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Deoria News: खानपान खराब... बच्चों के नहीं उखड़ रहे दूध वाले दांत

Mon, 26 Jun 2023 12:03 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 26 Jun 2023 12:03 AM IST
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Bad food... Children's milk teeth are not falling out
18 प्रतिशत बच्चों में है दिक्कत, फल, गाजर, मूली सहित अन्य को दांतों के बजाए चाकू से काटकर से मसूड़े हो जाते हैं कमजोर और संकरे
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संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। खानपान की खराब आदतों से 18 प्रतिशत बच्चों के दूध वाले दांत टूटने की समस्या हो रही है। इनमें सात प्रतिशत के तो उखड़ ही नहीं रहे हैं। अन्य के काफी समय बाद उखड़ रहे हैं।
महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज के दंत एवं मुख रोग के डॉ. गौरव जायसवाल ने बताया कि अमूमन छह से सात साल की आयु में दूूध के दांत उखड़ना शुरू हो जाते हैं, जो 12 से 13 वर्ष तक गिर जाते हैं। ओपीडी में आने वाले 845 बच्चों में देेखा गया कि करीब 18 प्रतिशत के दांत 15 से 18 वर्ष की अवस्था तक उखड़ रहे हैं। इनमें सात प्रतिशत ऐसे रहे, जिनके दंत ही नहीं उखड़े या कुछ ही गिरे।
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दांत टेढ़े-मेढ़े, जख्म होने, पायरिया होने पर बच्चों को परिजन दिखाने आए थे। इसका कारण बचपन में टाफी, चाॅकलेट, चिपचिपी मीठी चीज खाने, अंगूठा चूसने, लंबे समय तक बोतल से दूध पीने, कमजोर, संक्रमण है। इसके अलावा बच्चे साफ्ट डाइट, फास्ट फूड अधिक लेते हैं। फल, गाजर, मूली सहित अन्य को दांतों के बजाए चाकू से काटकर खाते हैं। इससे मसूड़े कमजोर और संकरे रह जाते हैं और दांत नहीं उखड़ते हैं।
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- फोटो
- दंत एवं मुख रोग के डॉ. सौरभ आनंद ने बताया कि दांतों को ठीक रखने के प्रति लोग ध्यान नहीं देते हैं। बच्चे दंत रोग से पीड़ित हो रहे हैं। मरीजों में 35 से 40 प्रतिशत बच्चे होते हैं। इनमें दांत में कीड़ा लगने, टेढ़े होने, दर्द रहने, आकार छोटा रहना जैसी परेशानी हो रही है। इसका कारण बच्चों को फाइवरयुक्त भोजन न देना, फास्ट व जंक फूड का अधिक सेवन करना और ब्रश करने का गलत तरीका होता है।
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- फोटो
- दंत एवं मुख रोग की डॉ. तुलिका सिंह ने बताया कि दूध के दांत नहीं उखड़ने, देर से उखड़ने से दांत टेढ़े-मेढ़े, डबल दांत निकलने की शिकायत मिल रही है। दांत टेढ़े-मेढ़े होने से उसकी सफाई नहीं हो पाती है, जिससे कम उम्र में पायरिया, दांतों में सड़न, कीड़ा लगने से पीड़ित मरीज मिल रहे हैं। दांत न उखड़ने पर बच्चों को दिखाना चाहिए। इसमें लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। समय से इलाज कराने से दांत की बीमारी ठीक हो सकती है।
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केस- 1
- शहर के रामनाथ देवरिया मोहल्ला निवासी अजय मिश्रा की बेटी 12 वर्ष की है। अभी तक जन्मजात दांत टूटे नहीं हैं। पिता को डर था कि अधिक उम्र में दांत उखड़ जाएगा तो नया दांत नहीं निकलेगा। जब वह डॉक्टर के पास पहुंचे तो डॉक्टर ने उनसे बताया कि खानपान की वजह से ऐसी समस्या आ रही है।

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केस- 2- शहर के न्यू कालोनी मोहल्ला के शाहिद को 14 साल का बेटा है। उसके दूध वाले दांत टूटे नहीं है। इसे लेकर उन्हें चिंता सता रही थी कि दांत नहीं टूटने पर नया कैसे निकलेगा और दांत कहीं टेढ़ा-मेढा न हो जाए। डॉक्टर से सलाह लेने बताया कि फास्ट व जंक फूड, टाॅफी, चाकलेट अधिक खाने से दिक्कत होती है। घबराने की बात नहीं है।
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यह करना जरूरी
- बच्चों को फल, गाजर, मूली, खीरा दांत काट कर खाने के लिए कहें
- टाफी, चाकलेट व अन्य चिपचिपा सामान खाने को कम दें, इसके खाने के बाद दांत ठीक साफ कराएं
- मुलायम ब्रश का उपयोग करें, क्लाक, एंटीक्लाक तरीके से ब्रश कराएं
- सोने से पहले रात में हर रोज ब्रश कराएं
- पैकेट बंद और फास्ट फूड की आदत ने डालें
- छोटे बच्चों को फीडिंग करते उसी तरह न सोने दें
- छोटे बच्चों के दांत आते समय हर रोज काटन से सफाई करें
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