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पहली रात जेल में बेचैन रहा अतीक
देवरिया
Updated Tue, 04 Apr 2017 10:40 PM IST
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जिला कारागार का निरीक्षण कर बाहर आते डीआईजी जेल।
- फोटो : अमर उजाला
देवरिया। फूलपुर के पूर्व सांसद बाहुबली अतीक अहमद की देवरिया जेल में पहली रात बेचैनी भरी गुजरी। रात करीब एक बजे तक वह बैरक नंबर-7 में करवटें बदलता रहा। भोर में व्यायाम करने के बाद वह बैरक के भीतर ही चहल कदमी करता रहा। उस समय तक अन्य बैरकों के बंदी खर्राटे मार रहे थे। करीब सात बजे नहाने के बाद उसने एक कप चाय की डिमांड की। वह भी बिना दूध वाली। वह दिन भर अपनी पोशाक सफेद कुर्ता, तहमत और सिर पर सफेद गमछा बांधे रहा।
सड़कों पर हिचकोले खाते हुए सोमवार की भोर 5.15 बजे देवरिया जेल पहुंचे अतीक को रात में मालिश की जरूरत पड़ गई। सूत्र बताते हैं कि उसके आग्रह पर जेल अधिकारियों ने पहले बंदियों से मालिश करने की गुजारिश की लेकिन कोई भी तैयार नहीं हुआ। इसके बाद बाहर से दो लोगों को बुलाया गया। दोनों ने अतीक के शरीर की मालिश की। इससे खुश होकर उसने दोनों को पांच-पांच सौ रुपये दिए। चूंकि खूंखार बंदियों पर मॉनीटरिंग खुद सीएम योगी आदित्यनाथ कर रहे हैैं, इसलिए जेल अधिकारी भी सहमे हैं। फिर भी ऐसे बंदियों की मदद करने से बाज नहीं आ रहे हैं। इसका जीता जागता उदाहरण देवरिया जेल में अतीक की हो रही आवभगत है।
मंगलवार को सिर्फ एक मुलाकाती से अतीक की भेंट हुई। हालांकि जेल में अन्य बंदियों से मिलने जाने वाले मुलाकातियों की नजर अतीक अहमद पर थी। सूत्रों की मानें तो वह किसी से कुछ बोल नहीं रहा था, बल्कि आने-जाने वाले लोगों को निहार रहा था। अतीक के आने के बाद आंतरिक सुरक्षा को लेकर बढ़ी जेल प्रशासन की चिंता के बीच डीआईजी जेल यादवेंदु शुक्ला ने जेल का मुआयना किया। डीआईजी ने बताया कि अतीक अहमद के बैरक की तलाशी ली गई। कोई भी आपत्तिजनक सामान नहीं मिला।
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वह अन्य बंदियों की तरह ही जेल में रह रहा है। जब उनसे पूछा गया कि क्या अतीक अपने साथ लाए कालीन पर सोया? तो उन्होंने कहा, ऐसा नहीं है। मंगलवार को उसे दाल, रोटी और आलू-साग की सब्जी परोसी गई। यही भोजन अन्य बंदियों को भी परोसा गया। सूत्र बताते हैं कि भोजन से पहले उसने अपने बैरक में जेल अधिकारियों के साथ बैठकर भूजा का आनंद लिया।
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सड़कों पर हिचकोले खाते हुए सोमवार की भोर 5.15 बजे देवरिया जेल पहुंचे अतीक को रात में मालिश की जरूरत पड़ गई। सूत्र बताते हैं कि उसके आग्रह पर जेल अधिकारियों ने पहले बंदियों से मालिश करने की गुजारिश की लेकिन कोई भी तैयार नहीं हुआ। इसके बाद बाहर से दो लोगों को बुलाया गया। दोनों ने अतीक के शरीर की मालिश की। इससे खुश होकर उसने दोनों को पांच-पांच सौ रुपये दिए। चूंकि खूंखार बंदियों पर मॉनीटरिंग खुद सीएम योगी आदित्यनाथ कर रहे हैैं, इसलिए जेल अधिकारी भी सहमे हैं। फिर भी ऐसे बंदियों की मदद करने से बाज नहीं आ रहे हैं। इसका जीता जागता उदाहरण देवरिया जेल में अतीक की हो रही आवभगत है।
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मंगलवार को सिर्फ एक मुलाकाती से अतीक की भेंट हुई। हालांकि जेल में अन्य बंदियों से मिलने जाने वाले मुलाकातियों की नजर अतीक अहमद पर थी। सूत्रों की मानें तो वह किसी से कुछ बोल नहीं रहा था, बल्कि आने-जाने वाले लोगों को निहार रहा था। अतीक के आने के बाद आंतरिक सुरक्षा को लेकर बढ़ी जेल प्रशासन की चिंता के बीच डीआईजी जेल यादवेंदु शुक्ला ने जेल का मुआयना किया। डीआईजी ने बताया कि अतीक अहमद के बैरक की तलाशी ली गई। कोई भी आपत्तिजनक सामान नहीं मिला।
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वह अन्य बंदियों की तरह ही जेल में रह रहा है। जब उनसे पूछा गया कि क्या अतीक अपने साथ लाए कालीन पर सोया? तो उन्होंने कहा, ऐसा नहीं है। मंगलवार को उसे दाल, रोटी और आलू-साग की सब्जी परोसी गई। यही भोजन अन्य बंदियों को भी परोसा गया। सूत्र बताते हैं कि भोजन से पहले उसने अपने बैरक में जेल अधिकारियों के साथ बैठकर भूजा का आनंद लिया।