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Deoria News: एक अरब से अधिक रुपये चिटफंड कंपनियों में गंवा चुके हैं जनपदवासी

Tue, 07 Mar 2023 07:03 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया Updated Tue, 07 Mar 2023 07:03 PM IST
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cheating of chi fund companies
रकम वापसी के लिए पांच हजार लोगों ने जिला प्रशासन के पास किया है आवेदन
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संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। चिटफंड कंपनियों के चक्कर में फंसकर जनपदवासी करीब एक अरब से अधिक रुपये गंवा चुके हैं। विभिन्न थानों में करीब 90 मुकदमे दर्ज हैं । बड्स एक्ट धरातल पर न होने के कारण रुपये गंवा चुके लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है । जबकि दूसरी तरफ रकम वापसी के लिए करीब 5000 लोगों ने जिला प्रशासन के पास गुहार लगाई है ।
चिटफंड कंपनियों ने पिछले एक दशक के भीतर रकम दोगुना करने का लालच देकर जनपद से एक अरब से अधिक रुपये जमा कराया। इसके बाद कुछ कंपनियां फरार हो गईं। खास तौर पर ये कंपनियां ग्रामीण इलाकों में अपना जाल फैलाते हुए मोटे कमीशन का लालच देकर गांव-गांव अपना एजेंट बनाई थीं।
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पुलिस के आंकड़ों पर गौर किया जाए तो चिटफंड कंपनियां काफी संख्या में लोगों के रुपये लेकर फरार हैं। पुलिस ने मुकदमा तो दर्ज कर लिया, लेकिन विवेचना के दौरान अभी तक किसी भी चिटफंड कंपनी के कर्मचारी और निदेशक को गिरफ्तार नहीं किया है। थानों में दर्ज मुकदमों में सबसे अधिक स्पेन ग्रुप ने 30 करोड़ रुपये की हेराफेरी की है। जबकि विश्वामित्र, एक्सेस ग्रुप, कल्पतरू, कैमुना, रियल इंडिया, प्रास्पेक्टेस निधि सहित अन्य कंपनियों के खिलाफ मुकदमे दर्ज हैं।
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सबसे गंभीर बात तो यह है कि रुपये गंवाने वाले लोगों को अभी कुछ माह पहले आस जगी थी कि बड्स एक्ट के तहत उनके रुपये मिल सकते हैं, लेकिन अभी तक शासनादेश न आने के कारण जनपद के अधिकारी भी कार्यालय में आए पांच हजार आवेदनों पर विचार नहीं कर पा रहे हैं। गरीबों के आवेदन आलमारी में धूल फांक रहे हैंं।

कोट:
अभी कुछ दिन पहले बड्स एक्ट के तहत काफी संख्या में लोगों का आवेदन जुटाकर जिलाधिकारी कार्यालय में जमा किया गया था। कानून पीड़ित न्याय मंच इसकी लड़ाई लड़ रहा है। जनपद में अभी तक एक अरब से अधिक रुपये लोगों के फंसे हुए हैं।
-अविनाश सिंह, अधिवक्ता व सचिव कानून पीड़ित न्याय मंच

जो मुकदमे दर्ज हैं, उनकी विवेचना चल रही है। कई विवेचनाओं में आरोप पत्र भी न्यायालय में दाखिल किए जा चुके हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी प्रयास किया जा रहा है।

-राजेश कुमार, एएसपी

बड्स एक्ट 2019
जिला अग्रणी प्रबंधक अरुणेश कुमार ने बताया कि विभिन्न क्षेत्रों से सोसाइटी व चिटफंड कंपनियों में निवेशित धनराशि की वापसी के सम्बन्ध में बहुत से जमाकर्ताओं द्वारा अपने पैसे की वापसी के लिए बड्स एक्ट 2019 के तहत आवेदन किया है। निवेशित धनराशि की वापसी के संबंध बड्स एक्ट 2019 की अधिसूचना उप्र सरकार ने अभी जारी नहीं हुई है। इन दोनों कारणों की वजह से जिलाधिकारी के जनता दर्शन में दिए गये आवेदनों पर कोई विधिक कार्रवाई नहीं की जा सकती है।
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