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विवादित भूमि पर कब्जे को लेकर हंगामा, ग्रामीणों ने किया विरोध
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भाटपार रानी के ग्राम मल्हनी में प्रशासन ने जबरन ट्रैक्टर से भूमि की जुताई करने पर विरोध जताते गा?
- फोटो : DEORIA
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विवादित भूमि पर कब्जे को लेकर हंगामा
पुलिस ने विरोध करने वालों को हिरासत में लिया
भाटपाररानी थाना क्षेत्र के मल्हनी गांव का मामला
कृषि विज्ञान केंद्र को कब्जा दिलाने पहुंची थी तहसील की टीम
अमर उजाला ब्यूरो
भाटपाररानी। थानाक्षेत्र के ग्राम मल्हनी में शुक्रवार की देर शाम विवादित भूमि पर कृषि विज्ञान केंद्र को कब्जा दिलाने को लेकर जमकर हंगामा हुआ। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन के अफसरों पर मारपीट कर बंधक बनाने का आरोप लगाते हुए सीएम पोर्टल पर शिकायत की है। उनका आरोप है कि अपने नाम की भूमि पर काबिज लोगों को हटाकर प्रशासन ने कृषि विज्ञान केंद्र को कब्जा दिलाया है। तहसीलदार ने आरोपों को खारिज करते हुए नियमानुसार कार्रवाई की बात कही है।
ग्राम प्रधान प्रभु शंकर, अच्छेलाल, विजय प्रताप, लाल साहब, देवप्रताप, मानिकचंद, रामाजी, भानु प्रताप, परमहंस, रमेश चंद, अवधेश, रामअशीष, रामविलास, श्रीराम आदि का आरोप है कि बंजर भूमि पर उनका नाम बतौर वरासत चार जनवरी 1964 से चला आ रहा है। तभी से उनका इस भूमि पर कब्जा है। शुक्रवार की शाम भाटपाररानी तहसीलदार रामाश्रय के नेतृत्व में भारी फोर्स के साथ पहुंची टीम ने इस भूमि को कृषि विज्ञान केंद्र मल्हना की बता कर जबरन ट्रैक्टर से जुताई करा दी। विरोध करने पर पिटाई करते हुए पुलिस हिरासत में लेकर तहसील कार्यालय ले गई। ग्राम प्रधान प्रभुशंकर यादव ने बताया कि भूमि पर हाईकोर्ट ने स्टे दे रखा है। बावजूद इसे दरकिनार कर प्रशासन ने जबरन कृषि विज्ञान केंद्र को कब्जा दिला दिया। ग्राम प्रधान सहित ग्रामीणों ने घटना की जांच की मांग सीएम से की है। इस बाबत कृषि विज्ञान केंद्र मल्हना के प्रभारी डॉ. रजनीश श्रीवास्तव ने बताया कि वर्ष 2009 में जिलाधिकारी ने कृषि विज्ञान केंद्र को यह भूमि स्थानांतरित कर दी थी। गांव सभा की तरफ से इसका वाद कोर्ट में चल रहा है। कोर्ट ने स्टे का आदेश दिया है, जिस पर कब्जा कृषि विज्ञान केंद्र का ही है। तहसीलदार रामाश्रय ने बताया कि भूमि कृषि विज्ञान केंद्र मल्हना की है। कुछ लोग इसका विरोध कर रहे थे, जिन्हें तहसील लाकर बाद में छोड़ दिया गया। एसओ शिवशंकर चौबे ने बताया कि मारपीट का आरोप गलत है।
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पुलिस ने विरोध करने वालों को हिरासत में लिया
भाटपाररानी थाना क्षेत्र के मल्हनी गांव का मामला
कृषि विज्ञान केंद्र को कब्जा दिलाने पहुंची थी तहसील की टीम
अमर उजाला ब्यूरो
भाटपाररानी। थानाक्षेत्र के ग्राम मल्हनी में शुक्रवार की देर शाम विवादित भूमि पर कृषि विज्ञान केंद्र को कब्जा दिलाने को लेकर जमकर हंगामा हुआ। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन के अफसरों पर मारपीट कर बंधक बनाने का आरोप लगाते हुए सीएम पोर्टल पर शिकायत की है। उनका आरोप है कि अपने नाम की भूमि पर काबिज लोगों को हटाकर प्रशासन ने कृषि विज्ञान केंद्र को कब्जा दिलाया है। तहसीलदार ने आरोपों को खारिज करते हुए नियमानुसार कार्रवाई की बात कही है।
ग्राम प्रधान प्रभु शंकर, अच्छेलाल, विजय प्रताप, लाल साहब, देवप्रताप, मानिकचंद, रामाजी, भानु प्रताप, परमहंस, रमेश चंद, अवधेश, रामअशीष, रामविलास, श्रीराम आदि का आरोप है कि बंजर भूमि पर उनका नाम बतौर वरासत चार जनवरी 1964 से चला आ रहा है। तभी से उनका इस भूमि पर कब्जा है। शुक्रवार की शाम भाटपाररानी तहसीलदार रामाश्रय के नेतृत्व में भारी फोर्स के साथ पहुंची टीम ने इस भूमि को कृषि विज्ञान केंद्र मल्हना की बता कर जबरन ट्रैक्टर से जुताई करा दी। विरोध करने पर पिटाई करते हुए पुलिस हिरासत में लेकर तहसील कार्यालय ले गई। ग्राम प्रधान प्रभुशंकर यादव ने बताया कि भूमि पर हाईकोर्ट ने स्टे दे रखा है। बावजूद इसे दरकिनार कर प्रशासन ने जबरन कृषि विज्ञान केंद्र को कब्जा दिला दिया। ग्राम प्रधान सहित ग्रामीणों ने घटना की जांच की मांग सीएम से की है। इस बाबत कृषि विज्ञान केंद्र मल्हना के प्रभारी डॉ. रजनीश श्रीवास्तव ने बताया कि वर्ष 2009 में जिलाधिकारी ने कृषि विज्ञान केंद्र को यह भूमि स्थानांतरित कर दी थी। गांव सभा की तरफ से इसका वाद कोर्ट में चल रहा है। कोर्ट ने स्टे का आदेश दिया है, जिस पर कब्जा कृषि विज्ञान केंद्र का ही है। तहसीलदार रामाश्रय ने बताया कि भूमि कृषि विज्ञान केंद्र मल्हना की है। कुछ लोग इसका विरोध कर रहे थे, जिन्हें तहसील लाकर बाद में छोड़ दिया गया। एसओ शिवशंकर चौबे ने बताया कि मारपीट का आरोप गलत है।
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