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साहब, बाढ़ ने छीन लिया हम ग्रामीणों का निवाला
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साहब, बाढ़ ने छीन लिया हम ग्रामीणों का निवाला
बरहज (देवरिया)। केंद्र सरकार की ओर से आई ज्वाइंट सेक्रेटरी की छह सदस्यीय टीम ने क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांवों का जायजा लिया। अधिकारियों ने गांव के लोगों से संवाद करते हुए नुकसान का आकलन किया।
भदिला प्रथम गांव में 105 वर्षीय वृद्ध किसान राजमंगल यादव ने कहा कि साहब, इस वर्ष बाढ़ ने हम ग्रामीणों का निवाला छीन लिया है। जांच टीम ने साथ आए अधिकारियों के साथ स्थलीय सर्वे और हर एक बिंदु की जानकारी ली।
रविवार को करीब तीन बजे गृह मंत्रालय के ज्वाइंट सेक्रेटरी रमेश गंटा, उप सचिव ग्रामीण मंत्रालय शैलेष कुमार, आरबी कौल, बीसी शर्मा, अभिलाष कुमार, डॉ. मान सिंह नाव और ई-रिक्शा के जरिए डीएम अमित किशोर और एसडीएम बरहज सुनील कुमार सिंह के साथ भदिला प्रथम गांव पहुंचे। प्रधान शेषनाथ यादव, शिवनाथ यादव, रणजीत यादव, श्रीराम यादव आदि ने धान, मक्का आदि फसल बाढ़ में बर्बाद हो जाना बताया।
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ग्रामीणों का यह भी कहना था कि गांव चारों ओर से नदी से घिरा है। रास्ता न होने और कुंड धनया माल के नदी में विलीन हो जाना बताया। जांच टीम से अधिकारियों ने 296 हेक्टेयर खेती, जबकि 20 गैर आवासीय और सात आवासीय नुकसान बताया। बाढ़ का पानी भरने से 150 शौचालयों की क्षति और स्कूल भवनों के फर्श टूट जाना बताया गया। तत्पश्चात जांच टीम कपरवार गांव की जांच की जहां प्रधान हनुमान गुप्त, देवेश सिंह आदि ने खादर और बांगर में फसलों के नष्ट होने के साथ करीब 200 हेक्टेयर जमीन नदी में विलीन होना बताया।
1998 के बाद आई बाढ़ से अरहर, तिलहन, मक्का आदि की फसल बर्बाद हुए हैं। मौके पर सीआरओ अमृत लाल बिंद, एएसपी शिष्यपाल सिंह, तहसीलदार वंशराज राम, सीओ दिनेश सिंह यादव, एबीएसए शैलेंद्र कुमार, जितेंद्र सिंह, कमलाकांत भास्कर, गनेश मिश्र, दिनेश मिश्र, बिकाऊ प्रसाद, अर्जुन प्रसाद, बृजेश सिंह, अजीत विक्रम सिंह, हीरालाल मधुकर, इंस्पेक्टर अनिल पांडेय, मदनपुर श्याम लाल यादव, ओपी सिंह आदि मौजूद रहे।
एनआईओएस डीएलएड प्रशिक्षुओं ने दिया ज्ञापन
बाढ़ प्रभावित गांवों की जांच करने आई केंद्रीय जांच टीम और डीएम अमित किशोर को सरकारी विद्यालयों में पढ़ा रहे एनआईओएस डीएलएड प्रशिक्षुओं ने ज्ञापन दिया। ज्ञापन में कहा गया है कि 2017-19 में भारत सरकार की योजना के तहत प्रशिक्षण दिलाया गया है। उनका कहना था कि सभी पांच-दस साल से सरकारी विद्यालयों में प्राइवेट शिक्षक के रूप में तैनात हैं। सबने सरकार से न्यूनतम मानदेय दिलाने की मांग की है।
पत्रक में उनका यह भी कहना है कि कोरोना संकट में सरकारी विद्यालयों के प्राइवेट शिक्षक सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। इस दौरान घनश्याम कुशवाहा, संतराज यादव, विजय शंकर मौर्य, ज्ञान सिंह आदि मौजूद रहे।
बाढ़ से हुई क्षति का केंद्रीय टीम ने जाना हाल
देवरिया। आपदा आकलन टीम ने विकास भवन गांधी सभागार में समीक्षा कर अब तक किए गए तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि जो कार्य कराए गए हों, उसका भी आकलन कर उसे धनराशि में शामिल किया जाए। तात्कालिक रूप से जन सुविधाओं के दृष्टिगत आवश्यक कार्य को प्राथमिकता के साथ कराया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आपदाओं से हुई क्षति का आकलन आवश्यकता अनुरूप उसे प्रस्तुत किया जाना चाहिए। फसल नुकसान का आकलन निष्पक्षता से कराई जाए और जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई कराने के लिए आकलन प्रस्तुत किया जाए। बताया गया कि बीमा कंपनी की ओर से सर्वे किया गया है। कार्य जो भी हो, उसका अभिलेखीकरण किया जाए। टीम में संयुक्त सचिव एमडीएमए गृह मंत्रालय रमेश कुमार, आरबी कौल, सलाहकार वित्त मंत्रालय, डॉ. मानसिंह, निदेशक कृषि एवं एसडीएमए बलबीर सिंह शामिल रहे।
डीएम अमित किशोर ने टीम की ओर से दिए गए सुझाव का पालन करने का कर्मचारियों को निर्देश दिया। एसपी डॉ. श्रीपति मिश्र, सीआरओ अमृतलाल बिंद, एडीएम प्रशासन राकेश कुमार पटेल, एएसपी शिष्यपाल सिंह सीएमओ आलोक पांडेय आदि मौजूद रहे।
