कर्मचारियों ने बाबू के खिलाफ मोर्चा खोला
उनका आरोप है कि बाबू के रवैये से सभी लोग दुखी और परेशान हैं। सीएमएस भी उनकी नहीं सुन रहे हैं। कर्मचारियों ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की है।
साथ ही चेतावनी दी है कि 15 दिन के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो अनशन किया जाएगा। कर्मचारियों का कहना है कि प्रत्येक माह की पहली तारीख को वेतन का भुगतान नहीं किया जाता है।
15 तारीख के बाद वेतन का भुगतान किया जाता है। आरोप लगाया कि कर्मचारियों के इलाज के दौरान हुए खर्च का भुगतान हो या एरियर और बोनस के भुगतान का मामला।
बाबू समय से भुगतान नहीं करते हैं। उपार्जित अवकाश से छुट्टी स्वीकृत होने के बावजूद 23 से 31 अक्टूबर तक वेतन जानबूझ कर रोक दिया गया।
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के जर्जर आवास की मरम्मत, रंगाई पुताई न होने से इंजीनियर ने कंडम घोषित कर दिया है। इसके बावजूद क्वार्टर का किराया वेतन से काट लिया गया।
कर्मचारियों ने शासनादेश के अनुसार स्थानांतरण करने की मांग की है। इस मौके पर जगरनाथ, संजय, राजेश, बजरंगी, रामकिशुन आदि रहे।