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मनरेगा: बनकटा के तत्कालीन प्रभारी खंड विकास अधिकारी निलंबित
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मनरेगा: बनकटा के तत्कालीन प्रभारी खंड विकास अधिकारी निलंबित
मनरेगा में पौने दो करोड़ के भुगतान के खेल को अमर उजाला ने 21 अप्रैल के अंक में किया था प्रकाशित
गबन में 20 लोगों पर दर्ज हो चुका है केस
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। विकास खंड बनकटा में बिना कार्य कराए करोड़ों रुपये भुगतान के मामले में बनकटा के तत्कालीन खंड विकास अधिकारी एवं ग्राम्य विकास अभिकरण के सहायक अभियंता चंद्रभान सिंह को शासन ने निलंबित कर दिया है। इस आशय का पत्र प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास ने डीएम को भेजा है। आरोप है कि परियोजनाओं के भुगतान में उनके द्वारा न तो स्थलीय सत्यापन किया गया और न ही कार्य की वास्तविक स्थिति जानने का प्रयास किया गया। कार्यस्थल पर कोई सामग्री भी गिरी नहीं पाई गई। 31 लाख रुपये का अनियमित भुगतान की घोर लापरवाही पर निलंबित करते हुए मामले की जांच संयुक्त विकास आयुक्त गोरखपुर मंडल को सौंपी गई हैं।
महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार अधिनियम (मनरेगा) से बिना निर्माण कार्य कराए 31 मार्च को शासन से बजट आते ही आनन-फानन तकरीबन एक करोड़ 70 लाख 29 हजार का भुगतान 42 ग्राम पंचायतों में कर दिया गया। तत्कालीन खंड विकास अधिकारी का प्रभार देख रहे ग्राम्य विकास अभिकरण के एई चंद्रभान सिंह की शह पर ग्राम प्रधानों, सेक्रेटरियों और तकनीकी सहायकों ने भुगतान की पत्रावली तैयार कराकर खेल कर दिया। भुगतान के एक ही दिन बाद एक अप्रैल को एई चंद्रभान सिंह का स्थानांतरण भलुअनी विकास खंड के लिए हो गया। सूत्रों की मानें तो 31 मार्च को तीन करोड़ 59 लाख के भुगतान की तैयारी थी। लेकिन तकनीकी वजह से एक करोड़ 89 लाख रुपये का भुगतान हो सका। इसकी भनक मुख्य विकास अधिकारी शिव शरणप्पा को लगी तो उन्होंने पूरे प्रकरण से डीएम अमित किशोर को अवगत कराकर पांच अधिकारियों खंड विकास अधिकारी बनकटा सौरभ सिंह, खंड विकास अधिकारी रुद्रपुर कार्तिकेय मिश्रा, डीसी मनरेगा गजेंद्र कुमार तिवारी, लेखाधिकारी उद्यान विभाग देवेंद्र श्रीवास्तव, अधिशासी अभियंता आरईएस टीएन राय की टीम गठित कर जांच सौंप दी। अधिकारियों ने भौतिक सत्यापन किया तो जहां मैटेरियल गिरा पाया गया, उन्हें क्लीन चिट दे दी गई। इसमें 17.33 लाख नियम विरुद्ध भुगतान करने एवं बिना कार्य कराए 13.65 लाख का भुगतान करने के दोषी नौ ग्राम प्रधानों, छह सचिवों और पांच तकनीकी सहायकों पर डीसी मनरेगा ने बनकटा थाने में गंभीर धाराओं में केस दर्ज कराया है।
कोट:
बनकटा विकास खंड में मनरेगा का वर्ष 2019-20 के मध्य संचालित परियोजनाओं पर कुल 30 लाख 98 हजार रुपये का अनियमित भुगतान किए जाने के लिए एई डीआरडीए और तत्कालीन खंड विकास अधिकारी बनकटा चंद्रभान सिंह को राजकीय कर्तव्यपालन के प्रति घोर लापरवाही बरते जाने की वजह से निलंबित कर संयुक्त विकास आयुक्त से मामले की जांच प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास विभाग ने सौंपी है।
