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प्रसव के बाद नवजात की मौत
देवरिया
Updated Mon, 03 Oct 2016 11:04 PM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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भाटपाररानी। पीएचसी में सुरक्षित प्रसव के दावे कभी कभी झूठे साबित हो रहे हैं। बालरोग विशेषज्ञ के नहीं होने से जन्म के बाद बच्चों की मौत हो जा रही है। पीएचसी पर सोमवार को प्रसव के बाद नवजात की तबीयत बिगड़ गई। सांस लेने में तकलीफ शुरू हो गई।
कुछ देर बाद बच्चे की मौत हो गई। बेलपार निवासी कन्हैया चौहान की पत्नी शांति देवी को रविवार की रात प्रसव शुरू हो गया। परिवार के लोग उसे लेकर पीएचसी पर ले जाकर भर्ती कराया। सोमवार सुबह महिला ने बच्चे को जन्म दिया। जन्म के बाद बच्चे को सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। पीएचसी पर मौजूद चिकित्सक ने इलाज किया लेकिन दशा में कोई सुधार नहीं हुआ।
ऐसे में बच्चे की जिंदगी बचाने को परिवारवाले चिंतित हो उठे। परिवारवाले उसे लेकर बालरोग विशेषज्ञ के पास जा रहे थे। लेकिन विशेषज्ञ चिकित्सक के पास पहुंचने से पहले ही रास्ते में बच्चे ने दम तोड़ दिया। परिवारवालों का कहना था कि यदि अस्पताल में बच्चे के समुचित इलाज की कोई व्यवस्था नहीं थी। जिसके चलते बच्चे की जिंदगी नहीं बचाई जा सकी। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. केके गुप्ता ने बताया कि परिवारवाले मना करने के बाद भी लेकर चले गए।
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कुछ देर बाद बच्चे की मौत हो गई। बेलपार निवासी कन्हैया चौहान की पत्नी शांति देवी को रविवार की रात प्रसव शुरू हो गया। परिवार के लोग उसे लेकर पीएचसी पर ले जाकर भर्ती कराया। सोमवार सुबह महिला ने बच्चे को जन्म दिया। जन्म के बाद बच्चे को सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। पीएचसी पर मौजूद चिकित्सक ने इलाज किया लेकिन दशा में कोई सुधार नहीं हुआ।
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ऐसे में बच्चे की जिंदगी बचाने को परिवारवाले चिंतित हो उठे। परिवारवाले उसे लेकर बालरोग विशेषज्ञ के पास जा रहे थे। लेकिन विशेषज्ञ चिकित्सक के पास पहुंचने से पहले ही रास्ते में बच्चे ने दम तोड़ दिया। परिवारवालों का कहना था कि यदि अस्पताल में बच्चे के समुचित इलाज की कोई व्यवस्था नहीं थी। जिसके चलते बच्चे की जिंदगी नहीं बचाई जा सकी। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. केके गुप्ता ने बताया कि परिवारवाले मना करने के बाद भी लेकर चले गए।
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