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पति और भांजे ने मिलकर की थी हत्या

Tue, 30 Apr 2019 11:33 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 30 Apr 2019 11:33 PM IST
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पति और भांजे ने मिलकर की थी हत्या
पुलिस लाइंस में आंगनबाड़ी कार्यकत्री हत्याकांड में आरोपी पति को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। - फोटो : अमर उजाला
देवरिया। खामपार थानाक्षेत्र के बरईपार गांव निवासी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कमलेश पांडेय की हत्या में आरोपी पति को पुलिस ने अमौसी एयरपोर्ट और उनके भांजे को गोपालगंज के कोरमा गांव से गिरफ्तार कर लिया। दोनों ने हत्या की बात कबूल की। पुलिस ने दोनों को न्यायालय के लिए चालान कर दिया।
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पुलिस लाइंस में एसपी किरीट राठोड और एएसपी शिष्यपाल ने बताया कि 13 मार्च की रात खामपार के बरईपार गांव निवासी कमलेश पांडेय पत्नी विजय पांडेय की हत्या कर दी गई। उसका शव खनुआ नदी के करजनिया पुल के नीचे 14 मार्च की सुबह मिला था। कमलेश के बेटे नीलमणि ने पुलिस को तहरीर दी थी। बाद में कमलेश के भाई बनकटा थानाक्षेत्र के कटघरा गांव निवासी अशोक पांडेय ने हैप्पी तिवारी, निवासी कोरमा दीक्षित, भोरे, गोपालगंज, मुन्ना तिवारी, चकऊर भटनी, मृतका के बेटे नीलमणि पांडेय, सास मीरा पांडेय, पति विजय पांडेय, हरेंद्र तिवारी निवासी सवरेजी, खामपार, डॉ. अखिलेश मिश्र, विजय की बहन मुन्नी मिश्र के खिलाफ केस दर्ज किया। खामपार पुलिस के साथ ही स्वॉट और सर्विलांस टीम भी आरोपियों की गिरफ्तारी में लगी हुई थी। मंगलवार को खामपार इंस्पेक्टर भीष्मपाल सिंह, एसआई अवधेश यादव की टीम ने मंगलवार को अमौसी हवाई अड्डे से आरोपी पति विजय को गिरफ्तार किया। उनके बताने पर भांजे हैप्पी निवासी कोरमा दीक्षित, भोरे, गोपालगंज को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त चाकू और बाइक भी बरामद कर लिया। एसपी किरीट राठोड ने गिरफ्तार करने वाली टीम को 10 हजार रुपये पुरस्कार दिया।
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क्या करता साहब, मजबूर हो गया था
देवरिया। सेना में हवलदार पद से रिटायर और सीआईएसएफ में नौकरी करने वाले विजय ने कहा कि पत्नी की हरकतों से तंग आने पर हत्या करनी पड़ी। उसकी वजह से समाज में बड़ी बेइज्जती हो रही थी। गांव के लोगों ने खाना-पीना छोड़ दिया था। विजय ने बताया कि 1981 में उसकी शादी कमलेश पांडेय से हुई थी। वर्ष 1997 से दोनों के बीच संबंध विच्छेद का केस चल रहा है। कोर्ट के आदेश पर पहले तीन और बाद में दो हजार रुपये प्रतिमाह खर्च देता था। वह आंगनबाड़ी में काम करती थी। एक बेटी और दो बेटों के पिता विजय ने बताया कि शादी के कुछ दिन बाद से ही पत्नी मायके और अन्य रिश्तेदारों के घर जाकर रहने लगी थी। यहां तक की बच्चे जब काफी छोटे थे, तब भी छोड़कर चली जाती थी। बच्चों की सेवा बड़ी बहन और मां करती रहीं। बार-बार कोशिश करता रहा कि वह सुधर जाए, लेकिन मामला बढ़ता गया। गांव पर वह घर बनवा रहे थे। भांजे हैप्पी को देखरेख के लिए भेजा था। पत्नी कमलेश ने भांजे को गाली देती थी। भांजे के बताने के बाद खून खौल गया। दोनों लखनऊ से आए और हत्या कर शव को नाले में फेंक दिए। उसी रात दोनों लखनऊ वापस हो गए। पत्नी की हत्या में गिरफ्तार विजय ने बताया कि बेटी की शादी बरहज के नदुआ गांव में तय किया था। 19 अप्रैल को शादी तय हुई थी। इन मामलों के चलते शादी कट गई। इसका बहुत दुख है। पत्नी रही नहीं, वह जेल जा रहा है। अब शादी कैसे होगी।
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