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Deoria: साली की शादी में आ रहे जीजा का पूरा परिवार सड़क हादसे में हो गया समाप्त, मां की गोद में बेटे की मौत
Sat, 08 Apr 2023 03:21 PM IST
vivek shukla
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया।
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 08 Apr 2023 03:21 PM IST
सार
सोनू शाह के बड़े भाई हवलदार साह सेंचुरी पेपर मिल में ठेकेदारी करते हैं। सोनू पत्नी, भाई और बहन के साथ नैनीताल गए थे। वह शुक्रवार को परिवार के साथ गांव लौट रहे थे। शुक्रवार की रात वह श्रीदत्तगंज थाना क्षेत्र के बजाज चीनी मिल गेट के पास पहुंचे तो सामने से अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। टक्कर मारने वाला वाहन भाग निकला।
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मौके पर जुटे अधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
उत्तराखंड के लालकुंआ में पेपर में मिल में नौकरी करने वाले सोनू शाह के लिए शुक्रवार की रात काल बन कर टूट पड़ी। साली की शादी में हंसी-खुशी के साथ पूरा परिवार एक ही कार में सवार होकर आ रहे थे, पर क्रूरकाल की नजर पूरे परिवार पर पड़ गई। पलभर में ही उनका पूरा परिवार मौत की मुंह में समा गया। कार में सवार एक ही परिवार के छह सदस्यों की मौत हो गई।
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बंकुल गांव निवासी पारस साह लाल कुंआ पेपर मिल में नौकरी करते थे। नौकरी के दौरान ही उनके पुत्र सोनू शाह (32) वर्ष को मशीन आपरेटर के पद पर नौकरी मिल गयी। 20 अप्रैल को उनकी साली की शादी थी। इसको लेकर सोनू के पूरे परिवार में हंसी खुशी का माहौल था।
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शादी से बारह दिन पहले आने की तैयारी उन्होंने कर रखी थी, ताकि घर और ससुराल बिहार के मीरगंज में समय देगे। यही सपना संजोय सोनू शाह अपनी पत्नी सुजावती देवी (29) वर्ष, बेटी रुचिका 7, बेटा दिव्यांशु 4, भाई रवि शाह 18, बहन खुशी 16 को लेकर कार से गांव आ रहे थे।
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अभी वह बलरामपुर उतरौला मार्ग पर पहुंचे थे कि रात में किसी अज्ञात वाहन ने सामने से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और पल भर में ही पूरा परिवार मौत की नींद सो गया। यह खबर जब गांव पहुंची तो हर कोई पारस शाह के घर की तरफ दौड़ पड़ा, सभी की आंखे नम हो गयी। हृदय विदारक घटना से सभी लोग मर्माहत हो गए।
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पलक झपकते ही मौत के मुंह समा गया सोनू का पूरा कुनंबा
इस हादसे में तो सोनू शाह का पूरा कुनबा ही समाप्त हो गया, क्योंकि पिता सोनू शाह कार चला रहे थे और उनके बेटी, बेटा और पत्नी सभी की मौत हो गयी। इतना ही नहीं भाई और बहन दोनों हादसे में मर गए।