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-शिव शरणप्पा जीएन, मुख्य विकास अधिकारी।
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मनरेगा में पौने दो करोड़ के भुगतान के खेल को अमर उजाला ने 21 अप्रैल के अंक में किया था प्रकाशित
गबन में 20 लोगों पर दर्ज हो चुका है केस
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। विकास खंड बनकटा में बिना कार्य कराए करोड़ों रुपये भुगतान के मामले में बनकटा के तत्कालीन खंड विकास अधिकारी एवं ग्राम्य विकास अभिकरण के सहायक अभियंता चंद्रभान सिंह को शासन ने निलंबित कर दिया है। इस आशय का पत्र प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास ने डीएम को भेजा है। आरोप है कि परियोजनाओं के भुगतान में उनके द्वारा न तो स्थलीय सत्यापन किया गया और न ही कार्य की वास्तविक स्थिति जानने का प्रयास किया गया। कार्यस्थल पर कोई सामग्री भी गिरी नहीं पाई गई। 31 लाख रुपये का अनियमित भुगतान की घोर लापरवाही पर निलंबित करते हुए मामले की जांच संयुक्त विकास आयुक्त गोरखपुर मंडल को सौंपी गई हैं।
महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार अधिनियम (मनरेगा) से बिना निर्माण कार्य कराए 31 मार्च को शासन से बजट आते ही आनन-फानन तकरीबन एक करोड़ 70 लाख 29 हजार का भुगतान 42 ग्राम पंचायतों में कर दिया गया। तत्कालीन खंड विकास अधिकारी का प्रभार देख रहे ग्राम्य विकास अभिकरण के एई चंद्रभान सिंह की शह पर ग्राम प्रधानों, सेक्रेटरियों और तकनीकी सहायकों ने भुगतान की पत्रावली तैयार कराकर खेल कर दिया। भुगतान के एक ही दिन बाद एक अप्रैल को एई चंद्रभान सिंह का स्थानांतरण भलुअनी विकास खंड के लिए हो गया। सूत्रों की मानें तो 31 मार्च को तीन करोड़ 59 लाख के भुगतान की तैयारी थी। लेकिन तकनीकी वजह से एक करोड़ 89 लाख रुपये का भुगतान हो सका। इसकी भनक मुख्य विकास अधिकारी शिव शरणप्पा को लगी तो उन्होंने पूरे प्रकरण से डीएम अमित किशोर को अवगत कराकर पांच अधिकारियों खंड विकास अधिकारी बनकटा सौरभ सिंह, खंड विकास अधिकारी रुद्रपुर कार्तिकेय मिश्रा, डीसी मनरेगा गजेंद्र कुमार तिवारी, लेखाधिकारी उद्यान विभाग देवेंद्र श्रीवास्तव, अधिशासी अभियंता आरईएस टीएन राय की टीम गठित कर जांच सौंप दी। अधिकारियों ने भौतिक सत्यापन किया तो जहां मैटेरियल गिरा पाया गया, उन्हें क्लीन चिट दे दी गई। इसमें 17.33 लाख नियम विरुद्ध भुगतान करने एवं बिना कार्य कराए 13.65 लाख का भुगतान करने के दोषी नौ ग्राम प्रधानों, छह सचिवों और पांच तकनीकी सहायकों पर डीसी मनरेगा ने बनकटा थाने में गंभीर धाराओं में केस दर्ज कराया है।
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कोट:
बनकटा विकास खंड में मनरेगा का वर्ष 2019-20 के मध्य संचालित परियोजनाओं पर कुल 30 लाख 98 हजार रुपये का अनियमित भुगतान किए जाने के लिए एई डीआरडीए और तत्कालीन खंड विकास अधिकारी बनकटा चंद्रभान सिंह को राजकीय कर्तव्यपालन के प्रति घोर लापरवाही बरते जाने की वजह से निलंबित कर संयुक्त विकास आयुक्त से मामले की जांच प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास विभाग ने सौंपी है।
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-शिव शरणप्पा जीएन, मुख्य विकास अधिकारी।