अपहृत व्यवसायी का चचेरा भाई ही कातिल
सिवान जिले से अपहृत व्यवसायी की बदमाशों ने अपहरण के दिन ही रात में हत्या कर दी थी। बुधवार को पुलिस ने उनके चचेरे भाई की निशानदेही पर खेत में छुपाई गई लाश को बरामद कर लिया। पुलिस ने अपहरण और हत्या में शामिल दस लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। सीवान एसपी सौरभ कुमार साह ने घटना का खुलासा करते हुए अपहरण और हत्या की वजह पैतृक संपत्ति का विवाद बताया है।
बिहार, सिवान जिले के पचरूखी बाजार निवासी हरिशंकर सिंह खाद बीज के व्यवसायी थे। दस दिन पूर्व सुबह टहलते समय जीप सवार बदमाशों ने पचरूखी रेलवे स्टेशन के समीप असलहे के बल पर उनका अपहरण कर लिया था। इसके विरोध में घटना के दिन पचरूखी रेलवे स्टेशन पर भटनी-छपरा रेलवे लाइन पर आवागमन ठप कर दिया। साथ सड़क जाम कर विरोध जताया था। डीएम और एसपी के आश्वासन के बाद लोग शांत हुए थे। पुलिस ने अपहृत व्यवसायी के भाई दिवाकर उर्फ छोटू सिंह की तहरीर पर अज्ञात बदमाशों पर केस दर्ज किया था। व्यवसायी की बरामदगी के लिए सिवान जिले में पुलिस की पांच टीमें गठित की गई थीं। सुराग नहीं मिलने पर करीबियों पर शक गहरा गया।
शक के आधार पर पुलिस ने व्यवसायी के पैतृक गांव जीबी नगर थाना क्षेत्र के सकरा में रहने वाले चचेरे भाई पप्पू सिंह को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। पूछताछ में पप्पू ने अपने दोस्त जामो बाजार थाना के डुमरा गांव निवासी अरविन्द सिंह का नाम बताया। पुलिस अरविन्द को हिरासत में लेकर कड़ाई से पेश आई तो उसने सच उगल दिया। पुलिस ने इसके निशानदेही पर डुमरा गांव के नहर के किनारे से खेत में गडढ़ा खोदकर छुपाई गई लाश बरामद कर ली। लाश को तीन पालीथिन में कई टुकड़ों में रखा गया था। इस बाबत सिवान एसपी सौरभ कुमार साह ने बताया कि पैतृक जमीन की विवाद में व्यवसायी के चचेरे भाई ने अपहरण करा हत्या कराई थी।