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Deoria News: आशा कार्यकर्ताओं ने सीएमओ कार्यालय में लगाया ताला
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अपनी मांगों को लेकर सीएमओ कार्यालय पर धरना दे रही आशा कार्यकर्ताओं ने दूसरे दिन कार्यालय में ताल?
- फोटो : DEORIA
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आशा कार्यकर्ताओं ने सीएमओ कार्यालय में लगाया ताला
देवरिया। अपनी मांगों के समर्थन में दो दिनों से धरना दे रहीं आशा कार्यकर्ताओं का गुस्सा मंगलवार को फूट पड़ा। उन्होंने सीएमओ कार्यालय में ही ताला लगा दिया। इससे एक घंटे तक कोविड से निपटने की तैयारियों में जुटे अधिकारी अंदर की बंद रहे। इससे गहमागहमी की स्थिति बनी रही। मौके पर आशा कार्यकर्ताओं ने सीएमओ व उनके ड्राइवर पर धरनारत कर्मियों से दुर्व्यवहार करने का भी आरोप लगाया। पुलिस के पहुंचने पर उन्हें समझाकर शांत किया गया।
उत्तर प्रदेश आशा वर्कर्स यूनियन की जिला इकाई की ओर से सोमवार से ही सीएमओ कार्यालय में मानदेय बढ़ाने, स्वास्थ्य बीमा सहित अन्य मांगों के लिए धरना चल रहा है। मंगलवार को भी धरना जारी रहा। कार्यालय के प्रवेशद्वार पर ही धरना दे रहे कर्मचारियों को सीएमओ ने आने के बाद किनारे बैठकर धरना देने के लिए कहा। इसी बात पर दोनों पक्षों में ठन गई। कुछ देर तक असहज स्थिति भी बनी रही। धरने का नेतृत्व कर रहीं संगठन की प्रदेश पदाधिकारी साधना पांडेय, जिलाध्यक्ष सविता देवी, मंडल अध्यक्ष सीमा तिवारी ने आरोप लगाया कि सीएमओ व उनके ड्राइवर ने महिलाओं के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल कर धरनास्थल से हट जाने के लिए कहा।
इससे नाराज कार्यकर्ताओं ने कार्यालय के मुख्य द्वार पर लगे चैनल में ताला डाल दिया। इससे कोई अंदर नहीं जा सका। कई लोग अंदर ही फंस गए। मॉकडिल के बाद स्वास्थ्य अधिकारी सीएमओ के नेतृत्व में इसी दौरान बैठक कर रहे थे। तालाबंदी से उनके लिए मंगाया गया समोसा व चाय भी समय से नसीब नहीं हो सका। हंगामा बढ़ते देख पुलिस पहुंची और आशा कार्यकर्ताओं को 15 मिनट तक समझाया।
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उसके बाद वे ताला खोलने के लिए राजी हुई। उसके बाद पुलिस की पहल से हुई वार्ता के लिए संगठन के पदाधिकारी सीएमओ कार्यालय के अंदर पहुंचे और जनपदीय अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्याएं रखीं। हालांकि कार्यालय में भी वार्ता के दौरान कुछ देर तक माहौल गरम ही रहा। धरने में एक्टू के जिला सचिव शंभूनाथ तिवारी, आशा संगठन की जिला सचिव संगीता तिवारी उपाध्यक्ष संगीता पांडेय, कंचन मिश्रा, सत्या तिवारी, पूनम यादव, नम्रता मालवीय आदि शामिल रहीं।
सीएमओ ने मांगी माफी, तब बनी बात
सीएमओ डॉ. राजेश झा ने कहा कि धरना देने के लिए उन्होंने किसी को मना नहीं किया है। जो भी मांगें हैं, उनके स्तर पर पूरी होने वाली नहीं हैं। ऐसे में सही मंच पर ही अपनी बात रखें। जिस भी आशा कार्यकर्ता ने जो काम किया है और उनका बकाया है, धन अवमुक्त होते ही उन्हें उपलब्ध करा दिया जाएगा। कहा कि उन्होंने या उनके ड्राइवर ने धरना दे रही आशा कार्यकर्ताओं को कार्यालय गेट के सामने से हटने को कहा था। अगर किसी को उनकी बात बुरी लगी है तो वह इसके लिए क्षमाप्रार्थी हैं।
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देवरिया। अपनी मांगों के समर्थन में दो दिनों से धरना दे रहीं आशा कार्यकर्ताओं का गुस्सा मंगलवार को फूट पड़ा। उन्होंने सीएमओ कार्यालय में ही ताला लगा दिया। इससे एक घंटे तक कोविड से निपटने की तैयारियों में जुटे अधिकारी अंदर की बंद रहे। इससे गहमागहमी की स्थिति बनी रही। मौके पर आशा कार्यकर्ताओं ने सीएमओ व उनके ड्राइवर पर धरनारत कर्मियों से दुर्व्यवहार करने का भी आरोप लगाया। पुलिस के पहुंचने पर उन्हें समझाकर शांत किया गया।
उत्तर प्रदेश आशा वर्कर्स यूनियन की जिला इकाई की ओर से सोमवार से ही सीएमओ कार्यालय में मानदेय बढ़ाने, स्वास्थ्य बीमा सहित अन्य मांगों के लिए धरना चल रहा है। मंगलवार को भी धरना जारी रहा। कार्यालय के प्रवेशद्वार पर ही धरना दे रहे कर्मचारियों को सीएमओ ने आने के बाद किनारे बैठकर धरना देने के लिए कहा। इसी बात पर दोनों पक्षों में ठन गई। कुछ देर तक असहज स्थिति भी बनी रही। धरने का नेतृत्व कर रहीं संगठन की प्रदेश पदाधिकारी साधना पांडेय, जिलाध्यक्ष सविता देवी, मंडल अध्यक्ष सीमा तिवारी ने आरोप लगाया कि सीएमओ व उनके ड्राइवर ने महिलाओं के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल कर धरनास्थल से हट जाने के लिए कहा।
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इससे नाराज कार्यकर्ताओं ने कार्यालय के मुख्य द्वार पर लगे चैनल में ताला डाल दिया। इससे कोई अंदर नहीं जा सका। कई लोग अंदर ही फंस गए। मॉकडिल के बाद स्वास्थ्य अधिकारी सीएमओ के नेतृत्व में इसी दौरान बैठक कर रहे थे। तालाबंदी से उनके लिए मंगाया गया समोसा व चाय भी समय से नसीब नहीं हो सका। हंगामा बढ़ते देख पुलिस पहुंची और आशा कार्यकर्ताओं को 15 मिनट तक समझाया।
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उसके बाद वे ताला खोलने के लिए राजी हुई। उसके बाद पुलिस की पहल से हुई वार्ता के लिए संगठन के पदाधिकारी सीएमओ कार्यालय के अंदर पहुंचे और जनपदीय अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्याएं रखीं। हालांकि कार्यालय में भी वार्ता के दौरान कुछ देर तक माहौल गरम ही रहा। धरने में एक्टू के जिला सचिव शंभूनाथ तिवारी, आशा संगठन की जिला सचिव संगीता तिवारी उपाध्यक्ष संगीता पांडेय, कंचन मिश्रा, सत्या तिवारी, पूनम यादव, नम्रता मालवीय आदि शामिल रहीं।
सीएमओ ने मांगी माफी, तब बनी बात
सीएमओ डॉ. राजेश झा ने कहा कि धरना देने के लिए उन्होंने किसी को मना नहीं किया है। जो भी मांगें हैं, उनके स्तर पर पूरी होने वाली नहीं हैं। ऐसे में सही मंच पर ही अपनी बात रखें। जिस भी आशा कार्यकर्ता ने जो काम किया है और उनका बकाया है, धन अवमुक्त होते ही उन्हें उपलब्ध करा दिया जाएगा। कहा कि उन्होंने या उनके ड्राइवर ने धरना दे रही आशा कार्यकर्ताओं को कार्यालय गेट के सामने से हटने को कहा था। अगर किसी को उनकी बात बुरी लगी है तो वह इसके लिए क्षमाप्रार्थी हैं।