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Deoria News: पशु और शराब तस्करों पर कसेगी नकेल, तीसरी आंख से निगरानी
Sun, 21 Dec 2025 11:40 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Sun, 21 Dec 2025 11:40 PM IST
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देवरिया। पशु और शराब तस्करों को रोकने के लिए पूरे जिले में संवेदनशील 15 प्वाइंटों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने का निर्णय पुलिस विभाग ने लिया था। इसके तहत शनिवार को सलेमपुर कोतवाली क्षेत्र के हरैया मोड पर पुलिस ने सीसीटीवी कैमरा लगवा दिया।
इसकी मॉनीटरिंग संबंधित इलाके के सीओ करेंगे। इसके अलावा दोनों अपर पुलिस अधीक्षक अपने-अपने क्षेत्र का सुपर विजन करेंगे। जैसे ही कोई संदिग्ध गाड़ी दिखेगी सीओ उस इलाके के एसओ के साथ समन्वय बनाकर पशु या शराब तस्करों को पकड़ेंगे।
जिले में गोरखपुर और आजमगढ़ की तरफ से गोवंशों से लदी गाड़ियां आ रही हैं। सबसे अधिक तस्करी रामजानकी मार्ग से हो रही है। बरहज, सलेमपुर, लार, मईल, खामपार, श्रीरामपुर, बनकटा और बघौचघाट थाना क्षेत्र पशु तस्करी के लिहाज से सबसे संवेदनशील माने जाते हैं। जिले के दक्षिणी हिस्से में करीब 300 और उत्तरी हिस्से में लगभग 200 पशु तस्कर चिह्नित कर उनकी निगरानी हो रही है।
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स्थानीय तस्करों की धरपकड़ बढ़ी तो अब बाहरी जिलों के तस्करों ने पुलिस के सामने चुनौती बढ़ा दी है। हाल ही में आजमगढ़ और जौनपुर के पशु तस्करों की गिरफ्तारी के साथ ही गैंगस्टर तक की कार्रवाई हुई है। इसके बावजूद पशु तस्करी के मामले बढ़ते जा रहे हैं। इनसे निपटने के लिए पुलिस ने फिर रणनीति बदली है।
इस बार जिले में प्रवेश करने और जिले से बिहार की तरफ जाने वाले ऐसे सभी रास्ते जिनसे होकर पशु तस्करों की गाड़ियां जा सकती हैं, उनको चिह्नित किया गया है। इसमें सलेमपुर कोतवाली क्षेत्र के हरैया मोड, लार क्षेत्र के सहजौर चौराहा, चनुकी पुल व मेहरौना घाट, खुखुंदू के नूनखार, कोल्हूआं, भटनी के सल्लहपुर, बलुआ अफगान व लक्ष्मीपुर समेत कई संवेदनशील प्वाइंट भी चिह्नित किए गए हैं।
इन चिह्नित जगहों पर पुलिस सीसीटीवी कैमरा लगनी शुरू हो गई है। शनिवार को सलेमपुर कोतवाली क्षेत्र के हरैया मोड़ पर तीन कैमरा लगाया गया। रविवार को लार थाना क्षेत्र के सहजौर चौराहे, चनुकी पुल व मेहरौना घाट पर आईपी कैमरे लगाए गए।
इन सीसीटीवी कैमरों को सीओ ऑफिस में बने कंट्रोल रूम से मॉनीटर किया जाएगा। सभी सीओ अपने क्षेत्र में लगे कैमरों पर नियमित नजर रखेंगे। सभी प्वाइंट पर पुलिस कर्मियों की 24 घंटे ड्यूटी रहेगी।
पुलिस पिकेट पर तैनात पुलिसकर्मियों की भी ड्यूटी लगातार बदली जाएगी, जिससे कि पशु तस्करों से गठजोड़ की कोई गुंजाइश न रहे।
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इसकी मॉनीटरिंग संबंधित इलाके के सीओ करेंगे। इसके अलावा दोनों अपर पुलिस अधीक्षक अपने-अपने क्षेत्र का सुपर विजन करेंगे। जैसे ही कोई संदिग्ध गाड़ी दिखेगी सीओ उस इलाके के एसओ के साथ समन्वय बनाकर पशु या शराब तस्करों को पकड़ेंगे।
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जिले में गोरखपुर और आजमगढ़ की तरफ से गोवंशों से लदी गाड़ियां आ रही हैं। सबसे अधिक तस्करी रामजानकी मार्ग से हो रही है। बरहज, सलेमपुर, लार, मईल, खामपार, श्रीरामपुर, बनकटा और बघौचघाट थाना क्षेत्र पशु तस्करी के लिहाज से सबसे संवेदनशील माने जाते हैं। जिले के दक्षिणी हिस्से में करीब 300 और उत्तरी हिस्से में लगभग 200 पशु तस्कर चिह्नित कर उनकी निगरानी हो रही है।
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स्थानीय तस्करों की धरपकड़ बढ़ी तो अब बाहरी जिलों के तस्करों ने पुलिस के सामने चुनौती बढ़ा दी है। हाल ही में आजमगढ़ और जौनपुर के पशु तस्करों की गिरफ्तारी के साथ ही गैंगस्टर तक की कार्रवाई हुई है। इसके बावजूद पशु तस्करी के मामले बढ़ते जा रहे हैं। इनसे निपटने के लिए पुलिस ने फिर रणनीति बदली है।
इस बार जिले में प्रवेश करने और जिले से बिहार की तरफ जाने वाले ऐसे सभी रास्ते जिनसे होकर पशु तस्करों की गाड़ियां जा सकती हैं, उनको चिह्नित किया गया है। इसमें सलेमपुर कोतवाली क्षेत्र के हरैया मोड, लार क्षेत्र के सहजौर चौराहा, चनुकी पुल व मेहरौना घाट, खुखुंदू के नूनखार, कोल्हूआं, भटनी के सल्लहपुर, बलुआ अफगान व लक्ष्मीपुर समेत कई संवेदनशील प्वाइंट भी चिह्नित किए गए हैं।
इन चिह्नित जगहों पर पुलिस सीसीटीवी कैमरा लगनी शुरू हो गई है। शनिवार को सलेमपुर कोतवाली क्षेत्र के हरैया मोड़ पर तीन कैमरा लगाया गया। रविवार को लार थाना क्षेत्र के सहजौर चौराहे, चनुकी पुल व मेहरौना घाट पर आईपी कैमरे लगाए गए।
इन सीसीटीवी कैमरों को सीओ ऑफिस में बने कंट्रोल रूम से मॉनीटर किया जाएगा। सभी सीओ अपने क्षेत्र में लगे कैमरों पर नियमित नजर रखेंगे। सभी प्वाइंट पर पुलिस कर्मियों की 24 घंटे ड्यूटी रहेगी।
पुलिस पिकेट पर तैनात पुलिसकर्मियों की भी ड्यूटी लगातार बदली जाएगी, जिससे कि पशु तस्करों से गठजोड़ की कोई गुंजाइश न रहे।