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विवाद के बाद बच्चों समेत महिला ने दी थी जान
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भाटपार रानी के ग्राम टीकम पार की ट्रेन से कटी महिला मालती देवी व उसके 4 माह की मासूम बच्ची का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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भाटपाररानी। सोहनपार रेलवे क्रॉसिंग के पास मंगलवार की रात ट्रेन से कटी महिला और उसके तीन बच्चों की शिनाख्त हो गई है। सभी भाटपाररानी थानाक्षेत्र के ही टीकमपार गांव के निवासी थे। बुधवार को अखबारों में खबर प्रकाशित होने के बाद जेठ और ससुर ने थाने पहुंचकर शवों की शिनाख्त की। महिला ने पति से विवाद के बाद बच्चों के साथ ट्रेन से कटकर जान दी थी। घटना से पूरे गांव में मातम छाया है।
टीकमपार गांव निवासी दूधनाथ यादव के पांच बेटों में तीसरे नंबर पर सुग्रीव सऊदी अरब में रहता है। करीब एक माह पहले वह गांव आया है। बताते हैं कि गुरुवार को सुग्रीव का अपनी पत्नी मालती देवी (36) से विवाद हो गया। मामला इस कदर बिगड़ा कि पत्नी तीन बच्चों रीतेश (12), रीतू (चार वर्ष) और नीतेश (चार माह) को लेकर घर से निकल गई। पास के ही बहोरवां गांव में मायका होने से घरवालों को लगा कि वह मायके गई है। कुछ देर बाद वहां पहुंचकर सुग्रीव ने पूछताछ की तो पता चला कि मालती और बच्चे यहां नहीं आए थे। रात होने के कारण सुबह फिर से तलाश करने की बात सोचकर गांव लौट आए। सुबह अखबारों में महिला और तीन बच्चों के ट्रेन से कटने की खबर पढ़ी तो देवरिया में फल की दुकान लगाने वाला सुग्रीव के बड़े भाई चंद्रजीत ने परिजनों से संपर्क साधा। वह सीधे भटनी जीआरपी पहुंचा और शव को देखकर शिनाख्त मालती और उसके बच्चों के रुप में की। सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। पत्नी और बच्चों की मौत से दुखी सुग्रीव बेसुध था। भटनी जीआरपी ने पंचनामा के बाद सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
बेटे को डांटने को लेकर हुआ था विवाद
भाटपाररानी। मालती और उसके तीन बच्चों की मौत का कारण मामूली विवाद था। विवाद भी ऐसा, जिसमें इतने बड़े कदम की कोई उम्मीद भी नहीं कर सकता। घटना से हर कोई अवाक है। घरवालों के मुताबिक सुग्रीव का बेटा रितेश भाटपाररानी के एक निजी स्कूल में कक्षा तीन का छात्र है। लंबे समय बाद विदेश से आया सुग्रीव मंगलवार की शाम बेटे को पढ़ने के लिए डांट रहा था। बात नहीं सुनने पर उसकी पिटाई कर दी। पत्नी को यह नागवार लगा। बेटे के बचाव में वह पति से भिड़ गई। पिटाई के दौरान वह पति को रोक रही थी। उसने यहां तक कह दिया कि इतना क्यों मार रहे हैं। पति के नहीं मानने पर वह घर गड़ासा ले आई और यह कहते हुए पति को थमा दिया कि मन नहीं भर रहा तो लीजिए काट दीजिए। पत्नी के इस कदम से भौचक सुग्रीव ने मालती को काफी भला-बुरा कहा। इसे लेकर दोनों में जमकर तकरार हुई। कुछ देर बाद मालती तीनों बच्चों को लेकर घर से निकल गई। घरवाले यह मानकर आश्वस्त थे कि वह मायके गई होगी, लेकिन होनी को तो कुछ और ही मंजूर था। जिन बच्चों की शरारतों और उछलकूद से परिजन खुश होते थे, उनका क्षत-विक्षत शरीर आंखों के सामने था। यह दर्दनाक मंजर देख सब सन्न थे।
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कहीं ट्रैक पार करने में तो नहीं हुआ हादसा
मालती का मायका पास के ही बहोरवां गांव में है, जबकि सोहनपार में उसकी मौसी रहती हैं। मौसी का घर रेलवे क्रॉसिंग के ही पास में है। बताते हैं कि इससे पहले भी जब कभी पति-पत्नी में अनबन होती थी तो वह अक्सर मायके न जाकर मौसी के यहीं आ जाती थी। मालती की भाभी रीना देवी ने बताया कि वह बहोरवां नहीं आई थी। ऐसे में हो सकता है कि वह मौसी के घर जा रही हो। रात में अंधेरे के कारण ट्रैक पार करते वक्त ट्रेन नजर न आई हो, जिससे वह उसकी चपेट में आ गई।
ढांढस बंधाने पहुंचे लोग
