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केबीसी का विजेता बताकर 16 हजार की ठगी
Updated Tue, 25 Sep 2018 10:16 PM IST
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बरहज के टीचर कालोनी की बीएससी की छात्रा के व्हाट्सप पर भेजा गया कागजात और चेक
- फोटो : अमर उजाला
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बरहज। कौन बनेगा करोड़पति में 25 लाख रुपये जीतने का हवाला देकर जालसाजों ने बीएससी की छात्रा से 16 हजार रुपये ठग लिए। छात्रा को जब इसका अहसास हुआ तो मंगलवार को वह मां के साथ थाने पहुंचकर तहरीर दी। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
मंगलवार की सुबह पीड़ित छात्रा के व्हाट्सएप नंबर पर सुबह मुंबई से आकाश वर्मा और राणाप्रताप सिंह नाम के दो शख्स ने अनजाने नंबर से कॉल किया। खुद को केबीसी की मुख्य शाखा का कर्मचारी बताते हुए छात्रा का नंबर लकी होने की दलील दी। केबीसी की तर्ज पर ही उससे कुछ सवाल किए। फोन पर ही छात्रा को केबीसी की ओर से विनर घोषित कर 25 लाख का चेक भेजने की बात कही। चेक भेजने से पहले छात्रा से 16250 रुपये इलाहाबाद बैंक के एक खाते में जमा कराने को कहा गया। छात्रा के व्हाट्सएप पर चेक, केबीसी के कागजात आदि पहले ही मैसेज कर दिए गए थे। अति उत्साह में छात्रा उनके झांसे में आ गई। मां को पूरे वाकये की जानकारी दी। मां ने पड़ोसी से रकम लेकर खाते में जमा करा दी और फोन पर जानकारी भी दे दी। कुछ देर बाद जालसाजों ने जब दोबारा 25 हजार रुपये और जमा कराने को कहा तो मां-बेटी को हकीकत का पता चला। इसके बाद से ही नंबर भी बंद हो गया। आनन-फानन में दोनों ने थाने पहुंच कर गुहार लगाई। इंस्पेक्टर मिथिलेश राय ने बताया कि तहरीर के आधार पर मामले की छानबीन कर कार्रवाई की जाएगी।
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मंगलवार की सुबह पीड़ित छात्रा के व्हाट्सएप नंबर पर सुबह मुंबई से आकाश वर्मा और राणाप्रताप सिंह नाम के दो शख्स ने अनजाने नंबर से कॉल किया। खुद को केबीसी की मुख्य शाखा का कर्मचारी बताते हुए छात्रा का नंबर लकी होने की दलील दी। केबीसी की तर्ज पर ही उससे कुछ सवाल किए। फोन पर ही छात्रा को केबीसी की ओर से विनर घोषित कर 25 लाख का चेक भेजने की बात कही। चेक भेजने से पहले छात्रा से 16250 रुपये इलाहाबाद बैंक के एक खाते में जमा कराने को कहा गया। छात्रा के व्हाट्सएप पर चेक, केबीसी के कागजात आदि पहले ही मैसेज कर दिए गए थे। अति उत्साह में छात्रा उनके झांसे में आ गई। मां को पूरे वाकये की जानकारी दी। मां ने पड़ोसी से रकम लेकर खाते में जमा करा दी और फोन पर जानकारी भी दे दी। कुछ देर बाद जालसाजों ने जब दोबारा 25 हजार रुपये और जमा कराने को कहा तो मां-बेटी को हकीकत का पता चला। इसके बाद से ही नंबर भी बंद हो गया। आनन-फानन में दोनों ने थाने पहुंच कर गुहार लगाई। इंस्पेक्टर मिथिलेश राय ने बताया कि तहरीर के आधार पर मामले की छानबीन कर कार्रवाई की जाएगी।
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