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हर प्रहरी के जिम्मे 30 बंदियों की सुरक्षा
Updated Fri, 27 Jul 2018 10:44 PM IST
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हर प्रहरी के जिम्मे 30 बंदियों की सुरक्षा
क्षमता से अधिक बंदियों के कारण जेल में सुरक्षा की चुनौती
अतीक, और केडी सिंह जैसे 22 बड़े अपराधी हैं जेल में बंद
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। जेल में बेहतर सुरक्षा और निगरानी के लिए प्रत्येक 10 बंदी पर एक बंदीरक्षक की तैनाती का मानक है। मगर जिला जेल देवरिया में एक बंदीरक्षक 30-30 बंदियों की निगरानी कर रहा है। हत्या, लूट, अपहरण, रंगदारी जैसे तमाम संगीन मामलों में नामजद अतीक अहमद, केडी सिंह, सीताराम यादव सरीखे 22 गैंगस्टर्स की मौजूदगी से अति संवेदनशील हुई जिला जेल की सुरक्षा चुनौतीपूर्ण हो गई है। एक-दूसरे से अदावत रखने वाले बदमाशों के बीच तनातनी बढ़ने से जेल प्रशासन के भी पसीने छूट रहे हैं।
पदों का सृजन जेल निर्माण के वक्त उसकी क्षमता के आधार पर किया गया था। तब से यही व्यवस्था चली आ रही है, जबकि मौजूदा समय क्षमता से तीन गुना अधिक बंदी (करीब 1680) कैद हैं। इनमें 22 ऐसे कुख्यात और शातिर हैं, जिनकी अकेले निगरानी के लिए ही दो-तीन बंदीरक्षकों की जरूरत है। पुरानी जेल होने के चलते यहां बनावट भी इस तरह है कि हर बैरक के अंदर तक नजर रखना आसान नहीं। ऐसे में बंदीरक्षकों की भी कमी सुरक्षा में सेंध लगाने के लिए काफी है। यही कारण भी है कि लाख चौकसी बरतने के बाद भी जेल के अंदर प्रतिबंधित सामान आसानी से पहुंच रहे हैं। लगातार बंदियों का दबाव बढ़ने के बाद भी जेल प्रशासन लापरवाह बना है। न तो बंदीरक्षकों की संख्या बढ़ रही है और न ही कोई अन्य कदम उठाया जा रहे हैं। हालांकि सुरक्षा की इस खामी के बाद भी जेल प्रशासन बेहतर चौकसी के दावे से पीछे नहीं हैं।
अप्रैल 2016 में हुआ था उपद्रव
जिला जेल में अप्रैल 2016 में बंदियों ने जमकर उपद्रव मचाया था। मेस के खाने को लेकर उपजे असंतोष के बाद घंटों तक जेल अराजकता का अड्डा बना रहा। पुलिस-प्रशासन को अंदर घुसने में नाकों चने चबाने पड़े थे। बवाल पर अंकुश लगाने में जेल प्रशासन के नाकाम होने पर तत्कालीन एसपी प्रभाकर चौधरी ने सूझबूझ दिखाते हुए खुद मोर्चा संभाला और स्थिति को काबू में किया।
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देवरिया जेल में कुल 65 का स्टॉफ है। इसमें 54 बंदीरक्षक हैं। पहले यह और भी कम थे, लेकिन जेल की स्थिति को देखते हुए इनकी संख्या बढ़वाई गई। तीसरे डिप्टी जेलर की तैनाती भी कर दी गई है। सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। बंदीरक्षकों की कमी पूरे प्रदेश में है। शासन को इससे अवगत कराया गया है। नई भर्ती होने पर ही तैनाती संभव है।
- यादवेंद्र शुक्ला, डीआईजी जेल गोरखपुर।
533 बंदियों को रखने की क्षमता है देवरिया जेल में
1680 बंदी देवरिया जिला जेल में हैं इस वक्त बंद
54 बंदीरक्षक फिलहाल देवरिया जिला जेल में हैं तैनात
