{"_id":"571fa5a24f1c1bf631a91650","slug":"captive-guard-conspiracy","type":"story","status":"publish","title_hn":"बंदी रक्षकों ने रची साजिश ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
बंदी रक्षकों ने रची साजिश
ब्यूरो अमर उजाला/ देवरिया
Updated Tue, 26 Apr 2016 11:00 PM IST
विज्ञापन
जेल में बवाल शांत हाने के बाद वापस जाते पुलिस के जवान।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देवरिया जेल अधीक्षक रंग बहादुर पटेल के खिलाफ उनके ही कुछ बंदी रक्षक साजिश कर रहे थे। सूत्रों के अनुसार जेल के कुछ बंदी रक्षक बंदियों को सुविधा देने की बात कह रहे थे। सख्ती के चलते सिपाहियों की जेल में नहीं चल रही थे। ऐसे में बंदीरक्षकों ने अधिकारियों के खिलाफ बदमाशों को भड़काना शुरू कर दिया।
उन्होंने कहा कि गोरखपुर, मऊ, आजमगढ़ बनारस और पश्चिम के जेलों में बड़े अपराधी ठाट से रहते हैं। उन्हें मोबाइल से लेकर कैंटीन की सभी सुविधा उपलब्ध होती है। तो देवरिया क्यो नहीं। कुछ बंदियों को बंदीरक्षकों की बात जंच गई। वे अपने बैरकों में डीटीएच लगवाने की मांग करने लगे। साथ ही और सुविधा के लिए जेल अधीक्षक पर दबाव बनाना शुुरू कर दिया
कुशीनगर, मऊ, बलिया और देवरिया के कुछ बंदियों ने अधिकारियों के खिलाफ साजिश रचना शुरू कर दिया। कई दिनों से तैयारी चल रही थी। लेकिन इसकी भनक जेल प्रशासन को नहीं लग पाई। सोमवार को राइटर ने जब जेल अधीक्षक को मोबाइल बैट्री और नशीले पदार्थ की जानकारी दी तो शातिर बदमाश भड़क गए। उन्होंने जेल के अंदर धनवंतरी को पीटकर घायल कर दिया। उसे जेल के अस्पताल में भर्ती कराया गया।
विज्ञापन
बंदियों को आशंका थी कि मुखबिर का हाल जानने के लिए जेल अधीक्षक जरूर प्रयास करेगे। तभी उन पर हमला किया जाएगा। समय रहते अधीक्षक बंदियों मंशा को भांप गए। बैरक में न जाकर उन्होंन बाहर ही शिनाख्त की कोशिश की। जिससे वह बाल-बाल बच गए। लेकिन शातिर बदमाश अपनी मंशा में कामयाब हो गए। उन्होंने देवरिया जेल में आग लगाकर दहलाने की कोशिश की। पुलिस को शांति कायम रखने के लिए चार घंटे का वक्त लग गया। जेल प्रशासन की चूक की वजह से बड़ी घटना हो गई।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि गोरखपुर, मऊ, आजमगढ़ बनारस और पश्चिम के जेलों में बड़े अपराधी ठाट से रहते हैं। उन्हें मोबाइल से लेकर कैंटीन की सभी सुविधा उपलब्ध होती है। तो देवरिया क्यो नहीं। कुछ बंदियों को बंदीरक्षकों की बात जंच गई। वे अपने बैरकों में डीटीएच लगवाने की मांग करने लगे। साथ ही और सुविधा के लिए जेल अधीक्षक पर दबाव बनाना शुुरू कर दिया
विज्ञापन
कुशीनगर, मऊ, बलिया और देवरिया के कुछ बंदियों ने अधिकारियों के खिलाफ साजिश रचना शुरू कर दिया। कई दिनों से तैयारी चल रही थी। लेकिन इसकी भनक जेल प्रशासन को नहीं लग पाई। सोमवार को राइटर ने जब जेल अधीक्षक को मोबाइल बैट्री और नशीले पदार्थ की जानकारी दी तो शातिर बदमाश भड़क गए। उन्होंने जेल के अंदर धनवंतरी को पीटकर घायल कर दिया। उसे जेल के अस्पताल में भर्ती कराया गया।
विज्ञापन
बंदियों को आशंका थी कि मुखबिर का हाल जानने के लिए जेल अधीक्षक जरूर प्रयास करेगे। तभी उन पर हमला किया जाएगा। समय रहते अधीक्षक बंदियों मंशा को भांप गए। बैरक में न जाकर उन्होंन बाहर ही शिनाख्त की कोशिश की। जिससे वह बाल-बाल बच गए। लेकिन शातिर बदमाश अपनी मंशा में कामयाब हो गए। उन्होंने देवरिया जेल में आग लगाकर दहलाने की कोशिश की। पुलिस को शांति कायम रखने के लिए चार घंटे का वक्त लग गया। जेल प्रशासन की चूक की वजह से बड़ी घटना हो गई।