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सीडीओ ने पीडी और बीडीओ से स्पष्टीकरण मांगा
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सीडीओ ने पीडी और बीडीओ से स्पष्टीकरण मांगा
देवरिया। शासन का प्रमुख सचिव बताकर भागलपुर के ग्राम प्रधानों से गरीब की बेटी की शादी के लिए रकम मांगने वाले ठग ने दूसरे दिन भी कुछ ग्राम प्रधानों को खुद फोन कर रकम मांगी। उधर, इस मामले में नादानी करने वाले ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक महेश नारायण पांडेय एवं खंड विकास अधिकारी मीना सिंह से मुख्य विकास अधिकारी ने स्पष्टीकरण तलब किया है।
सोमवार दोपहर करीब एक बजे एक अज्ञात का पीडी महेश नारायण पांडेय के मोबाइल पर आया। फोन करने वाले ने खुद को कमिश्नर का स्टोनो बताकर 9651109900 पर बात करने को कहा। उसने कहा कि यह नंबर सचिवालय के एक प्रमुख सचिव का है। इसमें गौर करने वाली बात यह है कि अपने को स्टोनो बताकर फोन करने वाले ने प्रमुख सचिव को आईपीएस बताया।
प्रश्न यह है कि इतने जिम्मेदार पद पर बैठे परियोजना निदेशक को क्या यह नहीं पता कि सचिव आईपीएस नहीं होता है। खैर उन्होंने इससे बढ़कर नादानी की। पीडी ने उस ठग के नंबर पर खुद फोन किया तो कथित प्रमुख सचिव ने भागलपुर बीडीओ से बात कराने को कहा। पीडी ने पूरी जानकारी किए बगैर ही सीधे भागलपुर बीडीओ को नंबर देकर बात करने को कहा। बीडीओ ने पीडी के दिए मोबाइल नंबर पर बात की तो उसने कहा कि मैं लखनऊ से प्रमुख सचिव बोल रहा हूं। उसने ब्लॉक के दर्जन भर गांव का नाम नोट कराया और अपने दिए नंबर पर प्रधानों से बात करने को कहा। बीडीओ ने भी कोई जांच पड़ताल नहीं की। उन्होंने लिपिक को लगाकर सभी ग्राम प्रधानों को फोन कराकर उन्हें नंबर देकर तत्काल बात करने का फरमान जारी कर दिया। जहां कथित प्रमुख सचिव ने चपरासी के लड़की की शादी के नाम पर खाता नंबर देकर पांच हजार से दस हजार रुपये भेजने को कहा। इसके एवज में चार आवास सीधे शासन से भेजने की बात कहीं। आवास और रकम की बात सुन प्रधानों को अटपटा लगा। प्रधानों ने इसकी शिकायत जिले के अधिकारियों से की। डीएम अमित किशोर के निर्देेश पर मुख्य विकास अधिकारी ने पूरे मामले में परियोजना निदेशक महेश नारायण पांडेय और खंड विकास अधिकारी मीना सिंह की लापरवाही एवं नादानी बरतने की वजह से उनका स्पष्टीकरण तलब किया है। सीडीओ ने कहा कि जवाब आने के बाद इनके खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को लिखा जाएगा।
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खंड विकास अधिकारी से मिले ग्राम प्रधान
पूरे मामले से आक्रोशित ग्राम प्रधान मंगलवार को खंड विकास अधिकारी से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि दूसरे दिन भी कथित ठग ने उन्हें फोन कर पैसे मांग रहा है। जब तय हो गया कि वह ठग है तो उसके खिलाफ पुलिस कार्रवाई 24 घंटे बाद भी क्यों नहीं कराई गई।
प्रधान संघ के अध्यक्ष गुलाबचंद यादव ने कहा कि भागलपुर, बलिया, उत्तर, बलिया दक्षिण, नरसिंहडाड, पिपरा पाठक, धरमेर, तेलिका कला, मईल, बगहा, गोड़वली, छित्तुपुर सहित कई गांवों के प्रधानों से गरीब लड़की की शादी कराने के नाम पर पैसे मांगे गए हैं। उसने एसबीआई बक्सर का खाता नंबर दिया है। इस दौरान चंद्रशेखर प्रसाद, नवनाथ यादव, सुनील पांडेय आदि मौजूद रहे। उधर, इस संबंध में बीडीओ भागलपुर मीना सिंह ने बताया कि प्रधानों का बयान लेकर जिले अधिकारियों के पास भेजा जा रहा है। वहीं से जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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देवरिया। शासन का प्रमुख सचिव बताकर भागलपुर के ग्राम प्रधानों से गरीब की बेटी की शादी के लिए रकम मांगने वाले ठग ने दूसरे दिन भी कुछ ग्राम प्रधानों को खुद फोन कर रकम मांगी। उधर, इस मामले में नादानी करने वाले ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक महेश नारायण पांडेय एवं खंड विकास अधिकारी मीना सिंह से मुख्य विकास अधिकारी ने स्पष्टीकरण तलब किया है।
सोमवार दोपहर करीब एक बजे एक अज्ञात का पीडी महेश नारायण पांडेय के मोबाइल पर आया। फोन करने वाले ने खुद को कमिश्नर का स्टोनो बताकर 9651109900 पर बात करने को कहा। उसने कहा कि यह नंबर सचिवालय के एक प्रमुख सचिव का है। इसमें गौर करने वाली बात यह है कि अपने को स्टोनो बताकर फोन करने वाले ने प्रमुख सचिव को आईपीएस बताया।
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प्रश्न यह है कि इतने जिम्मेदार पद पर बैठे परियोजना निदेशक को क्या यह नहीं पता कि सचिव आईपीएस नहीं होता है। खैर उन्होंने इससे बढ़कर नादानी की। पीडी ने उस ठग के नंबर पर खुद फोन किया तो कथित प्रमुख सचिव ने भागलपुर बीडीओ से बात कराने को कहा। पीडी ने पूरी जानकारी किए बगैर ही सीधे भागलपुर बीडीओ को नंबर देकर बात करने को कहा। बीडीओ ने पीडी के दिए मोबाइल नंबर पर बात की तो उसने कहा कि मैं लखनऊ से प्रमुख सचिव बोल रहा हूं। उसने ब्लॉक के दर्जन भर गांव का नाम नोट कराया और अपने दिए नंबर पर प्रधानों से बात करने को कहा। बीडीओ ने भी कोई जांच पड़ताल नहीं की। उन्होंने लिपिक को लगाकर सभी ग्राम प्रधानों को फोन कराकर उन्हें नंबर देकर तत्काल बात करने का फरमान जारी कर दिया। जहां कथित प्रमुख सचिव ने चपरासी के लड़की की शादी के नाम पर खाता नंबर देकर पांच हजार से दस हजार रुपये भेजने को कहा। इसके एवज में चार आवास सीधे शासन से भेजने की बात कहीं। आवास और रकम की बात सुन प्रधानों को अटपटा लगा। प्रधानों ने इसकी शिकायत जिले के अधिकारियों से की। डीएम अमित किशोर के निर्देेश पर मुख्य विकास अधिकारी ने पूरे मामले में परियोजना निदेशक महेश नारायण पांडेय और खंड विकास अधिकारी मीना सिंह की लापरवाही एवं नादानी बरतने की वजह से उनका स्पष्टीकरण तलब किया है। सीडीओ ने कहा कि जवाब आने के बाद इनके खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को लिखा जाएगा।
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खंड विकास अधिकारी से मिले ग्राम प्रधान
पूरे मामले से आक्रोशित ग्राम प्रधान मंगलवार को खंड विकास अधिकारी से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि दूसरे दिन भी कथित ठग ने उन्हें फोन कर पैसे मांग रहा है। जब तय हो गया कि वह ठग है तो उसके खिलाफ पुलिस कार्रवाई 24 घंटे बाद भी क्यों नहीं कराई गई।
प्रधान संघ के अध्यक्ष गुलाबचंद यादव ने कहा कि भागलपुर, बलिया, उत्तर, बलिया दक्षिण, नरसिंहडाड, पिपरा पाठक, धरमेर, तेलिका कला, मईल, बगहा, गोड़वली, छित्तुपुर सहित कई गांवों के प्रधानों से गरीब लड़की की शादी कराने के नाम पर पैसे मांगे गए हैं। उसने एसबीआई बक्सर का खाता नंबर दिया है। इस दौरान चंद्रशेखर प्रसाद, नवनाथ यादव, सुनील पांडेय आदि मौजूद रहे। उधर, इस संबंध में बीडीओ भागलपुर मीना सिंह ने बताया कि प्रधानों का बयान लेकर जिले अधिकारियों के पास भेजा जा रहा है। वहीं से जांच कर कार्रवाई की जाएगी।