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मुकदमों के बोझ तले दबी पुलिस बनेगी ‘स्मार्ट’

Sat, 12 Jan 2019 10:37 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 12 Jan 2019 10:37 PM IST
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मुकदमों के बोझ तले दबी पुलिस बनेगी ‘स्मार्ट’
मुकदमों के बोझ तले दबी पुलिस बनेगी ‘स्मार्ट’
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हर विवेचक को रोजाना एक विवेचना पूरी करने का निर्देश
जिले में तीन हजार लंबित है विवेचना, लापरवाही बरतने पर होंगे तलब
नीलांबुज मिश्र
देवरिया। मुकदमों के बोझ तले दबी पुलिस को ‘स्मार्ट’ बनाने की कवायद शुरू हो गई है। प्रत्येक दिन एक मुकदमा एक विवेचक को निस्तारण करने का लक्ष्य दिया गया है। इसकी मॉनिटरिंग खुद एसपी कर रहे हैं। लापरवाह विवेचकों पर कार्रवाई भी की जाएगी।
विवेचकों की उदासीनता की वजह से लोगों को न्याय मिलने में जहां देरी होती थी, वहीं थाने और पुलिस अफसरों का चक्कर काटना पड़ता था। एसपी ने पुलिस की वर्किंग को स्मार्ट बनाने के लिए नई पहल की है। हर विवेचक को रोजाना एक मामले की विवेचना पूरा कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है। इससे पुलिस स्मार्ट बनेगी और जनता के पैमाने पर खरा उतरेगी। जिले में करीब तीन हजार हत्या, लूट, मारपीट, धमकी, हत्या के प्रयास समेत कई गंभीर मुकदमे विवेचकों के पास लंबित हैं। पर्याप्त समय बीतने के बाद भी इनमें रिपोर्ट नहीं लग पाई है। विवेचनाओं के बोझ तले दबी पुलिस की कार्यक्षमता भी प्रभावित हो रही है। विवेचनाओं के समयबद्ध निस्तारण के दबाव से वह तनाव में भी हैं। दूसरी ओर पीड़ित जनता को भी थानों के चक्कर काटने को मजबूर होना पड़ रहा है। एसपी ने लंबित मुकदमों के निस्तारण के लिए विवेचक को प्रत्येक दिन एक मुकदमा निस्तारण करने का लक्ष्य दिया गया है। रात को 11 बजे से 12 बजे तक वायरलेस सेट से एसपी सभी थानेदारों और विवेचकों से बात कर लंबित मुकदमों के विवेचना की प्रगति और निस्तारण की जानकारी ले रहे हैं। एसपी का दावा है कि इस पहल के सफल होने पर जनता में सकारात्मक संदेश जाएगा।
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सदर कोतवाली में लंबित हैं सर्वाधिक विवेचना
जिले में लंबित करीब 3000 विवेचनाओं में सर्वाधिक मामले सदर कोतवाली क्षेत्र में है। यहां एक हजार विवेचनाएं रिपोर्ट के इंतजार में हैं। जब से अभियान शुरू हुआ है, तब से करीब 500 से अधिक मुकदमों का निस्तारण किया गया है। एसपी का दावा है कि विवेचक सामान्य मुकदमों को भी उलझाकर रखे हैं। उदासीनता के कारण इसका निस्तारण नहीं हो रहा है और पीड़ित लोगों को न्याय मिलने में देरी हो रही है।
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थाने पहुंचने वाले सभी का दर्ज होगा केस
अधिकांश मामलों में पीड़ित के अलावा विपक्षी भी केस दर्ज कराना चाहते हैं। स्थानीय पुलिस उसे दोषी बताते हुए कार्रवाई से इन्कार कर देती है तो विभाग के उच्चाधिकारियों तक थानेदारों व दरोगा की शिकायत पहुंचाते हैं। बावजूद केस दर्ज नहीं होने पर कोर्ट की शरण लेते हैं। कोर्ट के आदेश पर मजबूरी में पुलिस को केस दर्ज करना पड़ता था। अब ऐसा नहीं होगा। थाने पर शिकायत लेकर पहुंचने वाले हर व्यक्ति का केस दर्ज होगा। 10 से 15 दिन में गलत मुकदमों का विवेचना कर फाइनल रिपोर्ट पुलिस लगाएगी। इससे जहां गलत केस दर्ज कराने वालों का मनोबल टूटेगा।

कोई गलत न फंसे रखेंगे ख्याल
वर्ष 2012 में दर्ज हुए मुकदमों का निस्तारण अभी तक नहीं किया जा सका है। इसके अलावा अन्य मुकदमों की चार्जशीट भी दाखिल नहीं हुई है। एसपी ने विवेचना में तेजी लाने के साथ-साथ मुकदमा निस्तारण में गलत लोगों को नहीं फंसाने की भी हिदायत दी है। बनकटा, भाटपाररानी, खामपार और लार थानाक्षेत्रों में अधिकांश दिनों का मुकदमा लंबित है।

लंबित विवेचना का निस्तारण नहीं होने के कारण पुलिस पर मानसिक दबाव बना रहता है। इसकी वजह से जनता को पुलिस का रिस्पांस बेहतर नहीं मिल पाता है। नकारात्मक छवि बनती है। लक्ष्य तय कर लंबित विवेचनाओं का निस्तारण कराया जा रहा है, ताकि पुलिस स्मार्ट बने और जनता के भरोसे को जीते। इसी थीम से यह अभियान चलाया गया है। प्रत्येक दिन इसकी मॉनिटरिंग की जा रही है।
- एन. कोलांचि, एसपी।

सर्वाधिक लंबित मुकदमा
सदर कोतवाली में करीब 1000
रामपुर कारखाना थाने में 220
भटनी थाने में 140
बरहज थानाक्षेत्र में 122
रुद्रपुर कोतवाली में 84
सलेमपुर थानाक्षेत्र के 67
लार में करीब 47
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