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Deoria News: सुनि लेहु अरज हमार हे छठी मईया...
Mon, 20 Nov 2023 01:58 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Mon, 20 Nov 2023 01:58 AM IST
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नगर के बथुवा रीवर फ्रंट पर छठ पर्व पर डूबते सूर्य को अर्घ्य देने को उमड़ा आस्था का सैलाब
देवरिया। रविवार शाम होते ही छठ पूजा के लिए दउरा (डलिया) में फल-फूल, ठेकुआ, मिठाई सिर पर लिए नंगे पांव श्रद्धालु महिलाएं नदियों और पोखरों के घाटों पर पूजा के लिए घरों से निकल पड़ीं। उनके साथ सहयोगी पति, पुत्र तथा परिवार के अन्य सदस्य दिखे। कांच ही बांस के बहंगिया..., सुनि लेहु अरज हमार हे छठी मईया... आदि गीतों के धुन गुनगुनाती टोलियों में महिलाएं पूजा स्थल पर पहुंच कर अलग-अलग जगह निर्धारित की और अर्घ्य की तैयारी पूरी की।
चार दिवसीय सूर्यषष्ठी पर्व के तीसरे दिन व्रती महिलाओं ने शुभ मुहूर्त में अस्ताचलगामी सूर्य को सामूहिक रूप से जल में खड़े होकर अर्घ्य दिया। सूर्योपासना के दौरान जिले के सभी नदी-घाटों पर आस्थावानों की जबरदस्त भीड़ रही। इस दौरान व्रतियों ने सुख, शांति एवं संतान सुख की कामना की। इस दौरान ढोल नगाड़े की गूंज भी खूब रही।
शहर के परमार्थी पोखरा, मनोकामना पूर्ण हनुमान मंदिर, सोमनाथ मंदिर, गायत्री शक्ति पीठ परिसर में स्थित लच्छीराम पोखरा, गोरखपुर ओवरब्रिज के नीचे स्थित, देवरही मंदिर स्थित सरोवर, भटवलिया विद्युत केंद्र स्थित शिव मंदिर के समीप बने अस्थाई पोखरे पर सबसे अधिक श्रद्धालु जुटे। कार्तिक शुक्ल षष्ठी तिथि में घाटों पर पहुंची व्रतियों ने भगवान भास्कर के डूबने का इंतजार किया।
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शुभ मुहूर्त में दिया अर्ध्य, की मंगलकामना
शाम को 5:22 बजे के शुभ मुहूर्त में अस्ताचल होते सूर्यदेव को पानी में खड़े होकर पूरे भक्ति भाव से देकर मंगल कामना की। इस मौके पर नदी घाट पर्व के गीतों से गुंजायमान रहे। नदी-घाटों पर उमड़ी भीड़ से यहां की छटा देखते ही बन रही थी। उत्साही युवाओं ने यहां पर आतिशबाजी भी की। व्रतियों को कोई दिक्कत न हो, इसके लिए शहर से लेकर देहात तक के घाटों पर साफ-सफाई, प्रकाश, गुब्बारों से सजावट, परमार्थी पोखरे पर तोरणद्वार, आदि की व्यवस्था की गई थी। रात्रि में जागरण कर व्रतियों ने व्रत के महात्म्य की कथा भी सुनीं।
......
छठ माता से की भारत के जीत की प्रार्थना
नदी-घाटों पर छठ माता एवं सूर्य की उपासना के साथ ही विश्व कप में भारत के जीत की भी प्रार्थना की गई। जो भी युवा पहुंचे थे वह पल-पल के स्कोर की जानकारी लेते रहे। भक्ति भाव से पूजन के साथ ही अधिकांश युवा मोबाइल पर ही मैच का आनंद भी लेते रहे। उधर युवतियां अपनी सहेलियों संग सेल्फी लेने में ज्यादा व्यस्त दिखीं।
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एक से दूसरे घाटों तक प्रशासन की दौड़ती रहीं गाड़ियां
दोपहर के बाद से ही जिला प्रशासन से जुड़े अधिकारियों की गाड़ियां नदी घाटों की तरफ दौड़ती रहीं। रास्ते भर वह पुलिसकर्मियों को निर्देश भी देते गए। घाटों पर जहां कुछ कमियां इन्हें दिखीं उन्हें फौरन दुरुस्त भी करा दिया। अधिकारियों ने इस बात की विशेष हिदायत दी कि पानी के बहुत अंदर कोई महिला श्रद्धालु न जाएं और सुरक्षा का ख्याल रखने का पुलिसकर्मियों को खास ध्यान रखने को कहा।
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फोटो
डूबते सूर्य को व्रती महिलाओं ने अर्घ्य देकर किया विदा