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बरहज (देवरिया)। केंद्र सरकार की ओर से आई ज्वाइंट सेक्रेटरी की छह सदस्यीय टीम ने क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांवों का जायजा लिया। अधिकारियों ने गांव के लोगों से संवाद करते हुए नुकसान का आकलन किया।
भदिला प्रथम गांव में 105 वर्षीय वृद्ध किसान राजमंगल यादव ने कहा कि साहब, इस वर्ष बाढ़ ने हम ग्रामीणों का निवाला छीन लिया है। जांच टीम ने साथ आए अधिकारियों के साथ स्थलीय सर्वे और हर एक बिंदु की जानकारी ली।
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रविवार को करीब तीन बजे गृह मंत्रालय के ज्वाइंट सेक्रेटरी रमेश गंटा, उप सचिव ग्रामीण मंत्रालय शैलेष कुमार, आरबी कौल, बीसी शर्मा, अभिलाष कुमार, डॉ. मान सिंह नाव और ई-रिक्शा के जरिए डीएम अमित किशोर और एसडीएम बरहज सुनील कुमार सिंह के साथ भदिला प्रथम गांव पहुंचे। प्रधान शेषनाथ यादव, शिवनाथ यादव, रणजीत यादव, श्रीराम यादव आदि ने धान, मक्का आदि फसल बाढ़ में बर्बाद हो जाना बताया।
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ग्रामीणों का यह भी कहना था कि गांव चारों ओर से नदी से घिरा है। रास्ता न होने और कुंड धनया माल के नदी में विलीन हो जाना बताया। जांच टीम से अधिकारियों ने 296 हेक्टेयर खेती, जबकि 20 गैर आवासीय और सात आवासीय नुकसान बताया। बाढ़ का पानी भरने से 150 शौचालयों की क्षति और स्कूल भवनों के फर्श टूट जाना बताया गया। तत्पश्चात जांच टीम कपरवार गांव की जांच की जहां प्रधान हनुमान गुप्त, देवेश सिंह आदि ने खादर और बांगर में फसलों के नष्ट होने के साथ करीब 200 हेक्टेयर जमीन नदी में विलीन होना बताया।
1998 के बाद आई बाढ़ से अरहर, तिलहन, मक्का आदि की फसल बर्बाद हुए हैं। मौके पर सीआरओ अमृत लाल बिंद, एएसपी शिष्यपाल सिंह, तहसीलदार वंशराज राम, सीओ दिनेश सिंह यादव, एबीएसए शैलेंद्र कुमार, जितेंद्र सिंह, कमलाकांत भास्कर, गनेश मिश्र, दिनेश मिश्र, बिकाऊ प्रसाद, अर्जुन प्रसाद, बृजेश सिंह, अजीत विक्रम सिंह, हीरालाल मधुकर, इंस्पेक्टर अनिल पांडेय, मदनपुर श्याम लाल यादव, ओपी सिंह आदि मौजूद रहे।
एनआईओएस डीएलएड प्रशिक्षुओं ने दिया ज्ञापन
बाढ़ प्रभावित गांवों की जांच करने आई केंद्रीय जांच टीम और डीएम अमित किशोर को सरकारी विद्यालयों में पढ़ा रहे एनआईओएस डीएलएड प्रशिक्षुओं ने ज्ञापन दिया। ज्ञापन में कहा गया है कि 2017-19 में भारत सरकार की योजना के तहत प्रशिक्षण दिलाया गया है। उनका कहना था कि सभी पांच-दस साल से सरकारी विद्यालयों में प्राइवेट शिक्षक के रूप में तैनात हैं। सबने सरकार से न्यूनतम मानदेय दिलाने की मांग की है।
पत्रक में उनका यह भी कहना है कि कोरोना संकट में सरकारी विद्यालयों के प्राइवेट शिक्षक सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। इस दौरान घनश्याम कुशवाहा, संतराज यादव, विजय शंकर मौर्य, ज्ञान सिंह आदि मौजूद रहे।
बाढ़ से हुई क्षति का केंद्रीय टीम ने जाना हाल
देवरिया। आपदा आकलन टीम ने विकास भवन गांधी सभागार में समीक्षा कर अब तक किए गए तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि जो कार्य कराए गए हों, उसका भी आकलन कर उसे धनराशि में शामिल किया जाए। तात्कालिक रूप से जन सुविधाओं के दृष्टिगत आवश्यक कार्य को प्राथमिकता के साथ कराया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आपदाओं से हुई क्षति का आकलन आवश्यकता अनुरूप उसे प्रस्तुत किया जाना चाहिए। फसल नुकसान का आकलन निष्पक्षता से कराई जाए और जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई कराने के लिए आकलन प्रस्तुत किया जाए। बताया गया कि बीमा कंपनी की ओर से सर्वे किया गया है। कार्य जो भी हो, उसका अभिलेखीकरण किया जाए। टीम में संयुक्त सचिव एमडीएमए गृह मंत्रालय रमेश कुमार, आरबी कौल, सलाहकार वित्त मंत्रालय, डॉ. मानसिंह, निदेशक कृषि एवं एसडीएमए बलबीर सिंह शामिल रहे।
डीएम अमित किशोर ने टीम की ओर से दिए गए सुझाव का पालन करने का कर्मचारियों को निर्देश दिया। एसपी डॉ. श्रीपति मिश्र, सीआरओ अमृतलाल बिंद, एडीएम प्रशासन राकेश कुमार पटेल, एएसपी शिष्यपाल सिंह सीएमओ आलोक पांडेय आदि मौजूद रहे।