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कर्ज से उबरने के लिए अविनाश ने की थी लूटपाट
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सर्राफा व्यापारी को गोली मारने के बाद जेवरात लेकर भाग रहे बदमाशो से जेवरात छीनने वाले कर्मचारी रमेश यादव को एसपी एन कोलांचि ने पुरस्कृत किया ।
- फोटो : अमर उजाला
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देवरिया। सराफ रोशन वर्मा उर्फ बन्नू को गोली मारकर लूट की वारदात को अंजाम देने वाले बदमाशों ने पुलिस के चौकन्ने होने के बाद भी शहर में रात गुजारी थी। पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। बाद में जब बाइक चोरी की तहरीर लेकर थाने पहुंचे चंदन को आधार बनाकर पुलिस ने छानबीन शुरू की तो बदमाश गिरफ्त में आ गए। मीडिया के सामने अविनाश ने कर्ज से उबरने और बंद पडे़ आरओ प्लांट को पुन: चालू करने के लिए लूट की घटना को अंजाम देना स्वीकार किया।
गोरखपुर के सहजनवां के डुमरी गांव निवासी अविनाश श्रीवास्तव रामगुलाम टोले में किराए पर परिवार के साथ रहता है। आरओ प्लांट लगाकर वह अपना गुजारा करता था। एक लाख रुपये टैक्स जमा न करने पर तीन माह पूर्व प्लांट को सील कर दिया गया था। इसके अलावा उस पर करीब सात लाख रुपये कर्ज भी है। इसे लेकर वह तनाव में था। इसी बीच उसकी मुलाकात मृत्युंजय सिंह से हुई। मृत्युंजय ने टैक्स चुकता करने और कर्ज भरवाने का वादा किया और सराफ की दुकान में लूट की शर्त रखी। कर्ज के दलदल में फंसा अविनाश उसके झांसे में आ गया। इसके बाद मृत्युुंजय ने उसके और चंद्रशेखर के साथ मिलकर लूटपाट की योजना बनाई। अविनाश ने लूट में इस्तेमाल बाइक अपने भाई चंदन से ली थी। वारदात के बाद देर रात घर पहुंचे अविनाश ने चंदन को बाइक चोरी होने की जानकारी दी। चंदन ने उसी रात कोतवाली पहुंचकर बाइक चोरी की तहरीर दी। चूंकि बाइक मामा की थी, ऐसे में वह भी थाने गए, लेकिन संदेह होने पर पुलिस ने चंदन और उसके मामा को बैठा लिया। पूछताछ में चंदन ने बताया कि बाइक भाई अविनाश ले गया था। यहीं से पुलिस को संदेह हुआ और वह अविनाश तक पहुंच गई। उसी की निशानदेही पर पुलिस ने घटना में प्रयुक्त तमंचा, लूटी गई पिस्टल भी बरामद कर ली।
मजबूरी में चलानी पड़ी गोली
अविनाश ने बताया कि उसका दुकानदार को गोली मारने का इरादा नहीं था, लेकिन वह लूटपाट के दौरान पकड़ लिया गया। ऐसे में मजबूरी में उसे गोली मारनी पड़ी। बावजूद इसके उसने हत्या की नीयत से गोली नहीं चलाई थी। बकौल अविनाश, पूरी योजना मृत्युंजय ने तैयार की थी। दुकान पर पहुंचने के बाद उसे पता चला कि यहां लूटपाट करनी है।
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संतोष को मिला था सोना और रुपया
बस कंडक्टर संतोष सिंह डब्ल्यू ने दीपक वर्मा की हत्या में मुखबिरी की थी। इस लूट कांड में संतोष को 75 ग्राम सोना और सात लाख रुपये मिले थे। खुद संतोष ने पुलिस के सामने यह बयान दिया।
लुटेरों की बाइक ने बदमाशों से जोड़ा तार
एसपी ने कहा कि सराफा व्यवसायियों संग बैठक कर दुकानों में सीसीटीवी कैमरा लगवाने की अपील की जाएगी। रात को दुकान बंद होने के बाद भी कैमरा चालू रखने को कहा जाएगा। उन्होंने कहा कि सराफ रोशन वर्मा उर्फ बन्नू के साथ हुई लूटपाट में सीसीटीवी फुटेज के चलते पुलिस लुटेरों तक पहुंचने में सफल हुई।
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गोरखपुर के सहजनवां के डुमरी गांव निवासी अविनाश श्रीवास्तव रामगुलाम टोले में किराए पर परिवार के साथ रहता है। आरओ प्लांट लगाकर वह अपना गुजारा करता था। एक लाख रुपये टैक्स जमा न करने पर तीन माह पूर्व प्लांट को सील कर दिया गया था। इसके अलावा उस पर करीब सात लाख रुपये कर्ज भी है। इसे लेकर वह तनाव में था। इसी बीच उसकी मुलाकात मृत्युंजय सिंह से हुई। मृत्युंजय ने टैक्स चुकता करने और कर्ज भरवाने का वादा किया और सराफ की दुकान में लूट की शर्त रखी। कर्ज के दलदल में फंसा अविनाश उसके झांसे में आ गया। इसके बाद मृत्युुंजय ने उसके और चंद्रशेखर के साथ मिलकर लूटपाट की योजना बनाई। अविनाश ने लूट में इस्तेमाल बाइक अपने भाई चंदन से ली थी। वारदात के बाद देर रात घर पहुंचे अविनाश ने चंदन को बाइक चोरी होने की जानकारी दी। चंदन ने उसी रात कोतवाली पहुंचकर बाइक चोरी की तहरीर दी। चूंकि बाइक मामा की थी, ऐसे में वह भी थाने गए, लेकिन संदेह होने पर पुलिस ने चंदन और उसके मामा को बैठा लिया। पूछताछ में चंदन ने बताया कि बाइक भाई अविनाश ले गया था। यहीं से पुलिस को संदेह हुआ और वह अविनाश तक पहुंच गई। उसी की निशानदेही पर पुलिस ने घटना में प्रयुक्त तमंचा, लूटी गई पिस्टल भी बरामद कर ली।
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मजबूरी में चलानी पड़ी गोली
अविनाश ने बताया कि उसका दुकानदार को गोली मारने का इरादा नहीं था, लेकिन वह लूटपाट के दौरान पकड़ लिया गया। ऐसे में मजबूरी में उसे गोली मारनी पड़ी। बावजूद इसके उसने हत्या की नीयत से गोली नहीं चलाई थी। बकौल अविनाश, पूरी योजना मृत्युंजय ने तैयार की थी। दुकान पर पहुंचने के बाद उसे पता चला कि यहां लूटपाट करनी है।
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संतोष को मिला था सोना और रुपया
बस कंडक्टर संतोष सिंह डब्ल्यू ने दीपक वर्मा की हत्या में मुखबिरी की थी। इस लूट कांड में संतोष को 75 ग्राम सोना और सात लाख रुपये मिले थे। खुद संतोष ने पुलिस के सामने यह बयान दिया।
लुटेरों की बाइक ने बदमाशों से जोड़ा तार
एसपी ने कहा कि सराफा व्यवसायियों संग बैठक कर दुकानों में सीसीटीवी कैमरा लगवाने की अपील की जाएगी। रात को दुकान बंद होने के बाद भी कैमरा चालू रखने को कहा जाएगा। उन्होंने कहा कि सराफ रोशन वर्मा उर्फ बन्नू के साथ हुई लूटपाट में सीसीटीवी फुटेज के चलते पुलिस लुटेरों तक पहुंचने में सफल हुई।