सोनू शाह के परिवार को इस हादसे ने गहरा जख्म दिया हैं। कार चला रहे सोनू के बगल में भाई बैठा था और पीछे की सीट पर पत्नी की गोद मासूम बेटा दिव्यांशु नींद में था। बेटी रूचिका और बहन खुशी एक साथ बैठी थी। वाहन की आमने-सामने टक्कर के बाद इतना भी मौका नहीं मिला कि कोई जीवित अस्पताल पहुंच सके। सभी एक साथ मौत की नींद सो गए। कार में मौजूद मोबाइल फोन के जरिए सभी की पहचान हुई। इसके बाद खबर गांव पहुंची।
संयोग से बच गया बड़ा भाई
शुक्रवार की शाम को कार से सोनू शाह का बड़ा भाई सुदामा भी कार से साथ में आ रहे थे। लेकिन कार में अधिक संख्या होने के कारण सुदामा को हल्द्वानी के पास ही उतर गए और ट्रेन में सवार हो गए। अभी वह रास्ते में ही थे कि सभी कार सवार की मौत हो गई। संयोग अच्छा था कि वह कार में नहीं थे।
रवि बोर्ड परीक्षा देने के बाद पहुंचा था भाई के पास
सोनू शाह का छोटा भाई रवि मार्च में माह में ही इंटर की परीक्षा समाप्त होने के बाद लालकुंआ गया था। वह वही पर पेंटर का काम करने लगा था। पूरा परिवार घर आ रहा था, इसलिए वह भी गांव आने की जिद्द कर दिया।
होली का रंग याद कर रो पड़े परिजन
सोनू शाह होली का त्योहार मनाने के लिए अकेले गांव आए थे। माता-पिता और पूरे परिवार गहरा नाता होने के कारण अक्सर घर पर आ जाया करते थे। होली के दिन पूरे गांव में घूम-घूम कर बड़ो का आर्शीवाद और छोटो के साथ हंसी ठठोली करने वाले सोनू की मौत के बाद गांव के लोगों को होली का रंग याद आने लगा। उनका हंसता हुआ चेहरा गांव के शैलेंद्र कुशवाहा, हिमांशु, मिथिलेश सिंह, प्रमोद शर्मा आदि रो पड़े। सभी उनकी शालीनता के बारे में चर्चा कर रहे थे।
सोनू शाह के परिवार को इस हादसे ने गहरा जख्म दिया हैं। कार चला रहे सोनू के बगल में भाई बैठा था और पीछे की सीट पर पत्नी की गोद मासूम बेटा दिव्यांशु नींद में था। बेटी रूचिका और बहन खुशी एक साथ बैठी थी। वाहन की आमने-सामने टक्कर के बाद इतना भी मौका नहीं मिला कि कोई जीवित अस्पताल पहुंच सके। सभी एक साथ मौत की नींद सो गए। कार में मौजूद मोबाइल फोन के जरिए सभी की पहचान हुई। इसके बाद खबर गांव पहुंची।
संयोग से बच गया बड़ा भाई
शुक्रवार की शाम को कार से सोनू शाह का बड़ा भाई सुदामा भी कार से साथ में आ रहे थे। लेकिन कार में अधिक संख्या होने के कारण सुदामा को हल्द्वानी के पास ही उतर गए और ट्रेन में सवार हो गए। अभी वह रास्ते में ही थे कि सभी कार सवार की मौत हो गई। संयोग अच्छा था कि वह कार में नहीं थे।
रवि बोर्ड परीक्षा देने के बाद पहुंचा था भाई के पास
सोनू शाह का छोटा भाई रवि मार्च में माह में ही इंटर की परीक्षा समाप्त होने के बाद लालकुंआ गया था। वह वही पर पेंटर का काम करने लगा था। पूरा परिवार घर आ रहा था, इसलिए वह भी गांव आने की जिद्द कर दिया।
होली का रंग याद कर रो पड़े परिजन
सोनू शाह होली का त्योहार मनाने के लिए अकेले गांव आए थे। माता-पिता और पूरे परिवार गहरा नाता होने के कारण अक्सर घर पर आ जाया करते थे। होली के दिन पूरे गांव में घूम-घूम कर बड़ो का आर्शीवाद और छोटो के साथ हंसी ठठोली करने वाले सोनू की मौत के बाद गांव के लोगों को होली का रंग याद आने लगा। उनका हंसता हुआ चेहरा गांव के शैलेंद्र कुशवाहा, हिमांशु, मिथिलेश सिंह, प्रमोद शर्मा आदि रो पड़े। सभी उनकी शालीनता के बारे में चर्चा कर रहे थे।