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स्थानांतरण के विरोध में लिपिक लखनऊ पहुंचे, स्वास्थ्य भवन का करेंगे घेराव
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स्थानांतरण के विरोध में लिपिक लखनऊ पहुंचे, स्वास्थ्य भवन का करेंगे घेराव
देवरिया। स्थानांतरण के विरोध में प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर यूपी मेडिकल एंड पब्लिक हेल्थ मिनिस्ट्रीयल एसोसिएशन के बैनर तले स्वास्थ्य विभाग के लिपिकों का आंदोलित हैं। जिलाध्यक्ष मनोज कुमार उपाध्याय ने कहा कि स्थानांतरण सूची निरस्त करने तथा निदेशक (प्रशासन) चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं के निलंबन के लिए सोमवार को स्वास्थ्य भवन का घेराव किया जाएगा। रविवार को जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में जनपद से 50 पुरुष व महिला लिपिक रवाना हो गए।
उन्होंने कहा कि स्थानांतरण में अनियमितता बरती गई है। पुरुषों को तीन विकल्प के आधार पर निकट जनपदों में तैनाती देने का प्रस्ताव भी निदेशक प्रशासन द्वारा नहीं माना गया। इसके बाद लिपिकों ने आंदोलन शुरू कर दिया। संगठन के महिला सदस्यों को एक हजार किमी से अधिक दूर किए गए स्थानांतरण के मुद्दे को उठाने पर लगभग ढाई सौ महिला कर्मचारियों के संशोधित आदेश जारी किए गए और उन्हें निकट के जनपदों में तैनात किया गया। इसमें जनपद की गायत्री सिंह, मंजू सिंह, रेणु सिंह, उर्मिला गुप्ता, बिंदु पांडेय, आराधना पांडेय, रेखा श्रीवास्तव का संतकबीर नगर व सरिता शर्मा का जनपद आजमगढ़ , मनोज कुमार उपाध्याय एवं योगेंद्र तिवारी का निरस्त/समयोजन आदेश जारी हो चुका है, लेकिन दिव्यांगों, दंपती, दो वर्ष से कम सेवानिवृत्त, गंभीर बीमारी पदाधिकारियों आदि पर कोई विचार निदेशक प्रशासन द्वारा नहीं किया गया है। कहा कि संशोधित सूची जारी होने से यह साबित हो चुका है कि अनियमित रूप से किए गए स्थानांतरण को लेकर संगठन की बात सच साबित हुई। संगठन ने पुन: तीनों स्थानांतरण सूची निरस्त किए जाने एवं निदेशक प्रशासन को निलंबित कर जांच की मांग की है। इसे लेकर सोमवार को तीन हजार से अधिक कर्मचारी स्वास्थ्य भवन का घेराव करेंगे। उन्होंने कहा कि आंदोलन को प्रदेश के विभिन्न विभागीय, गैर विभागीय संगठनों का समर्थन प्राप्त है। सभी संगठनों ने कहा है कि अगर मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन के सदस्यों के साथ इस आंदोलन में कोई कार्रवाई की गई तो उत्पीड़न के विरुद्ध सभी संगठन आंदोलन शामिल हो जाएंगे।
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देवरिया। स्थानांतरण के विरोध में प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर यूपी मेडिकल एंड पब्लिक हेल्थ मिनिस्ट्रीयल एसोसिएशन के बैनर तले स्वास्थ्य विभाग के लिपिकों का आंदोलित हैं। जिलाध्यक्ष मनोज कुमार उपाध्याय ने कहा कि स्थानांतरण सूची निरस्त करने तथा निदेशक (प्रशासन) चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं के निलंबन के लिए सोमवार को स्वास्थ्य भवन का घेराव किया जाएगा। रविवार को जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में जनपद से 50 पुरुष व महिला लिपिक रवाना हो गए।
उन्होंने कहा कि स्थानांतरण में अनियमितता बरती गई है। पुरुषों को तीन विकल्प के आधार पर निकट जनपदों में तैनाती देने का प्रस्ताव भी निदेशक प्रशासन द्वारा नहीं माना गया। इसके बाद लिपिकों ने आंदोलन शुरू कर दिया। संगठन के महिला सदस्यों को एक हजार किमी से अधिक दूर किए गए स्थानांतरण के मुद्दे को उठाने पर लगभग ढाई सौ महिला कर्मचारियों के संशोधित आदेश जारी किए गए और उन्हें निकट के जनपदों में तैनात किया गया। इसमें जनपद की गायत्री सिंह, मंजू सिंह, रेणु सिंह, उर्मिला गुप्ता, बिंदु पांडेय, आराधना पांडेय, रेखा श्रीवास्तव का संतकबीर नगर व सरिता शर्मा का जनपद आजमगढ़ , मनोज कुमार उपाध्याय एवं योगेंद्र तिवारी का निरस्त/समयोजन आदेश जारी हो चुका है, लेकिन दिव्यांगों, दंपती, दो वर्ष से कम सेवानिवृत्त, गंभीर बीमारी पदाधिकारियों आदि पर कोई विचार निदेशक प्रशासन द्वारा नहीं किया गया है। कहा कि संशोधित सूची जारी होने से यह साबित हो चुका है कि अनियमित रूप से किए गए स्थानांतरण को लेकर संगठन की बात सच साबित हुई। संगठन ने पुन: तीनों स्थानांतरण सूची निरस्त किए जाने एवं निदेशक प्रशासन को निलंबित कर जांच की मांग की है। इसे लेकर सोमवार को तीन हजार से अधिक कर्मचारी स्वास्थ्य भवन का घेराव करेंगे। उन्होंने कहा कि आंदोलन को प्रदेश के विभिन्न विभागीय, गैर विभागीय संगठनों का समर्थन प्राप्त है। सभी संगठनों ने कहा है कि अगर मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन के सदस्यों के साथ इस आंदोलन में कोई कार्रवाई की गई तो उत्पीड़न के विरुद्ध सभी संगठन आंदोलन शामिल हो जाएंगे।
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