भाटपाररानी। नगर सहित पूरे क्षेत्र में रविवार को छठ महापर्व के दिन नदियों तालाबों और पोखरों पर बने छठ घाटों पर व्रती महिलाओं ने जाकर डूबते सूरज को अर्घ्य देकर विदा किया। नगर के रानी पोखरा छठ घाट पर नगर की व्रती महिलाओं ने नगर पंचायत अध्यक्ष प्रेमलता गुप्ता के साथ खड़े होकर पूजा अर्चना की और डूबते सूरज को अर्घ्य देकर विदा किया। इसके अलावा रेलवे स्टेशन के बगल में बने तालाब सोहनपार पोखरा, चनुकी घाट, मदन चक, मलहचक आदि जगहों पर छोटी गंडक नदी के और खनुवा नदी, स्याही नदी पर छठ घाट पर महिलाओं ने अर्घ्य दिया।
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चार दिवसीय सूर्यषष्ठी पर्व के तीसरे दिन व्रती महिलाओं ने शुभ मुहूर्त में अस्ताचलगामी सूर्य को सामूहिक रूप से जल में खड़े होकर अर्घ्य दिया। सूर्योपासना के दौरान जिले के सभी नदी-घाटों पर आस्थावानों की जबरदस्त भीड़ रही। इस दौरान व्रतियों ने सुख, शांति एवं संतान सुख की कामना की। इस दौरान ढोल नगाड़े की गूंज भी खूब रही।
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शहर के परमार्थी पोखरा, मनोकामना पूर्ण हनुमान मंदिर, सोमनाथ मंदिर, गायत्री शक्ति पीठ परिसर में स्थित लच्छीराम पोखरा, गोरखपुर ओवरब्रिज के नीचे स्थित, देवरही मंदिर स्थित सरोवर, भटवलिया विद्युत केंद्र स्थित शिव मंदिर के समीप बने अस्थाई पोखरे पर सबसे अधिक श्रद्धालु जुटे। कार्तिक शुक्ल षष्ठी तिथि में घाटों पर पहुंची व्रतियों ने भगवान भास्कर के डूबने का इंतजार किया।
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शुभ मुहूर्त में दिया अर्ध्य, की मंगलकामना
शाम को 5:22 बजे के शुभ मुहूर्त में अस्ताचल होते सूर्यदेव को पानी में खड़े होकर पूरे भक्ति भाव से देकर मंगल कामना की। इस मौके पर नदी घाट पर्व के गीतों से गुंजायमान रहे। नदी-घाटों पर उमड़ी भीड़ से यहां की छटा देखते ही बन रही थी। उत्साही युवाओं ने यहां पर आतिशबाजी भी की। व्रतियों को कोई दिक्कत न हो, इसके लिए शहर से लेकर देहात तक के घाटों पर साफ-सफाई, प्रकाश, गुब्बारों से सजावट, परमार्थी पोखरे पर तोरणद्वार, आदि की व्यवस्था की गई थी। रात्रि में जागरण कर व्रतियों ने व्रत के महात्म्य की कथा भी सुनीं।
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छठ माता से की भारत के जीत की प्रार्थना
नदी-घाटों पर छठ माता एवं सूर्य की उपासना के साथ ही विश्व कप में भारत के जीत की भी प्रार्थना की गई। जो भी युवा पहुंचे थे वह पल-पल के स्कोर की जानकारी लेते रहे। भक्ति भाव से पूजन के साथ ही अधिकांश युवा मोबाइल पर ही मैच का आनंद भी लेते रहे। उधर युवतियां अपनी सहेलियों संग सेल्फी लेने में ज्यादा व्यस्त दिखीं।
एक से दूसरे घाटों तक प्रशासन की दौड़ती रहीं गाड़ियां
दोपहर के बाद से ही जिला प्रशासन से जुड़े अधिकारियों की गाड़ियां नदी घाटों की तरफ दौड़ती रहीं। रास्ते भर वह पुलिसकर्मियों को निर्देश भी देते गए। घाटों पर जहां कुछ कमियां इन्हें दिखीं उन्हें फौरन दुरुस्त भी करा दिया। अधिकारियों ने इस बात की विशेष हिदायत दी कि पानी के बहुत अंदर कोई महिला श्रद्धालु न जाएं और सुरक्षा का ख्याल रखने का पुलिसकर्मियों को खास ध्यान रखने को कहा।
फोटो
डूबते सूर्य को व्रती महिलाओं ने अर्घ्य देकर किया विदा
भाटपाररानी। नगर सहित पूरे क्षेत्र में रविवार को छठ महापर्व के दिन नदियों तालाबों और पोखरों पर बने छठ घाटों पर व्रती महिलाओं ने जाकर डूबते सूरज को अर्घ्य देकर विदा किया। नगर के रानी पोखरा छठ घाट पर नगर की व्रती महिलाओं ने नगर पंचायत अध्यक्ष प्रेमलता गुप्ता के साथ खड़े होकर पूजा अर्चना की और डूबते सूरज को अर्घ्य देकर विदा किया। इसके अलावा रेलवे स्टेशन के बगल में बने तालाब सोहनपार पोखरा, चनुकी घाट, मदन चक, मलहचक आदि जगहों पर छोटी गंडक नदी के और खनुवा नदी, स्याही नदी पर छठ घाट पर महिलाओं ने अर्घ्य दिया।