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अब जिला जेल पर सीबीआई जांच की आंच

Fri, 03 May 2019 12:52 AM IST
deoria Published by: राकेश पांडेय Updated Fri, 03 May 2019 12:52 AM IST
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now cbi probe in jail
अतीक अहमद
देवरिया। लखनऊ के रियल एस्टेट कारोबारी को बंधक बनाकर जिला जेल में पिटाई के मामले में जेल अफसरों पर कार्रवाई के बाद अब सीबीआई जांच की आंच पड़ने वाली है। जेल कांड में पूछताछ के लिए सीबीआई टीम कभी भी देवरिया दस्तक दे सकती है। इसे लेकर जेल के जिम्मेदारों में खलबली मची है। चर्चाएं होने लगीं हैं कि सीबीआई के सवालों का जवाब कैसे दिया जाएगा। 
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जिला जेल में बंद रहे माफिया अतीक अहमद के गुर्गे 26 दिसंबर को लखनऊ के रियल एस्टेट कारोबारी मोहित जायसवाल का अपहरण कर देवरिया जेल लाए। यहां अतीक की बैरक में उसकी पिटाई कर करोड़ों की प्रापर्टी के कागजात पर जबरन हस्ताक्षर करा लिए थे। माफिया के चंगुल से छूटकर लखनऊ पहुंचे मोहित ने केस दर्ज कराया था। इसके बाद हड़कंप मच गया था। प्रभारी डीआईजी जेल रामधनी ने 30 दिसंबर को जांच कर रिपोर्ट दी थी। रिपोर्ट के आधार पर ही डिप्टी जेलर देवकांत यादव, हेड वार्डर मुन्ना पांडेय, वार्डर राकेश कुमार शर्मा और रामआसरे को निलंबित कर दिया गया था। 31 दिसंबर को अतीक को बरेली जेल में शिफ्ट कर दिया गया। लखनऊ के कृष्णानगर सीओ ने देवरिया जेल पहुंचकर सीसीटीवी कैमरे का हार्ड डिस्क कब्जे में लिया था। शासन और पुलिस की कार्रवाई से असंतुष्ट पीड़ित मोहित ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। इसका संज्ञान लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने एक सप्ताह पूर्व मामले की जांच सीबीआई को दे दी। चार दिन पूर्व जेलर मुकेश कटियार और दो दिन पूर्व जेल अधीक्षक डीके पांडेय को निलंबित कर दिया गया। अब सीबीआई जांच के लिए यहां धमकने वाली है। अधिकारी यह सोच रहे हैं कि जेल मैनुअल के खिलाफ अतीक अहमद से कराई गई मुलाकात के मामले में वह सीबीआई को क्या जवाब देंगे। उनको यह डर सताने लगा है कि सीबीआई की जांच में फंस गए तो फिर बड़ी मुश्किल हो जाएगी। फिलहाल, वे अपनी-अपनी गर्दन बचाने की जुगत में लगे हुए हैं। 
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नए जेल अधीक्षक ने कार्यभार ग्रहण किया
देवरिया। नए जेल अधीक्षक केपी त्रिपाठी ने गुरुवार को कार्यभार ग्रहण कर लिया। प्रतापगढ़ के रहने वाले केपी त्रिपाठी लखनऊ मुख्यालय में संबद्ध थे। यहां के जेल अधीक्षक दिलीप कुमार पांडेय को निलंबित करने के बाद शासन ने यहां की जिम्मेदारी दी। उससे पहले वह बदायूं में जेल अधीक्षक रहे। उन्होंने जेल मैनुअल के अनुसार सारी व्यवस्था ठीक रखने की बात कही। वहीं, निलंबित किए गए जेल अधीक्षक दिलीप कुमार पांडेय कारागार प्रशिक्षण संस्थान लखनऊ से संबद्ध किए गए हैं।
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