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रामपुर कारखाना में दो ठेकेदारों पर केस
Updated Fri, 02 Nov 2018 10:37 PM IST
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UP Police
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रामपुर कारखाना। रामपुर कारखाना नगर पंचायत में स्ट्रीट लाइट लगाने में की गई मानकों की अनदेखी पर डीएम ने संबंधित ठेकेदारों पर मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया है। दोनों फर्मों से 45 लाख 15780 रुपये किए जाएंगे। रामपुर कारखाना ईओ श्वेता सिंह ने गुरुवार को कार्यदायी संस्थाओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की तहरीर दी थी।
नगर पंचायत रामपुर कारखाना के ठाकुर रामेश्वर सिंह वार्ड नंबर चार की सभासद उषा देवी ने नगर पंचायत रामपुर कारखाना में स्ट्रीट लाइट लगाने में मानक के विपरीत कार्य कराए जाने को लेकर जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर जांच की मांग की थी। डाले गए केबल में जोड़ है, जिसमें वाटरप्रूफ जॉइंट का प्रयोग ना करके सामान्य वायरिंग वाले टेप का प्रयोग किया गया है, जो महज एक माह के अंदर जोड़ छोड़ सकता है। बरसात के समय में पानी से संपर्क होने पर करंट फैलने की संभावना है। डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व के नेतृत्व में पांच सदस्यीय जांच टीम का गठित की। यह जानकारी आम होते ही केबल को उखड़वा कर दूसरा केबल लगाया जाने लगा। लोगों ने इसकी सूचना डायल 100 को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने लेबरों से पूछताछ की और केबल को कब्जे में ले लिया। जांच समिति के रिपोर्ट के आधार पर शुक्रवार को डीएम ने संबंधित ठेकेदारों पर केस दर्ज कर मेसर्स गिरजाशंकर ईंट उद्योग मनिहारी विमलेश कुमार राव से 12 लाख 14352 रुपये व मेसर्स दिनेश कंशट्रक्सन के प्रदीप मिश्र से 33 लाख 1428 रुपये वसूल करने का निर्देश दिया है। डीएम ने फर्मों की ओर से कराए गए कार्य को श्रमदान घोषित कर दिया है। थानाध्यक्ष अजय ओझा ने बताया कि दोनों फर्मों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
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नगर पंचायत रामपुर कारखाना के ठाकुर रामेश्वर सिंह वार्ड नंबर चार की सभासद उषा देवी ने नगर पंचायत रामपुर कारखाना में स्ट्रीट लाइट लगाने में मानक के विपरीत कार्य कराए जाने को लेकर जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर जांच की मांग की थी। डाले गए केबल में जोड़ है, जिसमें वाटरप्रूफ जॉइंट का प्रयोग ना करके सामान्य वायरिंग वाले टेप का प्रयोग किया गया है, जो महज एक माह के अंदर जोड़ छोड़ सकता है। बरसात के समय में पानी से संपर्क होने पर करंट फैलने की संभावना है। डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व के नेतृत्व में पांच सदस्यीय जांच टीम का गठित की। यह जानकारी आम होते ही केबल को उखड़वा कर दूसरा केबल लगाया जाने लगा। लोगों ने इसकी सूचना डायल 100 को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने लेबरों से पूछताछ की और केबल को कब्जे में ले लिया। जांच समिति के रिपोर्ट के आधार पर शुक्रवार को डीएम ने संबंधित ठेकेदारों पर केस दर्ज कर मेसर्स गिरजाशंकर ईंट उद्योग मनिहारी विमलेश कुमार राव से 12 लाख 14352 रुपये व मेसर्स दिनेश कंशट्रक्सन के प्रदीप मिश्र से 33 लाख 1428 रुपये वसूल करने का निर्देश दिया है। डीएम ने फर्मों की ओर से कराए गए कार्य को श्रमदान घोषित कर दिया है। थानाध्यक्ष अजय ओझा ने बताया कि दोनों फर्मों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
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