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नीलकंठ को मंत्री बनाए जाने पर जश्न
देवरिया/ अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 19 Mar 2017 11:20 PM IST
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जश्न मनाते गांव के लोग।
- फोटो : अमर उजाला
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पहले प्रयास में विधायक बने देवरिया के नीलकंठ तिवारी को राज्य मंत्री बनाया गया है। इसकी जानकारी मिलते ही पैतृक गांव कटियारी में होली के साथ दीवाली जैसा महौल हो गया। क्या युवा हों या बुजुर्ग सभी उत्साहित नजर आए। जश्न में डूबे लोग गांव से दूर रहने वाले लोगों और जानने वालों को इसकी जानकारी देते रहे। मिठाइयां भी बांटी गई।
वाराणसी दक्षिणी से विधायक बने देवरिया जिले के भागलपुर ब्लॉक के कटियारी गांव निवासी नीलकंठ तिवारी को मंत्रिमंडल में जगह मिला है। रविवार को शपथ ग्रहण समारोह में राज्य मंत्री के लिए शपथ दिलाई गई। टीवी से चिपके लोग यह दृश्य देख खुशी से झूम उठे। लोगों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर बधाई दी। गांव के बुजुर्ग भी युवाओं से कम नहीं रहे। एक स्थान पर बैठे लोग मनोज तिवारी, श्रीकांत तिवारी, अमरेन्द्र मिश्रा जयप्रकाश आदि ने नीलकंठ तिवारी की चर्चा करते हुए कहा कि यह गांव के लिए सौभाग्य की बात है। इससे हम लोग खुश हैं। मालूम हो कि इनके पिता ओंकारनाथ तिवारी यूपी पुलिस में इंस्पेक्टर थे। इनकी तैनाती वाराणसी में थी। गांव के बाद नीलकंठ वाराणसी में ही शिक्षा ग्रहण किए। पहली बार चुनाव मैदान में उतरे और मोदी लहर में पूर्व सांसद राजेश मिश्र को हराकर विधायक निर्वाचित हो गए। राजेश मिश्र का पैतृक गांव देवरिया जिले का कसली है, जो कटियारी से करीब तीन किमी की दूरी पर है।
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वाराणसी दक्षिणी से विधायक बने देवरिया जिले के भागलपुर ब्लॉक के कटियारी गांव निवासी नीलकंठ तिवारी को मंत्रिमंडल में जगह मिला है। रविवार को शपथ ग्रहण समारोह में राज्य मंत्री के लिए शपथ दिलाई गई। टीवी से चिपके लोग यह दृश्य देख खुशी से झूम उठे। लोगों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर बधाई दी। गांव के बुजुर्ग भी युवाओं से कम नहीं रहे। एक स्थान पर बैठे लोग मनोज तिवारी, श्रीकांत तिवारी, अमरेन्द्र मिश्रा जयप्रकाश आदि ने नीलकंठ तिवारी की चर्चा करते हुए कहा कि यह गांव के लिए सौभाग्य की बात है। इससे हम लोग खुश हैं। मालूम हो कि इनके पिता ओंकारनाथ तिवारी यूपी पुलिस में इंस्पेक्टर थे। इनकी तैनाती वाराणसी में थी। गांव के बाद नीलकंठ वाराणसी में ही शिक्षा ग्रहण किए। पहली बार चुनाव मैदान में उतरे और मोदी लहर में पूर्व सांसद राजेश मिश्र को हराकर विधायक निर्वाचित हो गए। राजेश मिश्र का पैतृक गांव देवरिया जिले का कसली है, जो कटियारी से करीब तीन किमी की दूरी पर है।
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