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Deoria News: कोहरे में रहें होशियार...फोरलेन पर खतरे हजार
Fri, 19 Dec 2025 12:22 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Fri, 19 Dec 2025 12:22 AM IST
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देवरिया। गोरखपुर-देवरिया फोरलेन मार्ग पर गोरखपुर जिले के मझना नाला से लेकर बलिया जिले के नजदीक भागलपुर तक करीब 50 जगह सड़क पर अवैध कट है। दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्र गौरीबाजार और तेल डिपो बैतालपुर में भी जेब्रा क्राॅसिंग व सफेद पट्टी गायब है। ऐसे में कोहरे में दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ गई है।
जनपद की सीमा मझना नाला पुल से बैतालपुर डिपो तक इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप, खरोह चौराहा, नौगांवा मोड़, पड़रहा, गौरी बुजुर्ग, नायरा पेट्रोल पंप, रामपुर चौराहा, वन निगम कार्यालय, देवगांव मोड़, लंगड़ी चौराहा, नकटा नाला, सिरजम चौराहा से बैतालपुर डिपो तक 17 कट हैं।
किसी भी कट पर निशान नहीं है। गौरी खुर्द से रामपुर चौराहे तक सड़क के किनारे की सफेद पट्टी नहीं दिख रही। सड़क के किनारे दर्जनों वाहन खड़े रहते हैं। पड़हरा के समीप रोड से सटे लकड़ी की दुकान व मार्ग के किनारे पर रखा लोहे का पाइप खतरा बना हुआ है। वहीं मुख्य मार्ग पर स्थित एक अस्पताल के सामने खड़े वाहन, सड़क किनारे गिट्टी बालू की दुकान रामपुर चौराहे पर मुख्य सड़क पर लगी दुकानें बड़ी परेशानी उत्पन्न कर रही हैं। पुलिस द्वारा गौरी बाजार के रामपुर चौराहे पर बनाए गए 150 मीटर बैरीकेडिंग मुसीबत की सबब बनी हुई है। बैतालपुर डिपो के समीप कोहरे में सड़क से सटे खड़े टैंकर यातायात के लिए खतरा हैं। खरोह चौराहा और सिरजम चौराहे पर आए दिन हादसे होते हैं। बैतालपुर डिपो के आसपास मुख्य मार्ग डेंजर जोन बन चुका है। बावजूद इसके सड़क के दोनों किनारों पर तेल टैंकर बेतरतीब खड़े हो रहे हैं।
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एक सप्ताह के भीतर अलग-अलग सड़क हादसों में कम से कम सात लोग घायल हो चुके हैं। कई हादसों के वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो चुके हैं, जिनमें दुर्घटनाओं की भयावह तस्वीरें साफ देखी जा सकती हैं। ग्रामीण राकेश मणि, अर्जुन साहनी, प्रमोद शर्मा और रामजनम यादव ने बताया कि कई बार तेज रफ्तार वाहन अचानक सामने आ जाने से दोपहिया सवार और पैदल राहगीर हादसे का शिकार हो जाते हैं।
तेल से भरे टैंकर अत्यंत संवेदनशील होते हैं और किसी भी प्रकार की चिंगारी या लापरवाही बड़े अग्निकांड में बदल सकती है लेकिन जिम्मेदार विभाग इस गंभीर खतरे को नजरअंदाज कर रहे हैं। खुखुंदू क्षेत्र में बहादुरपुर से लेकर मुंडेरा तक करीब सात-आठ जगहों पर अवैध कट हैं जो अभी बंद नहीं हुए हैं।
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जनपद की सीमा मझना नाला पुल से बैतालपुर डिपो तक इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप, खरोह चौराहा, नौगांवा मोड़, पड़रहा, गौरी बुजुर्ग, नायरा पेट्रोल पंप, रामपुर चौराहा, वन निगम कार्यालय, देवगांव मोड़, लंगड़ी चौराहा, नकटा नाला, सिरजम चौराहा से बैतालपुर डिपो तक 17 कट हैं।
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किसी भी कट पर निशान नहीं है। गौरी खुर्द से रामपुर चौराहे तक सड़क के किनारे की सफेद पट्टी नहीं दिख रही। सड़क के किनारे दर्जनों वाहन खड़े रहते हैं। पड़हरा के समीप रोड से सटे लकड़ी की दुकान व मार्ग के किनारे पर रखा लोहे का पाइप खतरा बना हुआ है। वहीं मुख्य मार्ग पर स्थित एक अस्पताल के सामने खड़े वाहन, सड़क किनारे गिट्टी बालू की दुकान रामपुर चौराहे पर मुख्य सड़क पर लगी दुकानें बड़ी परेशानी उत्पन्न कर रही हैं। पुलिस द्वारा गौरी बाजार के रामपुर चौराहे पर बनाए गए 150 मीटर बैरीकेडिंग मुसीबत की सबब बनी हुई है। बैतालपुर डिपो के समीप कोहरे में सड़क से सटे खड़े टैंकर यातायात के लिए खतरा हैं। खरोह चौराहा और सिरजम चौराहे पर आए दिन हादसे होते हैं। बैतालपुर डिपो के आसपास मुख्य मार्ग डेंजर जोन बन चुका है। बावजूद इसके सड़क के दोनों किनारों पर तेल टैंकर बेतरतीब खड़े हो रहे हैं।
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एक सप्ताह के भीतर अलग-अलग सड़क हादसों में कम से कम सात लोग घायल हो चुके हैं। कई हादसों के वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो चुके हैं, जिनमें दुर्घटनाओं की भयावह तस्वीरें साफ देखी जा सकती हैं। ग्रामीण राकेश मणि, अर्जुन साहनी, प्रमोद शर्मा और रामजनम यादव ने बताया कि कई बार तेज रफ्तार वाहन अचानक सामने आ जाने से दोपहिया सवार और पैदल राहगीर हादसे का शिकार हो जाते हैं।
तेल से भरे टैंकर अत्यंत संवेदनशील होते हैं और किसी भी प्रकार की चिंगारी या लापरवाही बड़े अग्निकांड में बदल सकती है लेकिन जिम्मेदार विभाग इस गंभीर खतरे को नजरअंदाज कर रहे हैं। खुखुंदू क्षेत्र में बहादुरपुर से लेकर मुंडेरा तक करीब सात-आठ जगहों पर अवैध कट हैं जो अभी बंद नहीं हुए हैं।