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पूर्व प्रधान की मौत पर बवाल
ब्यूरो अमर उजाला/ देवरिया
Updated Mon, 25 Apr 2016 10:46 PM IST
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बघौचघाट के विशनपुरा गांव के पूर्व प्रधान की मौत के बाद नाराज लोगों ने पुलिस प्रशासन का पुतला जलाया।
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मारपीट में घायल पूर्व प्रधान की मौत के बाद विशुनपुरा बाजार में लोगों ने हंगामा किया। बाजार की दुकानें बंद कराकर लोगों ने सड़क जाम कर दिया। पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पुतला फूंका। पुलिस ने मामले को मैनेज करने की कोशिश की तो भीड़ ने थानेदार समेत अन्य पुलिसकर्मियों को दौड़ा लिया। कई नेताओं को मौके से भगा दिया।
सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन कर रहे लोगों ने पच्चीस लाख रुपये की आर्थिक मदद, आरोपियों की गिरफ्तारी और सुरक्षा की मांग कर रहे थे। एसडीएम और सीओ ने पीड़ित परिवार से बातचीत कर मामले को शांत कराया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
12 अप्रैल को बघौचघाट थानाक्षेत्र के विशुनपुरा गांव में प्रधान पति जलालुद्दीन और पूर्व प्रधान शाहिद के बीच पुरानी रंजिश को लेकर विवाद हो गया था। दोनों पक्षों के बीच मारपीट में 12 लोग घायल हो गए थे। मारपीट में पूर्व प्रधान शाहिद और उनकी पत्नी निकहत परवीन गंभीर रूप से घायल हो गए थे। दोनों का मेडिकल कॉलेज में उपचार चल रहा था। मारपीट के मामले में पुलिस ने दोनों तरफ से केस दर्ज किया था। रविवार की शाम पूर्व प्रधान शाहिद की इलाज के दौरान मौत हो गई। इस बात से इलाके के लोग भड़क गए।
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सोमवार की सुबह सैकड़ाें की संख्या में इलाके के लोगों ने विशुनपुरा बाजार को बंद करा दिया। शाहिद का शव सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। पत्नी और बच्चे सड़क पर बैठकर 25 लाख रुपये की आर्थिक मदद, पीड़ित परिवार से केस वापसी, आरोपियों की गिरफ्तारी और प्रधान मजबुननिशा को भी उपरोक्त अपराध में नामजद आरोपी बनाया जाए। जाम की सूचना पर बघौचघाट, रामपुर कारखाना, तरकुलवा की फोर्स पहुंची।
पुलिस ने लोगों को मनाने का प्रयास किया लेकिन भीड़ बेकाबू होकर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए दौड़ा लिया। पीएसी के साथ सीओ रुद्रपुर और सीओ सिटी भी मौके पर पहुंचे। लोग मुख्यमंत्री, डीएम और कप्तान से सीधी वार्ता की बात कह रहे थे। बाद में एसडीएम सदर भी पहुंचे। सीओ सुशील सिंह ने पीड़ित परिवार से बात कर सभी मांग पर विचार करने की बात कही। इसके बाद लोग जाम सामाप्त करने के लिए राजी हुए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन कर रहे लोगों ने पच्चीस लाख रुपये की आर्थिक मदद, आरोपियों की गिरफ्तारी और सुरक्षा की मांग कर रहे थे। एसडीएम और सीओ ने पीड़ित परिवार से बातचीत कर मामले को शांत कराया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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12 अप्रैल को बघौचघाट थानाक्षेत्र के विशुनपुरा गांव में प्रधान पति जलालुद्दीन और पूर्व प्रधान शाहिद के बीच पुरानी रंजिश को लेकर विवाद हो गया था। दोनों पक्षों के बीच मारपीट में 12 लोग घायल हो गए थे। मारपीट में पूर्व प्रधान शाहिद और उनकी पत्नी निकहत परवीन गंभीर रूप से घायल हो गए थे। दोनों का मेडिकल कॉलेज में उपचार चल रहा था। मारपीट के मामले में पुलिस ने दोनों तरफ से केस दर्ज किया था। रविवार की शाम पूर्व प्रधान शाहिद की इलाज के दौरान मौत हो गई। इस बात से इलाके के लोग भड़क गए।
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सोमवार की सुबह सैकड़ाें की संख्या में इलाके के लोगों ने विशुनपुरा बाजार को बंद करा दिया। शाहिद का शव सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। पत्नी और बच्चे सड़क पर बैठकर 25 लाख रुपये की आर्थिक मदद, पीड़ित परिवार से केस वापसी, आरोपियों की गिरफ्तारी और प्रधान मजबुननिशा को भी उपरोक्त अपराध में नामजद आरोपी बनाया जाए। जाम की सूचना पर बघौचघाट, रामपुर कारखाना, तरकुलवा की फोर्स पहुंची।
पुलिस ने लोगों को मनाने का प्रयास किया लेकिन भीड़ बेकाबू होकर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए दौड़ा लिया। पीएसी के साथ सीओ रुद्रपुर और सीओ सिटी भी मौके पर पहुंचे। लोग मुख्यमंत्री, डीएम और कप्तान से सीधी वार्ता की बात कह रहे थे। बाद में एसडीएम सदर भी पहुंचे। सीओ सुशील सिंह ने पीड़ित परिवार से बात कर सभी मांग पर विचार करने की बात कही। इसके बाद लोग जाम सामाप्त करने के लिए राजी हुए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।