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कोतवाली पुलिस को मुर्दे से शांति भंग का खतरा
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पुलिस को मुर्दे से भी शांतिभंग का खतरा
विदेश रहने वाले व शिक्षक पर भी की शांतिभंग की कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
सलेमपुर। कोतवाली पुलिस को मुर्दों से भी शांतिभंग होने का खतरा है। तभी तो पुलिस ने ऐसे लोगों को शांतिभंग मेें पाबंद किया है, जिनका निधन काफी पहले हो चुका है। ताजा मामला बभनौली पांडेय गांव का है। पुलिस की ओर से नोटिस पहुंचने के बाद घरवाले परेशान हैं। उन्हें नहीं समझ आ रहा कि वह एक वर्ष पहले जिसकी मृत्यु हो चुकी है, उसे बांड भरने के लिए मजिस्ट्रेट के सामने कैसे प्रस्तुत करें।
लोकसभा चुनाव में गड़बड़ी फैलाने की आशंका में पुलिस ने क्षेत्रीय लोगों को चिह्नित कर शांतिभंग की आशंका में पाबंद कर रही है। उन्हें एसडीएम के समक्ष उपस्थित होकर बंधपत्र भरना होगा कि उनसे कोई अशांति नहीं फैलेगी। बिना भौतिक सत्यापन किए पुलिस ने पुराने रिकॉर्ड के आधार पर ही लोगों को नोटिस जारी कर दिया है। बभनौली पांडेय गांव में रहने वाले करीब 27 लोगों के खिलाफ शांतिभंग की कार्रवाई की गई है। गांव के पूर्व प्रधानपति जितेंद्र शर्मा की एक साल पहले ही मौत हो गई। उनके नाम पर भी नोटिस भेजी गई है। नौ अप्रैल तक उन्हें एसडीएम के सामने पेश होकर बंध भरने की मोहलत दी गई है। पुलिस को शिक्षक और विदेश में रहने वालों से भी खतरा है। बभनौली पांडेय निवासी शेरू यादव महीनों से विदेश में हैं। वहीं रहकर रोजगार कर रहे हैं। उन्हें भी नोटिस भेजा गया है। परिषदीय जूनियर हाईस्कूल के शिक्षक जयकिशुन गोंड़ पर भी शांतिभंग की कार्रवाई की गई है। शिक्षक होने के नाते जयकिशुन की चुनाव में ड्यूटी भी करते हैं। यही नहीं एक व्यक्ति को दो नामों से भी नोटिस भेजा गया है। इससे पुलिस की कार्रवाई पर लोगों ने सवाल खड़ा कर दिया है। इस बाबत सीओ सीताराम ने बताया कि मामला गंभीर है, जांचकर कार्रवाई जाएगी।
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विदेश रहने वाले व शिक्षक पर भी की शांतिभंग की कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
सलेमपुर। कोतवाली पुलिस को मुर्दों से भी शांतिभंग होने का खतरा है। तभी तो पुलिस ने ऐसे लोगों को शांतिभंग मेें पाबंद किया है, जिनका निधन काफी पहले हो चुका है। ताजा मामला बभनौली पांडेय गांव का है। पुलिस की ओर से नोटिस पहुंचने के बाद घरवाले परेशान हैं। उन्हें नहीं समझ आ रहा कि वह एक वर्ष पहले जिसकी मृत्यु हो चुकी है, उसे बांड भरने के लिए मजिस्ट्रेट के सामने कैसे प्रस्तुत करें।
लोकसभा चुनाव में गड़बड़ी फैलाने की आशंका में पुलिस ने क्षेत्रीय लोगों को चिह्नित कर शांतिभंग की आशंका में पाबंद कर रही है। उन्हें एसडीएम के समक्ष उपस्थित होकर बंधपत्र भरना होगा कि उनसे कोई अशांति नहीं फैलेगी। बिना भौतिक सत्यापन किए पुलिस ने पुराने रिकॉर्ड के आधार पर ही लोगों को नोटिस जारी कर दिया है। बभनौली पांडेय गांव में रहने वाले करीब 27 लोगों के खिलाफ शांतिभंग की कार्रवाई की गई है। गांव के पूर्व प्रधानपति जितेंद्र शर्मा की एक साल पहले ही मौत हो गई। उनके नाम पर भी नोटिस भेजी गई है। नौ अप्रैल तक उन्हें एसडीएम के सामने पेश होकर बंध भरने की मोहलत दी गई है। पुलिस को शिक्षक और विदेश में रहने वालों से भी खतरा है। बभनौली पांडेय निवासी शेरू यादव महीनों से विदेश में हैं। वहीं रहकर रोजगार कर रहे हैं। उन्हें भी नोटिस भेजा गया है। परिषदीय जूनियर हाईस्कूल के शिक्षक जयकिशुन गोंड़ पर भी शांतिभंग की कार्रवाई की गई है। शिक्षक होने के नाते जयकिशुन की चुनाव में ड्यूटी भी करते हैं। यही नहीं एक व्यक्ति को दो नामों से भी नोटिस भेजा गया है। इससे पुलिस की कार्रवाई पर लोगों ने सवाल खड़ा कर दिया है। इस बाबत सीओ सीताराम ने बताया कि मामला गंभीर है, जांचकर कार्रवाई जाएगी।
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