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पुलिस के पास अमरजीत का राजदार
देवरिया
Updated Tue, 27 Dec 2016 10:58 PM IST
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देवरिया। अमरजीत की हत्या और लूट का राजदार पुलिस के हाथ आ गया है। पर्दाफाश की पटकथा तैयार हो चुकी है लेकिन माल बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से पुलिस की मुसीबत कम नहीं हुई। कोतवाली में उच्चाधिकारी संदिग्ध युवक से दो बार पूछताछ कर चुके हैं। वारदात के बाद पुलिसिया दबाव देख बदमाश इलाका छोड़कर भाग गया हैं।
इस मामले में स्थानीय नेताओं की ओर से कई बार चेतावनी मिल चुकी है। खामपार क्षेत्र में वेस्टर्न यूनियन का काम करने वाले अमरजीत कुशवाहा की बदमाशों ने हत्या कर साढ़े चार लाख रुपये लूट लिया था। वारदात के दौरान मृतक का भाई मौके से भाग गया था। चार नवंबर को हुई इस घटना के बाद क्राइम ब्रांच, खामपार के अलावा बॉर्डर की कई टीम पर्दाफाश में लगाई गईं। खराब मुखबिरी के कारण क्राइम ब्रांच भी हत्या आरोपियों का पता नहीं लगा पाई।
इसी बीच स्थानीय नेताओं ने धरना-प्रदर्शन शुरू कर दबाव बनाने की कोशिश की। पूछताछ के लिए क्राइम ब्रांच ने करीब 15 लोगों को उठाया लेकिन जांच बेमतलब साबित हुई। सूत्र बताते हैं कि चार दिन पहले खामपार एसओ ने एक संदिग्ध को पकड़ा। पूछताछ कर उसे क्राइम ब्रांच का सौंप दिया। सूत्रों ने बताया कि आरोपी संदिग्ध अमरजीत हत्याकांड का राजदार है। उसे सेंट्रल चौकी पर दो दिन रखा गया।
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खुद एसपी संदिग्ध से पूछताछ कर चुके हैं। हत्या और लूट करने वाली टीम के बारे में पुलिस को पुख्ता साक्ष्य मिले हैं। बदमाश इलाका छोड़कर भाग गया हैं। सबसे बड़ी चुनौती साढ़े चार लाख रुपये बरामदगी की है। आशंका जताई जा रही है कि बदमाशों के पास से रुपये मिलने वाले नहीं है। हत्या में पांच से अधिक बदमाश शामिल थे। उनकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। खामपार पुलिस जल्द की घटना के पर्दाफाश का दावा कर रहीं है।
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इस मामले में स्थानीय नेताओं की ओर से कई बार चेतावनी मिल चुकी है। खामपार क्षेत्र में वेस्टर्न यूनियन का काम करने वाले अमरजीत कुशवाहा की बदमाशों ने हत्या कर साढ़े चार लाख रुपये लूट लिया था। वारदात के दौरान मृतक का भाई मौके से भाग गया था। चार नवंबर को हुई इस घटना के बाद क्राइम ब्रांच, खामपार के अलावा बॉर्डर की कई टीम पर्दाफाश में लगाई गईं। खराब मुखबिरी के कारण क्राइम ब्रांच भी हत्या आरोपियों का पता नहीं लगा पाई।
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इसी बीच स्थानीय नेताओं ने धरना-प्रदर्शन शुरू कर दबाव बनाने की कोशिश की। पूछताछ के लिए क्राइम ब्रांच ने करीब 15 लोगों को उठाया लेकिन जांच बेमतलब साबित हुई। सूत्र बताते हैं कि चार दिन पहले खामपार एसओ ने एक संदिग्ध को पकड़ा। पूछताछ कर उसे क्राइम ब्रांच का सौंप दिया। सूत्रों ने बताया कि आरोपी संदिग्ध अमरजीत हत्याकांड का राजदार है। उसे सेंट्रल चौकी पर दो दिन रखा गया।
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खुद एसपी संदिग्ध से पूछताछ कर चुके हैं। हत्या और लूट करने वाली टीम के बारे में पुलिस को पुख्ता साक्ष्य मिले हैं। बदमाश इलाका छोड़कर भाग गया हैं। सबसे बड़ी चुनौती साढ़े चार लाख रुपये बरामदगी की है। आशंका जताई जा रही है कि बदमाशों के पास से रुपये मिलने वाले नहीं है। हत्या में पांच से अधिक बदमाश शामिल थे। उनकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। खामपार पुलिस जल्द की घटना के पर्दाफाश का दावा कर रहीं है।