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खेत में गिरा था हाईटेंशन तार, मजदूर की करंट से मौत
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फ़ाइल फोटो रविन्द्र राजभर
- फोटो : अमर उजाला
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भटनी। गेहूं में यूरिया का छिड़काव कर रहे मजदूर की करंट लगने से मौत हो गई। खेत में पहले से बिजली का तार टूटकर गिरा था। हादसे की वजह बिजली निगम कर्मचारियों की लापरवाही बताई जा रही है। भटनी थाने के नोनापार गांव के खउरा टोला निवासी रवींद्र राजभर (35) मजदूरी कर परिवार पालता था। वह गांव के एक व्यक्ति के गेहूं की फसल में यूरिया का छिड़काव कर रहा था। खेत के ऊपर से गुजरा बिजली का तार पहले से टूटकर गिरा था, लेकिन मजदूर की नजर उस पर नहीं पड़ी और करंट की चपेट में आ गया। जानकारी होने पर लोग रवींद्र को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। इमरजेंसी पर गांववालों की भीड़ जुट गई। लोगों ने बिजली निगम की लापरवाही बताते हुए कार्रवाई की मांग की। इस बाबत सदर एसओ आलोक सोनी ने बताया कि मामला संज्ञान में है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
उपकेंद्र छोड़ भागे कर्मचारी, छह घंटे बाद मिली बिजली
नोनापार गांव के खउरा टोला निवासी मजदूर रवींद्र की मौत के बाद उपकेंद्र पर तैनात कर्मचारी वहां से भाग निकले। इससे छह घंटे नगर समेत 100 गांव की बिजली आपूर्ति ठप रही। अफसरों तक शिकायत पहुंचने पर शाम करीब पांच बजे आपूर्ति बहाल हुई। जेई के अनुसार खेत में तार टूटकर गिरने की कोई सूचना नहीं थी। गांववालों का आरोप है कि बिजली निगम की लापरवाही से कई लोगों की जान जा चुकी है। बावजूद इसके विभागीय कर्मचारी सक्रिय नहीं हुए। अगर बिजली निगम के कर्मचारी पेट्रोलिंग करते तो शायद हादसा नहीं होता।
पत्नी के रोने से डबडबाई सबकी आंखें
भटनी। संगीता को जब इसकी जानकारी हुई तो वह दहाड़े मारकर रोने लगी। रूंधे गले से निकल रही बात को सुनकर वहां मौजूद लोगों की आंखें भर आई। लालू राजभर के तीन बेटों में रवींद्र सबसे बड़ा था। वह क्षेत्र में पिता के साथ मजदूरी कर परिवार की गाड़ी रवींद्र खींचता था। 12 वर्ष पूर्व उसकी शादी संगीता से हुई थी। रवींद्र के तीन बच्चे हैं। बड़ा बेटा आशिक (7), आशु (5) और अंशु (4) साल का है। गांववालों ने मजदूर के परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की।
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उपकेंद्र छोड़ भागे कर्मचारी, छह घंटे बाद मिली बिजली
नोनापार गांव के खउरा टोला निवासी मजदूर रवींद्र की मौत के बाद उपकेंद्र पर तैनात कर्मचारी वहां से भाग निकले। इससे छह घंटे नगर समेत 100 गांव की बिजली आपूर्ति ठप रही। अफसरों तक शिकायत पहुंचने पर शाम करीब पांच बजे आपूर्ति बहाल हुई। जेई के अनुसार खेत में तार टूटकर गिरने की कोई सूचना नहीं थी। गांववालों का आरोप है कि बिजली निगम की लापरवाही से कई लोगों की जान जा चुकी है। बावजूद इसके विभागीय कर्मचारी सक्रिय नहीं हुए। अगर बिजली निगम के कर्मचारी पेट्रोलिंग करते तो शायद हादसा नहीं होता।
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पत्नी के रोने से डबडबाई सबकी आंखें
भटनी। संगीता को जब इसकी जानकारी हुई तो वह दहाड़े मारकर रोने लगी। रूंधे गले से निकल रही बात को सुनकर वहां मौजूद लोगों की आंखें भर आई। लालू राजभर के तीन बेटों में रवींद्र सबसे बड़ा था। वह क्षेत्र में पिता के साथ मजदूरी कर परिवार की गाड़ी रवींद्र खींचता था। 12 वर्ष पूर्व उसकी शादी संगीता से हुई थी। रवींद्र के तीन बच्चे हैं। बड़ा बेटा आशिक (7), आशु (5) और अंशु (4) साल का है। गांववालों ने मजदूर के परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की।
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