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Deoria News: ऑनलाइन गेमिंग और निवेश का झांसा देकर की ठगी, मास्टरमाइंड की तलाश

Mon, 07 Sep 2026 12:22 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया Updated Mon, 07 Sep 2026 12:22 AM IST
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Cheating on the pretext of online gaming and investment, search for mastermind
देवरिया। जागरूकता अभियान और बार-बार सामने आ रही घटनाओं के बावजूद साइबर ठग व्हाट्सएप और टेलीग्राम जैसे सोशल मीडिया नेटवर्क के जरिये लोगों को निवेश समूहों से जोड़ते हैं।
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फर्जी ट्रेडिंग एप या वेबसाइट पर शुरुआत में लाभ दिलाते हैं। पुलिस की जांच में सामने आ रहा है कि इस नेटवर्क का असली संचालन गिरफ्तार गुर्गो से ऊपर बैठे साइबर अपराधी करते हैं। गिरोह का मास्टरमाइंड लोगों को ऑनलाइन गेमिंग और निवेश के नाम पर अधिक कमाई का लालच देकर अपने जाल में फंसाता है।
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ऑनलाइन गेमिंग और निवेश में मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर लोगों से साइबर ठगी करने वाले जिले में सक्रिय गिरोह के मास्टरमाइंड तक पहुंचने में पुलिस जुट गई है। बनकटा पुलिस के हत्थे चढ़े तीन आरोपियों से पुलिस की पूछताछ और मोबाइल की जांच में गिरोह के नेटवर्क से जुड़ी जानकारियां सामने आई हैं। पुलिस को मास्टरमाइंड का नाम मिल गया है।
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पुलिस अब नाम के आधार पर पते और अन्य जानकारी जुटा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि गिरोह ने किन-किन लोगों के खाते साइबर ठगी की रकम मंगाने में इस्तेमाल किए हैं। बनकटा पुलिस ने शनिवार को सोहनपुर बाईपास के पास से बिहार के सिवान जिले के इरशाद अंसारी, मुकेश कुमार यादव और राजकुमार सिंह को गिरफ्तार किया था।
पुलिस ने उनके पास से तीन मोबाइल और महिंद्रा थार बरामद की थी। पुलिस के अनुसार, तीनों साइबर अपराधियों के संपर्क में थे। गिरोह लोगों के बैंक खाते हासिल करता था और साइबर ठगी से मिली रकम इन खातों में मंगाता था।
इसके बाद रकम आगे साइबर अपराधियों तक पहुंचाई जाती थी। खाताधारक को भी इसके बदले कुछ रुपये दिए जाते थे और बीच में काम करने वालों को कमीशन मिलता था। पूछताछ के बाद तीनों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। बनकटा के मामले में पुलिस अब मोबाइल में मिले संपर्क नंबर, बैंक खातों के लेनदेन और गिरोह के अन्य सदस्यों की जानकारी खंगाल रही है।

मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी के बाद यह साफ हो सकेगा कि गिरोह ने कितने लोगों से ठगी की, कितने बैंक खाते इस्तेमाल किए और नेटवर्क किन जिलों या राज्यों तक फैला है।
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