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मुख्यमंत्री ने ढांढस बंधाया, साहस बढ़ाया
देवरिया
Updated Fri, 12 May 2017 11:36 PM IST
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शहीद के परिवार वालों से बातचीत करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
- फोटो : अमर उजाला
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नीलांबुज मिश्र
सलेमपुर। शहीद के घर तेरहवीं से पूर्व आने का वादा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खूब निभाया। तेरहवीं 14 मई को है और उससे दो दिन पहले सीएम को अपने बीच पाकर शहीद के घर वाले भावुक हो गए। सीएम ने परिवार के मुखिया जैसी शैली अपनाकर न सिर्फ सिर पर हाथ रखा बल्कि जो बोला उससे
भी हर किसी का मन-मनोबल बढ़ गया।
करीब 11 मिनट की मुलाकात में सीएम को देखते ही शहीद की पत्नी ज्ञानती तथा बेटे और बिटिया फफक पड़ीं। यह देख सीएम भी भावुक हो गए। शहीद की पत्नी के सिर पर हाथ रखकर कहा देश पर शहीद प्रेमसागर का कर्ज है। शहीद प्रेमसागर पर देश को नाज है। उनकी कुर्बानी जाया नहीं जाएगी। पूरा देश परिवार के साथ है। परिवार को किसी तरह की कमी नहीं आने दी जाएगी। मुख्यमंत्री के मुंह से यह बात सुनकर घर वालों की सिसकियां रुकीं।
घर वालों को ढांढस बंधाने के साथ शहीद से जुड़ी तमाम घोषणाएं करके प्रभावित परिवार ही नहीं गांव वालों का भी साहस बढ़ाया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह शहीद का गांव है। यहां जो भी सरकारी योजना होगी। उसे अमलीजामा पहनाया जाएगा। सपा विधायक आशुतोष उपाध्याय और सांसद रविन्द्र कुशवाहा से कहा कि दोनों लोग यहां के विकास के बारे में प्रस्ताव बनाकर भेजेंगे और उसी के तहत विकास कार्य होगा। यह तय है कि मुख्यमंत्री की घोषणाओं पर सरकारी अमला समय से अमल करेगा तो आने वाले दिनों में शहीद के परिवार, दलित बस्ती और टीकमपार गांव की स्थिति काफी सुधर जाएगी।
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सलेमपुर। शहीद के घर तेरहवीं से पूर्व आने का वादा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खूब निभाया। तेरहवीं 14 मई को है और उससे दो दिन पहले सीएम को अपने बीच पाकर शहीद के घर वाले भावुक हो गए। सीएम ने परिवार के मुखिया जैसी शैली अपनाकर न सिर्फ सिर पर हाथ रखा बल्कि जो बोला उससे
भी हर किसी का मन-मनोबल बढ़ गया।
करीब 11 मिनट की मुलाकात में सीएम को देखते ही शहीद की पत्नी ज्ञानती तथा बेटे और बिटिया फफक पड़ीं। यह देख सीएम भी भावुक हो गए। शहीद की पत्नी के सिर पर हाथ रखकर कहा देश पर शहीद प्रेमसागर का कर्ज है। शहीद प्रेमसागर पर देश को नाज है। उनकी कुर्बानी जाया नहीं जाएगी। पूरा देश परिवार के साथ है। परिवार को किसी तरह की कमी नहीं आने दी जाएगी। मुख्यमंत्री के मुंह से यह बात सुनकर घर वालों की सिसकियां रुकीं।
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घर वालों को ढांढस बंधाने के साथ शहीद से जुड़ी तमाम घोषणाएं करके प्रभावित परिवार ही नहीं गांव वालों का भी साहस बढ़ाया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह शहीद का गांव है। यहां जो भी सरकारी योजना होगी। उसे अमलीजामा पहनाया जाएगा। सपा विधायक आशुतोष उपाध्याय और सांसद रविन्द्र कुशवाहा से कहा कि दोनों लोग यहां के विकास के बारे में प्रस्ताव बनाकर भेजेंगे और उसी के तहत विकास कार्य होगा। यह तय है कि मुख्यमंत्री की घोषणाओं पर सरकारी अमला समय से अमल करेगा तो आने वाले दिनों में शहीद के परिवार, दलित बस्ती और टीकमपार गांव की स्थिति काफी सुधर जाएगी।
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