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Deoria News: मेडिकल कॉलेज में स्थापित होगा एक और ऑक्सीजन प्लांट
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मेडिकल कॉलेज में स्थापित होगा एक और ऑक्सीजन प्लांट
देवरिया। मेडिकल कॉलेज में लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट स्थापित होगा। इसके लिए लाइसेंस जारी कर दिया गया है। बीस हजार लीटर की क्षमता के प्लांट पर लगभग 70 से 80 लाख रुपये की लागत आएगी। इसके लिए भूमि चिह्नित कर ली गई है। 15 दिन के अंदर निर्माण शुरू हो जाएगा। इसके चालू होने पर ऑक्सीजन की कमी नहीं होगी। बिजली न रहने पर भी पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा सकेगी।
महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट (एलएमओ) के लिए इमरजेंसी तथा नए भवन के बीच में भूमि चिह्नित कर लिया गया है। यह प्लांट तकरीबन 2700 स्क्वायर फीट में बनाया जाएगा। इसकी क्षमता 20 हजार लीटर होगी। लिक्विड ऑक्सीजन के लिए टैंक स्थापित किए जाएंगे। प्लांट से टैंकर से लाकर भरा जाएगा। इसके शुरू होने पर नए भवन में स्थापित वार्डों के करीब दो सौ बेडों, एमसीएच विंग के सौ बेड तथा इमरजेंसी के सोलह बेड के लिए ऑक्सीजन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहेगी।
वहीं, प्रस्तावित 70 बेड के क्रिटिकल केयर यूनिट में भी सप्लाई की जाएगी। लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट के लिए पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोसिवस सेफ्टी आर्गेनाइजेशन पीईएसओ से लाइसेंस लिया जाता है। इसी का इंतजार था, जो मिल चुका है। इस समय पीएसए प्लांट (प्रेशर स्विंग आपरेटस प्लांट) के जरिए ऑक्सीजन की आपूर्ति की जाती है। इसके रख-रखाव तथा बिजली बिल पर अधिक धन खर्च होता है। इसके चलने पर आवाज होती है। वहीं, बिजली न रहने पर जेनरेटर चलाना पड़ता है। एलएमओ लगने से हर समय बैकअप रहेगा। दिन में पीएसए तथा रात में शोर न हो इस लिए एलएमओ प्लांट से सप्लाई करने की कार्ययोजना बनाई गई है। पीएसए प्लांट के बंद होने पर इस प्लांट से ऑक्सीजन की सप्लाई बिना किसी रुकावट के होगी।
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नए भवन व एमसीएच में सप्लाई की है व्यवस्था
लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट से नए भवन के वार्डों, इमरजेंसी तथा एमसीएच विंग में ऑक्सीजन की सप्लाई के लिए पहले से पाइप लाइन बिछा दी गई है। उसके मेन फोर्ट को खोल दिया गया है। एलएमओ प्लांट स्थापित होने के बाद लाइन को कनेक्ट कर दिया जाएगा।
तीन पीएसए प्लांट हैं क्रियाशील
देवरिया। मेडिकल कॉलेज में पांच पीएसए प्लांट हैं। इसमें दो खराब है, जबकि एमसीएच विंग व महिला अस्पताल परिसर में स्थापित एक-एक हजार लीटर प्रति मिनट के तीन प्लांट क्रियाशील हैं। जबकि 85 लीटर प्रति मिनट तथा पांच एलपीएम क्षमता का प्लांट खराब है।
मेडिकल कॉलेज में 20 हजार लीटर क्षमता का लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किया जाएगा। इसके लिए लाइसेंस मिल गया है। 15 दिन के अंदर निर्माण शुरू कर हो जाएगा, जो करीब दो माह में पूरा हो जाएगा। प्लांट के शुरू होने से ऑक्सीजन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहेगी।
- डॉ. एचके मिश्रा, प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधीक्षक
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देवरिया। मेडिकल कॉलेज में लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट स्थापित होगा। इसके लिए लाइसेंस जारी कर दिया गया है। बीस हजार लीटर की क्षमता के प्लांट पर लगभग 70 से 80 लाख रुपये की लागत आएगी। इसके लिए भूमि चिह्नित कर ली गई है। 15 दिन के अंदर निर्माण शुरू हो जाएगा। इसके चालू होने पर ऑक्सीजन की कमी नहीं होगी। बिजली न रहने पर भी पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा सकेगी।
महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट (एलएमओ) के लिए इमरजेंसी तथा नए भवन के बीच में भूमि चिह्नित कर लिया गया है। यह प्लांट तकरीबन 2700 स्क्वायर फीट में बनाया जाएगा। इसकी क्षमता 20 हजार लीटर होगी। लिक्विड ऑक्सीजन के लिए टैंक स्थापित किए जाएंगे। प्लांट से टैंकर से लाकर भरा जाएगा। इसके शुरू होने पर नए भवन में स्थापित वार्डों के करीब दो सौ बेडों, एमसीएच विंग के सौ बेड तथा इमरजेंसी के सोलह बेड के लिए ऑक्सीजन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहेगी।
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वहीं, प्रस्तावित 70 बेड के क्रिटिकल केयर यूनिट में भी सप्लाई की जाएगी। लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट के लिए पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोसिवस सेफ्टी आर्गेनाइजेशन पीईएसओ से लाइसेंस लिया जाता है। इसी का इंतजार था, जो मिल चुका है। इस समय पीएसए प्लांट (प्रेशर स्विंग आपरेटस प्लांट) के जरिए ऑक्सीजन की आपूर्ति की जाती है। इसके रख-रखाव तथा बिजली बिल पर अधिक धन खर्च होता है। इसके चलने पर आवाज होती है। वहीं, बिजली न रहने पर जेनरेटर चलाना पड़ता है। एलएमओ लगने से हर समय बैकअप रहेगा। दिन में पीएसए तथा रात में शोर न हो इस लिए एलएमओ प्लांट से सप्लाई करने की कार्ययोजना बनाई गई है। पीएसए प्लांट के बंद होने पर इस प्लांट से ऑक्सीजन की सप्लाई बिना किसी रुकावट के होगी।
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नए भवन व एमसीएच में सप्लाई की है व्यवस्था
लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट से नए भवन के वार्डों, इमरजेंसी तथा एमसीएच विंग में ऑक्सीजन की सप्लाई के लिए पहले से पाइप लाइन बिछा दी गई है। उसके मेन फोर्ट को खोल दिया गया है। एलएमओ प्लांट स्थापित होने के बाद लाइन को कनेक्ट कर दिया जाएगा।
तीन पीएसए प्लांट हैं क्रियाशील
देवरिया। मेडिकल कॉलेज में पांच पीएसए प्लांट हैं। इसमें दो खराब है, जबकि एमसीएच विंग व महिला अस्पताल परिसर में स्थापित एक-एक हजार लीटर प्रति मिनट के तीन प्लांट क्रियाशील हैं। जबकि 85 लीटर प्रति मिनट तथा पांच एलपीएम क्षमता का प्लांट खराब है।
मेडिकल कॉलेज में 20 हजार लीटर क्षमता का लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किया जाएगा। इसके लिए लाइसेंस मिल गया है। 15 दिन के अंदर निर्माण शुरू कर हो जाएगा, जो करीब दो माह में पूरा हो जाएगा। प्लांट के शुरू होने से ऑक्सीजन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहेगी।
- डॉ. एचके मिश्रा, प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधीक्षक