3 डिप्टी जेलर, एक जेलर व एक जेल अधीक्षक का पद है
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क्षमता से अधिक बंदियों के कारण जेल में सुरक्षा की चुनौती
अतीक, और केडी सिंह जैसे 22 बड़े अपराधी हैं जेल में बंद
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। जेल में बेहतर सुरक्षा और निगरानी के लिए प्रत्येक 10 बंदी पर एक बंदीरक्षक की तैनाती का मानक है। मगर जिला जेल देवरिया में एक बंदीरक्षक 30-30 बंदियों की निगरानी कर रहा है। हत्या, लूट, अपहरण, रंगदारी जैसे तमाम संगीन मामलों में नामजद अतीक अहमद, केडी सिंह, सीताराम यादव सरीखे 22 गैंगस्टर्स की मौजूदगी से अति संवेदनशील हुई जिला जेल की सुरक्षा चुनौतीपूर्ण हो गई है। एक-दूसरे से अदावत रखने वाले बदमाशों के बीच तनातनी बढ़ने से जेल प्रशासन के भी पसीने छूट रहे हैं।
पदों का सृजन जेल निर्माण के वक्त उसकी क्षमता के आधार पर किया गया था। तब से यही व्यवस्था चली आ रही है, जबकि मौजूदा समय क्षमता से तीन गुना अधिक बंदी (करीब 1680) कैद हैं। इनमें 22 ऐसे कुख्यात और शातिर हैं, जिनकी अकेले निगरानी के लिए ही दो-तीन बंदीरक्षकों की जरूरत है। पुरानी जेल होने के चलते यहां बनावट भी इस तरह है कि हर बैरक के अंदर तक नजर रखना आसान नहीं। ऐसे में बंदीरक्षकों की भी कमी सुरक्षा में सेंध लगाने के लिए काफी है। यही कारण भी है कि लाख चौकसी बरतने के बाद भी जेल के अंदर प्रतिबंधित सामान आसानी से पहुंच रहे हैं। लगातार बंदियों का दबाव बढ़ने के बाद भी जेल प्रशासन लापरवाह बना है। न तो बंदीरक्षकों की संख्या बढ़ रही है और न ही कोई अन्य कदम उठाया जा रहे हैं। हालांकि सुरक्षा की इस खामी के बाद भी जेल प्रशासन बेहतर चौकसी के दावे से पीछे नहीं हैं।
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अप्रैल 2016 में हुआ था उपद्रव
जिला जेल में अप्रैल 2016 में बंदियों ने जमकर उपद्रव मचाया था। मेस के खाने को लेकर उपजे असंतोष के बाद घंटों तक जेल अराजकता का अड्डा बना रहा। पुलिस-प्रशासन को अंदर घुसने में नाकों चने चबाने पड़े थे। बवाल पर अंकुश लगाने में जेल प्रशासन के नाकाम होने पर तत्कालीन एसपी प्रभाकर चौधरी ने सूझबूझ दिखाते हुए खुद मोर्चा संभाला और स्थिति को काबू में किया।
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देवरिया जेल में कुल 65 का स्टॉफ है। इसमें 54 बंदीरक्षक हैं। पहले यह और भी कम थे, लेकिन जेल की स्थिति को देखते हुए इनकी संख्या बढ़वाई गई। तीसरे डिप्टी जेलर की तैनाती भी कर दी गई है। सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। बंदीरक्षकों की कमी पूरे प्रदेश में है। शासन को इससे अवगत कराया गया है। नई भर्ती होने पर ही तैनाती संभव है।
- यादवेंद्र शुक्ला, डीआईजी जेल गोरखपुर।
533 बंदियों को रखने की क्षमता है देवरिया जेल में
1680 बंदी देवरिया जिला जेल में हैं इस वक्त बंद
54 बंदीरक्षक फिलहाल देवरिया जिला जेल में हैं तैनात
3 डिप्टी जेलर, एक जेलर व एक जेल अधीक्षक का पद है