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Deoria News: ठंड से बच्चों की बिगड़ रही सेहत, निमोनिया के मरीज बढ़े
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ठंड से बच्चों की बिगड़ रही सेहत, निमोनिया के मरीज बढ़े
देवरिया। ठंड से बच्चों की सेहत बिगड़ रही है। इन दिनों अस्पताल के बाल रोग विभाग में सांस, निमोनिया, सर्दी-जुकाम, पेट दर्द, बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ी है। तीमारदार बच्चों को लेकर अस्पताल पहुंचे रहे हैं। गंभीर मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। पीआईसीयू के बेड भर गए हैं। चिकित्सक, बच्चों को ठंड से बचाने के लिए तीमारदारों को सलाह दे रहे हैं।
कड़ाके की ठंड से हर कोई परेशान है। इसका असर बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। इस मौसम में थोड़ी सी लापरवाही बच्चों पर भारी पड़ रही है। महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल के बाल रोग विभाग में तीमारदार बीमार बच्चों को लेकर पहुंच रहे हैं। शुक्रवार को ओपीडी में करीब नब्बे मरीजों का बाल रोग विशेषज्ञ व सीएमएस डॉ. एचके मिश्रा ने उपचार किया। यहां सांस व निमोनिया से ग्रसित मरीजों की संख्या अधिक रही। इनकी तादात करीब पचास रही, जिसमें गंभीर रूप से बीमार तकरीबन पांच बच्चों को भर्ती किया गया।
इसके अलावा बुखार, पेट दर्द, सर्दी-जुकाम, खांसी के मरीज शामिल रहे। अधिकांश मरीजों की जांच कर दवा दी गई। उधर 15 बेड के पीआईसीयू में सभी मरीज थे। इसमें सांस व निमोनिया के 12 मरीज थे, जबकि तीन अन्य मरीज थे। वहीं, एचडीयू में सांस से पीड़ित तीन मरीजों का भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। कुछ दिन पहले सामान्य दिनों में इस तरह के मरीजों की संख्या कम थी।
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ठंड में बच्चों का रखें विशेष ध्यान
ठंड के मौसम में बच्चों का विशेष ध्यान देने की जरूरत है। इस मौसम में बच्चों की इम्युनिटी (रोग प्रतिरोध क्षमता) कम हो जाती है। तापमान कम होने से शरीर की प्रक्रिया असंतुलित हो जाती है। ऐसे में बच्चों को लेकर सावधानी बरतनी चाहिए। थोड़ी सी लापरवाही से बच्चे बीमारी की चपेट में आ जाते हैं। सर्दी, जुकाम, खांसी, बुखार हो जाता है। उन्हें सांस की परेशानी हो जाती है और निमोनिया हो जाता है। नजरंदाज करने पर दिक्कत अधिक हो सकती है। बच्चे की तबीयत बिगड़ने पर तत्काल चिकित्सक से संपर्क कर इलाज शुरू करना चाहिए। सरकारी अस्पताल में उपचार की सुविधा उपलब्ध है।
- डॉ. एचके मिश्रा, सीएमएस व बाल रोग विशेषज्ञ
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देवरिया। ठंड से बच्चों की सेहत बिगड़ रही है। इन दिनों अस्पताल के बाल रोग विभाग में सांस, निमोनिया, सर्दी-जुकाम, पेट दर्द, बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ी है। तीमारदार बच्चों को लेकर अस्पताल पहुंचे रहे हैं। गंभीर मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। पीआईसीयू के बेड भर गए हैं। चिकित्सक, बच्चों को ठंड से बचाने के लिए तीमारदारों को सलाह दे रहे हैं।
कड़ाके की ठंड से हर कोई परेशान है। इसका असर बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। इस मौसम में थोड़ी सी लापरवाही बच्चों पर भारी पड़ रही है। महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल के बाल रोग विभाग में तीमारदार बीमार बच्चों को लेकर पहुंच रहे हैं। शुक्रवार को ओपीडी में करीब नब्बे मरीजों का बाल रोग विशेषज्ञ व सीएमएस डॉ. एचके मिश्रा ने उपचार किया। यहां सांस व निमोनिया से ग्रसित मरीजों की संख्या अधिक रही। इनकी तादात करीब पचास रही, जिसमें गंभीर रूप से बीमार तकरीबन पांच बच्चों को भर्ती किया गया।
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इसके अलावा बुखार, पेट दर्द, सर्दी-जुकाम, खांसी के मरीज शामिल रहे। अधिकांश मरीजों की जांच कर दवा दी गई। उधर 15 बेड के पीआईसीयू में सभी मरीज थे। इसमें सांस व निमोनिया के 12 मरीज थे, जबकि तीन अन्य मरीज थे। वहीं, एचडीयू में सांस से पीड़ित तीन मरीजों का भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। कुछ दिन पहले सामान्य दिनों में इस तरह के मरीजों की संख्या कम थी।
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ठंड में बच्चों का रखें विशेष ध्यान
ठंड के मौसम में बच्चों का विशेष ध्यान देने की जरूरत है। इस मौसम में बच्चों की इम्युनिटी (रोग प्रतिरोध क्षमता) कम हो जाती है। तापमान कम होने से शरीर की प्रक्रिया असंतुलित हो जाती है। ऐसे में बच्चों को लेकर सावधानी बरतनी चाहिए। थोड़ी सी लापरवाही से बच्चे बीमारी की चपेट में आ जाते हैं। सर्दी, जुकाम, खांसी, बुखार हो जाता है। उन्हें सांस की परेशानी हो जाती है और निमोनिया हो जाता है। नजरंदाज करने पर दिक्कत अधिक हो सकती है। बच्चे की तबीयत बिगड़ने पर तत्काल चिकित्सक से संपर्क कर इलाज शुरू करना चाहिए। सरकारी अस्पताल में उपचार की सुविधा उपलब्ध है।
- डॉ. एचके मिश्रा, सीएमएस व बाल रोग विशेषज्ञ