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आग में जिंदा जल गया लाल, बेबस रहे माता-पिता
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फोटो समाचार...
लपटों ने थामे कदम, मां-बाप के सामने जिंदा जला बेटा
सोमवार रात रामपुर श्रीपाल गांव में हुई आगलगी की घटना, सदमे में घरवाले
अमर उजाला ब्यूरो
रामपुर कारख़ाना। जिस बेटे के लिए भगवान से मन्नत मांगी थी, वहीं सोमवार रात मां-बाप के सामने जिंदा जल गया। आग की तेज लपटों ने मां-बाप के कदमों को थमने पर मजबूर कर दिया। सोमवार रात रामपुर श्रीपाल गांव में हुई आगलगी की इस हृदय विदारक घटना को सुनने वाले और देखने वाले उस घटना को यादकर सिहर जा रहे हैं। वहीं 13 साल के बेटे की मौत के बाद घर के लोग सदमे में हैं। मंगलवार को पीड़ित परिवार वालों को ढांढस बंधाने वालों का तांता लगा रहा है।
रामपुर श्रीपाल गांव में सोमवार देर रात शार्ट-सर्किट से चंद्रेश्वर सिंह के घर के बगल में स्थित उनकी झोपड़ी में आग लग गई। घटना के वक्त चंद्रेश्वर का 13 वर्षीय बेटा राजू छोटे भाई राजन के साथ वहां बैठकर पढ़ाई कर रहे था। आग लगने का शोर सुनकर राजन तो बाहर निकल गया, लेकिन राजू अंदर ही आग से घिर गया। शोरगुल मचाते हुए परिजन उसे बचाने की कोशिश में जुटे रहे। काफी मशक्कत के बाद जब तक आग बुझाई गई तब तक राजू की मौत हो गई थी। अगलगी से वहां रखी साइकिल, बाइक, चार बकरियों सहित गृहस्थी के अन्य सामान भी जल गए। घटना के बाद से घर वालों की आंखों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहा। मंगलवार को घटना की सूचना प्रदेश सरकार के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि श्रीराम यादव ने मंगलवार की सुबह गांव पहुंचकर परिजनों को आर्थिक सहायता दी। शाम को पटनवापुल स्थित छोटी गंडक के किनारे राजू का दाह संस्कार कर दिया गया।
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लपटों ने थामे कदम, मां-बाप के सामने जिंदा जला बेटा
सोमवार रात रामपुर श्रीपाल गांव में हुई आगलगी की घटना, सदमे में घरवाले
अमर उजाला ब्यूरो
रामपुर कारख़ाना। जिस बेटे के लिए भगवान से मन्नत मांगी थी, वहीं सोमवार रात मां-बाप के सामने जिंदा जल गया। आग की तेज लपटों ने मां-बाप के कदमों को थमने पर मजबूर कर दिया। सोमवार रात रामपुर श्रीपाल गांव में हुई आगलगी की इस हृदय विदारक घटना को सुनने वाले और देखने वाले उस घटना को यादकर सिहर जा रहे हैं। वहीं 13 साल के बेटे की मौत के बाद घर के लोग सदमे में हैं। मंगलवार को पीड़ित परिवार वालों को ढांढस बंधाने वालों का तांता लगा रहा है।
रामपुर श्रीपाल गांव में सोमवार देर रात शार्ट-सर्किट से चंद्रेश्वर सिंह के घर के बगल में स्थित उनकी झोपड़ी में आग लग गई। घटना के वक्त चंद्रेश्वर का 13 वर्षीय बेटा राजू छोटे भाई राजन के साथ वहां बैठकर पढ़ाई कर रहे था। आग लगने का शोर सुनकर राजन तो बाहर निकल गया, लेकिन राजू अंदर ही आग से घिर गया। शोरगुल मचाते हुए परिजन उसे बचाने की कोशिश में जुटे रहे। काफी मशक्कत के बाद जब तक आग बुझाई गई तब तक राजू की मौत हो गई थी। अगलगी से वहां रखी साइकिल, बाइक, चार बकरियों सहित गृहस्थी के अन्य सामान भी जल गए। घटना के बाद से घर वालों की आंखों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहा। मंगलवार को घटना की सूचना प्रदेश सरकार के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि श्रीराम यादव ने मंगलवार की सुबह गांव पहुंचकर परिजनों को आर्थिक सहायता दी। शाम को पटनवापुल स्थित छोटी गंडक के किनारे राजू का दाह संस्कार कर दिया गया।
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