फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Deoria News ›   सीबीआई के शिकंजा कसने से जिले के बालू कारोबारी भी बेचैन

सीबीआई के शिकंजा कसने से जिले के बालू कारोबारी भी बेचैन

Tue, 08 Jan 2019 10:21 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 08 Jan 2019 10:21 PM IST
विज्ञापन
सीबीआई के शिकंजा कसने से जिले के बालू कारोबारी भी बेचैन
सीबीआई के शिकंजा कसने से बालू कारोबारी बेचैन
विज्ञापन

नियम विरुद्ध खनन के मामले में देवरिया भी है सीबीआई के रडार पर
दो बार जिले में आकर रिकॉर्ड खंगाल चुकी है सीबीआई की टीम
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। सत्ता की हनक में सफेदपोश और अफसरों की मिलीभगत से बालू खनन का अवैध खेल देवरिया में भी खूब खेला गया है। इस खेल ने कइयों को मालामाल कर दिया। अब सूबे के कई जिलों में खनन माफिया पर सीबीआई का शिकंजा कसने के बाद इनकी बेचैनी भी बढ़ गई है। अवैध खनन के जिन मामलों की पड़ताल में सीबीआई जुटी है, उनमें देवरिया का भी नाम शामिल है। एक वर्ष पहले सीबीआई टीम कई दिनों तक यहां डेरा डाल चुकी है। यहां के सारे रिकॉर्ड कब्जे में ले चुकी है। कार्रवाई आगे बढ़ने के बाद कई पूर्व अफसरशाह भी इसकी चपेट में आएंगे।
वर्ष 2012 से 2016 तक अवैध तरीके से पट्टा कर खनन कराने के मामले में देवरिया भी सीबीआई के रडार पर है। आरोप है कि सत्ता पक्ष के इशारे पर कुछ सफेदपोश और अफसरों ने नियम विरुद्ध ढंग से पट्टा देकर खनन कराया। जांच की जद में आने के कारण ही यहां के अधिकांश घाटों पर खनन प्रतिबंधित है। वर्ष 2017 और 2018 में दो बार सीबीआई की टीम देवरिया आ चुकी है। रिकॉर्ड जब्त करते हुए टीम ने बालू घाटों का स्थलीय सत्यापन भी किया था। उस दौरान करीब 50 बालू ठेकेदार व पट्टाधारकों का बयान दर्ज किया गया था। इनमें बरहज के पूर्व ईओ, पूर्व चेयरमैन समेत कई दिग्गज शामिल रहे। जांच में पाया गया कि जिसके नाम से बालू खनन का पट्टा था, उन्हें पता तक नहीं था। खनन कराने वाले सभी प्रभावशाली लोग थे। अब सीबीआई ने हमीरपुर जिले में खनन कराने वाले अफसरों पर कार्रवाई शुरू की है तो देवरिया में खनन कराने वालों में भी खलबली मची है। कई पट्टाधारक खनन विभाग में जानकारी लेने पहुंच रहे हैं।
विज्ञापन

खनन अधिकारी उमाकांत ने बताया कि जहां जांच पूरी हो चुकी है, वहां सीबीआई ने केस दर्ज कराकर कार्रवाई शुरू की है। देवरिया में भी टीम पिछले वर्ष आई थी। बीच में जरूरत पड़ने पर अभिलेख मुहैया कराया गया। देवरिया में भी कार्रवाई होगी, लेकिन अभी यहां सीबीआई नहीं पहुंची है।
विज्ञापन
विज्ञापन


2012 से 2016 तक इनकी रही है तैनाती
बालू खनन की जांच जब से चल रही है तब से देवरिया में डीएम की कुर्सी पर डॉ. हृषिकेश भाष्कर यशोद, कुमार रविकांत सिंह, विवेक, मणि प्रसाद मिश्र, आरपी गोस्वामी, मणि प्रसाद मिश्र, शरद कुमार सिंह और अनीता श्रीवास्तव कार्यरत रहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed