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ऑडियोमेट्री मशीन खराब, कान की जांच ठप
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ऑडियोमेट्री मशीन खराब, कान की जांच ठप
सुनने की क्षमता की नहीं हो पा रही जानकारी
मरीजों को बाहर से करानी पड़ रही जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मेडिकल कॉलेज में ऑडियोमेट्री मशीन खराब होने से सुनने के क्षमता की जांच ठप है। इससे श्रवण शक्ति का पता नहीं चलने पर मरीजों का समुचित इलाज नहीं हो पा रहा है। इसके लिए लोगों को परेशानी हो रही है। वहीं, जांच के लिए भटकना पड़ रहा है। मजबूरी में बाहर से जांच करानी पड़ रही है, जिससे आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में शहर से लेकर जिले के ग्रामीणांचल के अलावा बिहार प्रांत के सीमावर्ती क्षेत्रों के लोग इलाज कराने आते हैं। अस्पताल में लोगों की श्रवण शक्ति की जांच के लिए अलग से व्यवस्था की गई है। नाक, कान, गला विभाग में हर रोज करीब सौ अधिक लोग इलाज कराने आते हैं। इसमें से तकरीबन दस लोगों को कान में सुनाई कम देने सहित अन्य दिक्कत होती है। इन मरीजों को चिकित्सक श्रवण शक्ति की क्षमता जांचने के लिए आडियोमेट्रिक कक्ष में भेजते हैं।
यहां आडियोमेट्री मशीन से मरीजों की जांच की जाती है, लेकिन करीब पंद्रह दिन से मशीन खराब है। जांच के लिए आने वाले मरीजों को जांच बंद होने के कारण निराश होना पड़ रहा है। जांच के लिए मरीजों व तीमारदारों को भटकना पड़ रहा है। शहर में भी कुछ ही स्थानों पर जांच की सुविधा है। ऐसे में मरीजों को परेशानी हो रही है। कुछ लोगों को बाहर से जांच कराने को मजबूर होना पड़ रहा है, जहां तीन से पांच सौ रुपये खर्च करने पड़ते हैं।
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कान की नस कमजोर होने से आती है दिक्कत
कान की बीमारी से पीड़ित मरीज अस्पताल में पहुंच रहे हैं। पचास साल से अधिक उम्र के लोग कम सुनाई देना, कान में आवाज, सीटी की तरह सुनाई देना, चक्कर आने की समस्या से ग्रसित होते हैं। कान की नस कमजोर होने, सूखने से श्रवण शक्ति पर असर पड़ता है। इसकी मशीन से जांच कर श्रवण क्षमता की जानकारी की जाती है। रिपोर्ट के आधार पर चिकित्सक मरीज का उपचार करते हैं तो कुछ लोगों को सुनने के लिए मशीन का प्रयोग करने की सलाह देते हैं, लेकिन जांच न होने से मरीज परेशान हैं।
कोट
अस्पताल में श्रवण शक्ति जांचने की सुविधा है। ऑडियोमेट्री मशीन के खराब होने की जानकारी मिली है। नई मशीन मंगाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। मशीन के आने के बाद जांच शुरू हो जाएगी। मरीजों को बेहतर सुविधा देने की कोशिश की जा रही है।
डॉ. राजेश कुमार बरनवाल, प्राचार्य, महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज
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सुनने की क्षमता की नहीं हो पा रही जानकारी
मरीजों को बाहर से करानी पड़ रही जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मेडिकल कॉलेज में ऑडियोमेट्री मशीन खराब होने से सुनने के क्षमता की जांच ठप है। इससे श्रवण शक्ति का पता नहीं चलने पर मरीजों का समुचित इलाज नहीं हो पा रहा है। इसके लिए लोगों को परेशानी हो रही है। वहीं, जांच के लिए भटकना पड़ रहा है। मजबूरी में बाहर से जांच करानी पड़ रही है, जिससे आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में शहर से लेकर जिले के ग्रामीणांचल के अलावा बिहार प्रांत के सीमावर्ती क्षेत्रों के लोग इलाज कराने आते हैं। अस्पताल में लोगों की श्रवण शक्ति की जांच के लिए अलग से व्यवस्था की गई है। नाक, कान, गला विभाग में हर रोज करीब सौ अधिक लोग इलाज कराने आते हैं। इसमें से तकरीबन दस लोगों को कान में सुनाई कम देने सहित अन्य दिक्कत होती है। इन मरीजों को चिकित्सक श्रवण शक्ति की क्षमता जांचने के लिए आडियोमेट्रिक कक्ष में भेजते हैं।
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यहां आडियोमेट्री मशीन से मरीजों की जांच की जाती है, लेकिन करीब पंद्रह दिन से मशीन खराब है। जांच के लिए आने वाले मरीजों को जांच बंद होने के कारण निराश होना पड़ रहा है। जांच के लिए मरीजों व तीमारदारों को भटकना पड़ रहा है। शहर में भी कुछ ही स्थानों पर जांच की सुविधा है। ऐसे में मरीजों को परेशानी हो रही है। कुछ लोगों को बाहर से जांच कराने को मजबूर होना पड़ रहा है, जहां तीन से पांच सौ रुपये खर्च करने पड़ते हैं।
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कान की नस कमजोर होने से आती है दिक्कत
कान की बीमारी से पीड़ित मरीज अस्पताल में पहुंच रहे हैं। पचास साल से अधिक उम्र के लोग कम सुनाई देना, कान में आवाज, सीटी की तरह सुनाई देना, चक्कर आने की समस्या से ग्रसित होते हैं। कान की नस कमजोर होने, सूखने से श्रवण शक्ति पर असर पड़ता है। इसकी मशीन से जांच कर श्रवण क्षमता की जानकारी की जाती है। रिपोर्ट के आधार पर चिकित्सक मरीज का उपचार करते हैं तो कुछ लोगों को सुनने के लिए मशीन का प्रयोग करने की सलाह देते हैं, लेकिन जांच न होने से मरीज परेशान हैं।
कोट
अस्पताल में श्रवण शक्ति जांचने की सुविधा है। ऑडियोमेट्री मशीन के खराब होने की जानकारी मिली है। नई मशीन मंगाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। मशीन के आने के बाद जांच शुरू हो जाएगी। मरीजों को बेहतर सुविधा देने की कोशिश की जा रही है।
डॉ. राजेश कुमार बरनवाल, प्राचार्य, महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज