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एमडीएम बनाने में सुरक्षा कवच के मायने नहीं

Sat, 10 Sep 2022 11:30 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 10 Sep 2022 11:30 PM IST
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cook not use apran and gloves
प्राथमिक विद्यालय सुबिखर, संवाद - फोटो : DEORIA
एमडीएम बनाने में सुरक्षा कवच के मायने नहीं
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प्राथमिक स्कूलों में कहीं खरीदा नहीं तो कहीं धूल फांक रहे एप्रन व ग्लब्स
अमर उजाला लाइव
विभिन्न स्कूलों का फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। सभी स्कूलों में रसोइयों को खाना बनाने और परोसने के लिए एप्रन, हेड कवर और ग्लब्स पहनने का आदेश है। इसके लिए प्रत्येक स्कूल को चार सौ रुपये भेजे गए थे, लेकिन इसको लेकर स्कूल के प्रधानाध्यापक गंभीर नहीं हैं। शहर से लगायत देहात तक के स्कूलों में इसका पालन नहीं हो रहा है। कई जगहों पर तो खरीदारी तक नहीं हुई है।
कोरोना संक्रमण के समय से ही विद्यार्थियों की सेहत का ख्याल रखते हुए मध्याह्न भोजन बनाते और परोसते समय 2380 विद्यालय में प्रत्येक एक रसोइया के लिए चार सौ रुपये की दर से बजट भेजा जाता है। इससे एप्रन, ग्लब्स, हेड कवर खरीद कर रसोइयों का देना था। इसके बावजूद खाना बनाते समय इसका उपयोग नहीं किया जा रहा है।
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रसोइया जैसे-तैसे खाना पका कर परोसने का काम कर रही हैं। कुछ जगहों पर तीनों चीजों को बचाकर रखा गया है कि अगर किसी बड़े अफसर या मंत्री का निरीक्षण होगा तो इसका दिखाने के लिए उपयोग किया जाएगा। इसके कारण स्कूल की आलमारी में तीनों चीजें पड़ी हुई हैं। रसोइया भी इसको लेकर गंभीर नहीं हैं क्योंकि वह मांगती नहीं है।
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जिला समन्वयक एमडीएम, दुर्गेंद्र सिंह ने बताया कि प्रत्येक रसोइया के लिए चार सौ रुपये एमडीएम के बजट से ही धन भेजा जाता है। निरीक्षण के दौरान इनको निर्देश भी दिए जाते हैं कि बिना ग्लब्स, हेड कवर और एप्रन के भोजन न पकाएं। इसके बावजूद भी उपयोग न करना गंभीर बात है।
बिना सुरक्षा कवच के भोजन परोस रहीं रसोइया
देवरिया। सुबह 10:10 बजे शहर के देवरिया खास मोहल्ले में प्राथमिक विद्यालय में एक रसोइया खाना पका रही थीं। हेडकवर, एप्रिन और ग्लब्स नहीं लगाई थी। किचेन के कोने में पानी भरा हुआ था। भोजन पकाने के बाद उसने विद्यार्थियों को बिना सुरक्षा कवच पहने ही परोसने का काम किया।
हमें मिले तो उपयोग करेंगे, पता नहीं कहां रखा गया है
देवरिया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से महज चंद कदमों की दूरी पर स्वामी विवेकानंद उच्च प्राथमिक विद्यालय राघव नगर रसोईघर में तीन रसोइया मौजूद थीं। सुबह जब करीब 10:20 बजे देखा गया कि किसी के पास एप्रन, हेड कवर और ग्लब्स नहीं था। यहां तक आलू को फर्श पर रखा गया था। रसोइयो ने बताया कि जब हमें मिलेगा तब तो हम उसका उपयोग करेंगे।
आसमान तले भोजन पकाना मजबूरी
देवरिया। सुबह 10:25 बजे उच्च व प्राथमिक विद्यालय सुबिखर में किचेन न होने के कारण आसमान तले भोजन पकाते देखी र्गइं। रसोइया निर्मला देवी, सुनीता ने बताया कि ड्रेस क्या होता है, हमें तो जानकारी तक नहीं है। हम लोगों को सुरक्षा के लिए हेडकवर सहित अन्य सामान नहीं मिले हैं।

कपरवार में मिला ही नहीं
देवरिया। सुबह 10:30 बजे बरहज विकास खंड के कपरवार के गांव के प्राथमिक विद्यालय नंबर एक में बिना एप्रन, ग्लब्स और हेड कवर के रसोइया खाना पका रही थी। कोई बताने को तैयार नहीं था कि खरीदा गया है कि नहीं। उनको तीनों सामान मिले ही नहीं हैं।
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