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Deoria News: बाईपास के लिए राजी नहीं किसान, बोले-जान दे देंगे, जमीन नहीं
Sun, 28 May 2023 11:50 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Sun, 28 May 2023 11:50 PM IST
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देवरिया। देवरिया-गोरखपुर मार्ग पर सिरजम के पास से 22 किमी लंबा निकलने वाले बाईपास में क्षेत्र के किसानों की भूमि का पेच फंस सकता है। क्योंकि किसान भूमि को लेकर लामबंद हो गए हैं। उनका कहना है कि बिना सहमति जमीन पर कब्जा कर लिया गया है। मुआवजे की राशि मामूली है, जो कतई मंजूर नहीं है। इतना ही नहीं किसानों ने बताया कि अति सीमांत किसानों की पूरी भूमि चली जा रही है। हम जान दे देंगे, लेकिन अपनी जमीन का एक टुकड़ा नहीं देंगे।
बाईपास मार्ग का विरोध कर रहे किसानों ने रविवार को भूमि बचाओ संघर्ष समिति का गठन करने के बाद महुआनी स्थित एक पब्लिक कॉलेज में बैठक कर आगे की रणनीति बनाई। इसमें काफी संख्या में विभिन्न गांवों के किसान शामिल हुए। बैठक में अजीत कुमार त्रिपाठी ने कहा कि किसानों को भूमिविहीन करने का काम किया जा रहा है। कहा कि जान दे देंगे, लेकिन भूमि नहीं देंगे। भाकियू के मंडल उपाध्यक्ष विनय कुमार सिंह ने कहा कि किसानों के आंदोलन का समर्थन करते हुए लड़ाई लड़ी जाएगी। पूर्व विधायक दीनानाथ कुशवाहा ने कहा कि किसानों का आंदोलन उचित है। पूरी ताकत से आंदोलन में साथ दूंगा। किसान नेता सदानंद यादव ने कहा कि शहर को जाम से बचाने के लिए कम खर्चे में ओवरब्रिज बना जाम से मुक्ति दिलाई जा सकती है। इस दौरान सुग्रीव मिश्र, हंसनाथ यादव, अजय सिंह, दूधनाथ मणि, राम विशुन, चंदन बाबा, राजप्रताप, शंकर, डॉ. अजय कुमार, अरविंद कुमार आदि मौजूद रहे।
फैक्ट फाइल
- 37 गांवों के किसानों की 110 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहीत की गई है।
- 19 सौ करोड़ रुपये का बजट भी जारी हो चुका है।
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- 968 किसानों की भूमि के अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
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ये गांव जुड़ जाएंगे बाईपास मार्ग से
मुंडेरा, सुकरौली, अहिलवार बुर्जुग और खुर्द, धनौती, कचुआर, देवरिया मीर, चकरवा धूस, घटैलागाजी और चेती, पकड़ी बुजुर्ग, पगरा परसिया, रामपुर खुर्द, कुसम्हा वेलवा, गोबराई, धनौती खास, पोखरभिंडा, भगौतीपुर, गौरा, भीमपुर, परसा बरवां, जैतपुरा, मुंडेरा, बांसगांव बुजुर्ग, धतुरा, बरारी, सझवा, बलुआ, बैतालपुर, गुड़री, इटवा, सिरजम खास से बाईपास गुजरेगा।-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- जाम से निजात दिलाने की है योजना, किसान बोले-बनाए ओवरब्रिज
देवरिया। शहर का सिविल लाइंस ही एक ऐसा मार्ग है जिस पर 60 हजार वाहनों का दबाव प्रतिदिन है। बाईपास मार्ग बनने से गोरखपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, गाजीपुर, वाराणसी, कुशीनगर सहित अन्य जनपदों के साथ ही बिहार, बंगाल, झारखंड, असम को जाने वाले वाहन शहर के सिविल लाइंस का सहारा नहीं लेना पड़ेगा। वह बाईपास मार्ग से ही देवरिया-सलेमपुर और कसया मार्ग पर पहुंच जाएंगे। जबकि दूसरी तरफ बैतालपुर तेल डिपो पर हर रोज आने वाले हजारों टैंकर भी शहर में न आकर बाहर से ही निकल जाएंगे। संवाद
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बाईपास मार्ग का विरोध कर रहे किसानों ने रविवार को भूमि बचाओ संघर्ष समिति का गठन करने के बाद महुआनी स्थित एक पब्लिक कॉलेज में बैठक कर आगे की रणनीति बनाई। इसमें काफी संख्या में विभिन्न गांवों के किसान शामिल हुए। बैठक में अजीत कुमार त्रिपाठी ने कहा कि किसानों को भूमिविहीन करने का काम किया जा रहा है। कहा कि जान दे देंगे, लेकिन भूमि नहीं देंगे। भाकियू के मंडल उपाध्यक्ष विनय कुमार सिंह ने कहा कि किसानों के आंदोलन का समर्थन करते हुए लड़ाई लड़ी जाएगी। पूर्व विधायक दीनानाथ कुशवाहा ने कहा कि किसानों का आंदोलन उचित है। पूरी ताकत से आंदोलन में साथ दूंगा। किसान नेता सदानंद यादव ने कहा कि शहर को जाम से बचाने के लिए कम खर्चे में ओवरब्रिज बना जाम से मुक्ति दिलाई जा सकती है। इस दौरान सुग्रीव मिश्र, हंसनाथ यादव, अजय सिंह, दूधनाथ मणि, राम विशुन, चंदन बाबा, राजप्रताप, शंकर, डॉ. अजय कुमार, अरविंद कुमार आदि मौजूद रहे।
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फैक्ट फाइल
- 37 गांवों के किसानों की 110 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहीत की गई है।
- 19 सौ करोड़ रुपये का बजट भी जारी हो चुका है।
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- 968 किसानों की भूमि के अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
ये गांव जुड़ जाएंगे बाईपास मार्ग से
मुंडेरा, सुकरौली, अहिलवार बुर्जुग और खुर्द, धनौती, कचुआर, देवरिया मीर, चकरवा धूस, घटैलागाजी और चेती, पकड़ी बुजुर्ग, पगरा परसिया, रामपुर खुर्द, कुसम्हा वेलवा, गोबराई, धनौती खास, पोखरभिंडा, भगौतीपुर, गौरा, भीमपुर, परसा बरवां, जैतपुरा, मुंडेरा, बांसगांव बुजुर्ग, धतुरा, बरारी, सझवा, बलुआ, बैतालपुर, गुड़री, इटवा, सिरजम खास से बाईपास गुजरेगा।
देवरिया। शहर का सिविल लाइंस ही एक ऐसा मार्ग है जिस पर 60 हजार वाहनों का दबाव प्रतिदिन है। बाईपास मार्ग बनने से गोरखपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, गाजीपुर, वाराणसी, कुशीनगर सहित अन्य जनपदों के साथ ही बिहार, बंगाल, झारखंड, असम को जाने वाले वाहन शहर के सिविल लाइंस का सहारा नहीं लेना पड़ेगा। वह बाईपास मार्ग से ही देवरिया-सलेमपुर और कसया मार्ग पर पहुंच जाएंगे। जबकि दूसरी तरफ बैतालपुर तेल डिपो पर हर रोज आने वाले हजारों टैंकर भी शहर में न आकर बाहर से ही निकल जाएंगे। संवाद