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पांच दिन जेल में पड़े छापे, 43 मोबाइल बरामद

Sun, 11 Feb 2018 10:55 PM IST
deoria
deoria Updated Sun, 11 Feb 2018 10:55 PM IST
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in raid 43 mobiles caught
थाने में बच्चे से थर्ड डिग्री
देवरिया। जिला कारागार में बंदियों और कैदियों के मोबाइल इस्तेमाल का सिलसिला जारी है। जेल प्रशासन ने एक-एक दिन छोड़कर पांच दिन जेल में छापेमारी की। इस दौरान 43 मोबाइल बरामद हुए। जेल प्रशासन ने बरामद मोबाइल को नष्ट करा दिया है। हालांकि जेल प्रशासन इस मुद्दे पर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है।
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सूत्रों के अनुसार देवरिया जेल में मोबाइल के इस्तेमाल की सूचना शासन तक पहुंची थी। शासन के निर्देश पर जेल प्रशासन ने एक-एक दिन छोड़कर पांच दिन छापेमारी की। इस दौरान 43 मोबाइल की बरामदगी यह दर्शाता है कि सलाखों के पीछे कैद लोग जेल से अपनी गतिविधि संचालित कर रहे हैं। जिला कारागार में मौजूदा समय में पूर्व सांसद अतीक अहमद समेत कई बड़े अपराधी बंद हैं। पहला छापा तीन फरवरी को मारा गया। इसके बाद पांच, सात, नौ और 11 फरवरी को छापा मारा गया। जेल अधीक्षक दिलीप कुमार पांडेय के नेतृत्व में जेलकर्मियों ने छापेमारी की। इस दौरान 43 मोबाइल हाथ लगे। सूत्र बताते हैं कि एसपी को भी भनक लगी थी कि जिला कारागार से शातिर अपराधी गतिविधियों को संचालित कर रहे हैं। मोबाइल के जरिए लगातार अपने लोगों के संपर्क में रहते हैं। एसपी ने कुछ कॉल डिटेल भी जिला प्रशासन को उपलब्ध कराए थे। यह सूचना जेल प्रशासन को मिलते ही उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। आनन-फानन में जेल से मोबाइल बरामदगी की कवायद शुरू कर दी गई। इसी क्रम में पांच दिन छापे मारे गए। इस बाबत जानकारी लेने के लिए जेल अधीक्षक के मोबाइल नंबर पर कई बार फोन मिलाया गया, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ।
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इनसेट में
जेल से मांगी जा चुकी है रंगदारी
देवरिया। जिला जेल से रंगदारी मांगने का मामला भी प्रकाश में आ चुका है। जनवरी में सुल्तानपुर के एक बंदी ने जिला कारागार से एक प्रधान को फोन कर रंगदारी मांगी थी। सुल्तानपुर के डीएम ने इस बाबत देवरिया के डीएम को पत्र भी लिखा था। इसके बाद जेल में सख्ती कर दी गई थी। डीआईजी जेल ने कारागार का निरीक्षण किया था। कुछ दिनों तक जेल में मोबाइल का इस्तेमाल बंद हो गया था, लेकिन इधर फिर बंदी मोबाइल का खुलेआम इस्तेमाल करने लगे।
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