेता। लेकिन पूरी कहानी यू-टर्न हो गई। जब दिव्यांग शूटर साथी के साथ सीसीटीवी कैमरे में कैद हो जाता है और मोनिका ने हमले के बाद सिर्फ केडिया का नाम लिया। हमले की रात संजय केडिया दूसरे के घर सोया।
सूत्रों ने बताया कि उस दौरान उसने अपने शूटर माफिया श्रीप्रकाश तिवारी को जमकर फटकार भी लगाई और कहा कि तुम हर बार नाकाम हो जाते हो, एमएलसी के यहां भी ठीक ढंग से काम नहीं किया। मोनिका भी बच निकली, अब तो फंसना तय है। रात 12 बजे के बाद पुलिस अफसर को छोड़ने गाड़ी तक पहुंचा और पूरे घटना की जानकारी दी। जहां उसे शहर छोड़ने की सलाह दी गई। रविवार की सुबह संजय केडिया अपने साथी के साथ बिहार, गोपालगंज की तरफ रवाना हुआ, उसके घर छापे की सूचना पहले ही हो गई थी।
लखनऊ पुलिस ने जब दबाव बनाया तो आरोपी शाम तक शहर में लौट आया। फिर वह मैनेजमेंट के खेल में जुट गया। सूत्रों ने बताया कि रविवार की रात संजय केडिया एक इंस्पेक्टर के संपर्क में आया। वह अपने बेगुनाही के सबूत देने लगा। पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला कि मोनिका पर फायरिंग में केडिया ही शामिल है तो उसने थर्ड डिग्री का इस्तेमाल शुरू कर दिया। फिर क्या सभी राज सामने आ गया। इस प्लानिंग की पूरी जानकारी संजय केडिया के करीबी कर्मचारी को थी। जो शहर छोड़कर परिवार के साथ कहीं घूमने निकल गया था। ताकि हत्या के बाद पुलिस की नजरों से बच सके। हालांकि पूर्व एमएलसी संजीव द्विवेदी के घर फायरिंग में कर्मचारी भी आरोपी है।
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उन्हें वह गवाह के रूप में प्रस्तुत कर रहा था, लेकिन मोनिका के बयान ने केडिया की पूरी प्लानिंग पर पानी फेर दिया। गुरुवार को लखनऊ पुलिस की गिरफ्त में आए शूटर विवेक पाल ने कई चौंकाने वाली जानकारियां साझा की हैं। सूत्रों ने बताया कि मोनिका सिंह की हत्या की प्लानिंग फिल्मी कहानी की तरह बनी थी। जैसे कि छह मई को संजय केडिया का देवरिया में एक कारोबारी के घर शादी में शामिल होना, पुलिस अफसर, नेता और वीआईपी की मौजूदगी थी। दूसरी ओर उसके शूटर लखनऊ के होटल स्काई हिल्टन के बाहर मोनिका पर फायरिंग कर रहे थे।
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कोई शक न करे, इसके लिए केडिया ने करीबी की पार्टी चुनी, चहेते अफसर की मौजूदगी में फोटो खिंचवाई और पूरी रात शादी में मौजूद रहा। सूत्रों ने बताया कि संजय केडिया को लग रहा था कि हत्या के बाद पुलिस कॉल डिटेल के सहारे ही घटना का पर्दाफाश करेगी, क्योंकि मोनिका केडिया के अलावा कई अन्य लोगों से बातचीत करती थी।
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सीडीआर की जांच में कई लोग लपेटे में आ जाते, इधर शादी के फोटोग्राफ, अफसरों के बयान के आधार पर वह अपनी बेगुनाही का सबूत ले लेता। लेकिन पूरी कहानी यू-टर्न हो गई। जब दिव्यांग शूटर साथी के साथ सीसीटीवी कैमरे में कैद हो जाता है और मोनिका ने हमले के बाद सिर्फ केडिया का नाम लिया। हमले की रात संजय केडिया दूसरे के घर सोया।
सूत्रों ने बताया कि उस दौरान उसने अपने शूटर माफिया श्रीप्रकाश तिवारी को जमकर फटकार भी लगाई और कहा कि तुम हर बार नाकाम हो जाते हो, एमएलसी के यहां भी ठीक ढंग से काम नहीं किया। मोनिका भी बच निकली, अब तो फंसना तय है। रात 12 बजे के बाद पुलिस अफसर को छोड़ने गाड़ी तक पहुंचा और पूरे घटना की जानकारी दी। जहां उसे शहर छोड़ने की सलाह दी गई। रविवार की सुबह संजय केडिया अपने साथी के साथ बिहार, गोपालगंज की तरफ रवाना हुआ, उसके घर छापे की सूचना पहले ही हो गई थी।
लखनऊ पुलिस ने जब दबाव बनाया तो आरोपी शाम तक शहर में लौट आया। फिर वह मैनेजमेंट के खेल में जुट गया। सूत्रों ने बताया कि रविवार की रात संजय केडिया एक इंस्पेक्टर के संपर्क में आया। वह अपने बेगुनाही के सबूत देने लगा। पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला कि मोनिका पर फायरिंग में केडिया ही शामिल है तो उसने थर्ड डिग्री का इस्तेमाल शुरू कर दिया। फिर क्या सभी राज सामने आ गया। इस प्लानिंग की पूरी जानकारी संजय केडिया के करीबी कर्मचारी को थी। जो शहर छोड़कर परिवार के साथ कहीं घूमने निकल गया था। ताकि हत्या के बाद पुलिस की नजरों से बच सके। हालांकि पूर्व एमएलसी संजीव द्विवेदी के घर फायरिंग में कर्मचारी भी आरोपी है।