महिला और तीन बच्चों के मौत की खबर के बाद टीकमपार गांव में हर तरफ मातम छाया था। शव की शिनाख्त होते ही लोग ढांढस बंधाने दूधनाथ के घर पहुंच गए। दूधनाथ की पांच बेटों में सुग्रीव तीसरे नंबर पर है। सुग्रीव के अलावा बड़ा भाई रूदल, चौथे नंबर का संतोष भी विदेश रहते हैं। दूसरे नंबर का चंद्रजीत देवरिया में रहकर फल बेचता है, जबकि सबसे छोटा अशोक गांव पर ही रहकर पिकअप चलाता है। संयुक्त परिवार होने के कारण सभी भाइयों के बीबी-बच्चे एक साथ रहते हैं। घटना की सूचना के बाद जिला पंचायत सदस्य अशोक यादव, सपा नेता राजेंद्र मौर्य, अशोक कुशवाहा आदि ने पहुंचकर पीड़ित परिवार को सांत्वना दी।
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टीकमपार गांव निवासी दूधनाथ यादव के पांच बेटों में तीसरे नंबर पर सुग्रीव सऊदी अरब में रहता है। करीब एक माह पहले वह गांव आया है। बताते हैं कि गुरुवार को सुग्रीव का अपनी पत्नी मालती देवी (36) से विवाद हो गया। मामला इस कदर बिगड़ा कि पत्नी तीन बच्चों रीतेश (12), रीतू (चार वर्ष) और नीतेश (चार माह) को लेकर घर से निकल गई। पास के ही बहोरवां गांव में मायका होने से घरवालों को लगा कि वह मायके गई है। कुछ देर बाद वहां पहुंचकर सुग्रीव ने पूछताछ की तो पता चला कि मालती और बच्चे यहां नहीं आए थे। रात होने के कारण सुबह फिर से तलाश करने की बात सोचकर गांव लौट आए। सुबह अखबारों में महिला और तीन बच्चों के ट्रेन से कटने की खबर पढ़ी तो देवरिया में फल की दुकान लगाने वाला सुग्रीव के बड़े भाई चंद्रजीत ने परिजनों से संपर्क साधा। वह सीधे भटनी जीआरपी पहुंचा और शव को देखकर शिनाख्त मालती और उसके बच्चों के रुप में की। सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। पत्नी और बच्चों की मौत से दुखी सुग्रीव बेसुध था। भटनी जीआरपी ने पंचनामा के बाद सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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बेटे को डांटने को लेकर हुआ था विवाद
भाटपाररानी। मालती और उसके तीन बच्चों की मौत का कारण मामूली विवाद था। विवाद भी ऐसा, जिसमें इतने बड़े कदम की कोई उम्मीद भी नहीं कर सकता। घटना से हर कोई अवाक है। घरवालों के मुताबिक सुग्रीव का बेटा रितेश भाटपाररानी के एक निजी स्कूल में कक्षा तीन का छात्र है। लंबे समय बाद विदेश से आया सुग्रीव मंगलवार की शाम बेटे को पढ़ने के लिए डांट रहा था। बात नहीं सुनने पर उसकी पिटाई कर दी। पत्नी को यह नागवार लगा। बेटे के बचाव में वह पति से भिड़ गई। पिटाई के दौरान वह पति को रोक रही थी। उसने यहां तक कह दिया कि इतना क्यों मार रहे हैं। पति के नहीं मानने पर वह घर गड़ासा ले आई और यह कहते हुए पति को थमा दिया कि मन नहीं भर रहा तो लीजिए काट दीजिए। पत्नी के इस कदम से भौचक सुग्रीव ने मालती को काफी भला-बुरा कहा। इसे लेकर दोनों में जमकर तकरार हुई। कुछ देर बाद मालती तीनों बच्चों को लेकर घर से निकल गई। घरवाले यह मानकर आश्वस्त थे कि वह मायके गई होगी, लेकिन होनी को तो कुछ और ही मंजूर था। जिन बच्चों की शरारतों और उछलकूद से परिजन खुश होते थे, उनका क्षत-विक्षत शरीर आंखों के सामने था। यह दर्दनाक मंजर देख सब सन्न थे।
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कहीं ट्रैक पार करने में तो नहीं हुआ हादसा
मालती का मायका पास के ही बहोरवां गांव में है, जबकि सोहनपार में उसकी मौसी रहती हैं। मौसी का घर रेलवे क्रॉसिंग के ही पास में है। बताते हैं कि इससे पहले भी जब कभी पति-पत्नी में अनबन होती थी तो वह अक्सर मायके न जाकर मौसी के यहीं आ जाती थी। मालती की भाभी रीना देवी ने बताया कि वह बहोरवां नहीं आई थी। ऐसे में हो सकता है कि वह मौसी के घर जा रही हो। रात में अंधेरे के कारण ट्रैक पार करते वक्त ट्रेन नजर न आई हो, जिससे वह उसकी चपेट में आ गई।
ढांढस बंधाने पहुंचे लोग
महिला और तीन बच्चों के मौत की खबर के बाद टीकमपार गांव में हर तरफ मातम छाया था। शव की शिनाख्त होते ही लोग ढांढस बंधाने दूधनाथ के घर पहुंच गए। दूधनाथ की पांच बेटों में सुग्रीव तीसरे नंबर पर है। सुग्रीव के अलावा बड़ा भाई रूदल, चौथे नंबर का संतोष भी विदेश रहते हैं। दूसरे नंबर का चंद्रजीत देवरिया में रहकर फल बेचता है, जबकि सबसे छोटा अशोक गांव पर ही रहकर पिकअप चलाता है। संयुक्त परिवार होने के कारण सभी भाइयों के बीबी-बच्चे एक साथ रहते हैं। घटना की सूचना के बाद जिला पंचायत सदस्य अशोक यादव, सपा नेता राजेंद्र मौर्य, अशोक कुशवाहा आदि ने पहुंचकर पीड़ित परिवार को सांत्वना दी।