फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Deoria News ›   Former Pradhan gets bail in 10-year-old RTI dispute case

Deoria News: आरटीआई विवाद से जुड़े 10 साल पुराने मामले में पूर्व प्रधान को जमानत

Sat, 26 Sep 2026 12:23 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया Updated Sat, 26 Sep 2026 12:23 AM IST
विज्ञापन
Former Pradhan gets bail in 10-year-old RTI dispute case
देवरिया। रामपुर कारखाना थाना क्षेत्र से जुड़े एससी-एसटी एक्ट के मामले में पूर्व ग्राम प्रधान अखिलानंद कुशवाहा को विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट काशी नाथ की अदालत ने जमानत दे दी है। मामला वर्ष 2016 में शिकायतकर्ता को गाली देने, जान से मारने की धमकी देने और सूचना का अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी से संबंधित आवेदन वापस लेने के लिए दबाव बनाने के आरोप से जुड़ा है।
विज्ञापन

रामपुर कारखाना क्षेत्र के मेहरौना निवासी अखिलानंद कुशवाहा वर्ष 2010 से 2015 तक गांव के प्रधान रहे थे। शिकायतकर्ता अंबिका प्रसाद का आरोप था कि गांव में वर्ष 2011 से 2015 के बीच शौचालय और पोखरियों की नीलामी के रुपये समेत 6.28 लाख रुपये से अधिक की गड़बड़ी हुई। उन्होंने 25 जून 2015 को डीएम को शिकायत दी और बाद में सूचना का अधिकार के तहत जानकारी मांगी।
विज्ञापन

आरोप है कि इसी विवाद में चार जून 2016 को तत्कालीन ग्राम प्रधान अखिलानंद और ग्राम पंचायत अधिकारी धीरेंद्र सागर शिकायतकर्ता के दरवाजे पर पहुंचे और गाली देने के साथ जान से मारने की धमकी दी। शिकायतकर्ता ने पांच जून को रामपुर कारखाना पुलिस और छह जून को एसपी से शिकायत की थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

बचाव पक्ष ने कोर्ट में कहा कि अखिलानंद को झूठा फंसाया गया है और वर्ष 2010-2015 के दौरान गांव में केवल 25 शौचालयों का बजट आया था, जिनका निर्माण कराया गया। यह भी कहा गया कि शिकायत पर विभागीय जांच में क्लीन चिट मिल चुकी है और इस परिवाद के अलावा कोई अन्य आपराधिक इतिहास नहीं है। अभियोजन ने जमानत का विरोध किया। कोर्ट ने पाया कि अखिलानंद 11 अगस्त 2026 से अंतरिम जमानत पर थे और इस दौरान किसी शर्त का उल्लंघन नहीं हुआ। अदालत ने 23 सितंबर को 20 हजार रुपये के निजी बंधपत्र और इतनी ही राशि के दो जमानतदारों पर जमानत मंजूर कर दी। आरोपी को सुनवाई में सहयोग करने, गवाहों को धमकाने से दूर रहने और कोर्ट की अनुमति के बिना देश नहीं छोड़ने की शर्त लगाई गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed